Jammu Kashmir

पहली बरसी से पहले पहलगाम में ‘स्मार्ट सुरक्षा’… एक स्कैन में खुलेगी आतंकियों की कुंडली… पाक की साजिशें होंगी नाकाम

Satya Report: जम्मू और कश्मीर के अधिकारियों ने पहलगाम में पर्यटकों की सुरक्षा के लिए सभी टूरिस्ट सर्विस प्रोवाइडर के लिए एक QR कोड-आधारित पहचान प्रणाली शुरू की है. 2025 में लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवादियों के जानलेवा हमले से पहलगाम दहल गया था. अधिकारियों के मुताबिक, ये सिस्टम असली और रजिस्टर्ड सेवा प्रदाताओं की आसान पहचान और सत्यापन को संभव बनाती है, जिनमें टट्टू-सवारी संचालक, फेरीवाले, व्यावसायिक प्रतिष्ठान, साथ ही बाहरी विक्रेता शामिल हैं.

पहली बरसी से पहले पहलगाम में ‘स्मार्ट सुरक्षा’… एक स्कैन में खुलेगी आतंकियों की कुंडली… पाक की साजिशें होंगी नाकाम
पहली बरसी से पहले पहलगाम में ‘स्मार्ट सुरक्षा’… एक स्कैन में खुलेगी आतंकियों की कुंडली… पाक की साजिशें होंगी नाकाम

इस पहल को अधिकारियों ने एक बड़ा कदम बनाया है. ऐसे में अनंतनाग जिले के इस लोकप्रिय पर्यटन स्थल पर आने वाले लोगों का विश्वास बना रहे. पिछले साल 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले से पूरे देश में गम का माहौल था. इस हमले में कुल 26 लोगों की जान चली गई थी. ये हमला बैसरन के घास के मैदान में हुआ था.

मोबाइल फोन से कोड कर सकेंगे स्कैन

एक अधिकारी के मुताबिक, हर सर्विस प्रोवाइडर की पुलिस की टीम ने ठीक से जांच की है. अधिकारियों ने इसका रजिस्ट्रेशन किया है और उसे एक QR कोड दिया गया है, जिसमें उस शख्स के बारे में व्यक्तिगत जानकारी और दूसरी डीटेल्स शामिल हैं.

अधिकारियों ने बताया कि जब टूरिस्ट अपने मोबाइल फोन से इस कोड को स्कैन करते हैं, तो वे संबंधित शख्स के बारे में पूरी जानकारी देख सकते हैं. उन्होंने कहा कि ये पहल एक उचित और रजिस्टर्ड पहचान प्रणाली के रूप में काम करती है. ये धोखाधड़ी पर अंकुश लगाएगी और ये सुनिश्चित करेगी कि कोई भी ऐसा शख्स न काम कर रहा हो जो यहां रजिस्टर्ड न हो और टूरिस्ज के प्लेस पर काम करने का दावा करे.

ये सिस्टम टूरिस्ट प्रोवाइडर की पहचान करने में मदद करती है और यह सुनिश्चित करती है कि कोई भी आने वाला किसी अधिकृत सेवा प्रदाता के साथ ही व्यवहार कर रहे हैं. किसी शख्स पर भरोसा करने से पहले, पर्यटक QR कोड को स्कैन कर सकते हैं और उस शख्स के बारे में डीटेल्स देख सकते हैं. इससे उन्हें सर्विस प्रोवाइडर की साख को सत्यापित करने में मदद मिलेगी और इससे उनका विश्वास बढ़ेगा और सुरक्षा का माहौल भी बेहतर होगा.

contact.satyareport@gmail.com

Leave a Reply