बांसवाड़ा के विधायक जयकृष्ण पटेल पर फर्जी बीए डिग्री के आधार पर नौकरी पाने के आरोप में एसओजी ने मामला दर्ज किया है। एक ही समय में कई डिग्रियों के दावे और पुराने विवादों ने उनकी मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।

एक ही समय में तीन-तीन डिग्रियों का दावा
एसओजी के अनुसार प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि जयकृष्ण पटेल ने एक ही शैक्षणिक सत्र के दौरान राजस्थान, गुजरात और सिक्किम की विभिन्न विश्वविद्यालयों से स्नातक (बीए) की डिग्रियां प्राप्त करने का दावा किया था। जांच एजेंसी का आरोप है कि शिक्षक भर्ती के समय अधिक अंक दर्शाने वाली डिग्री का उपयोग कर सरकारी शिक्षक पद पर नियुक्ति हासिल की गई।
शिक्षा और डिग्रियों पर गंभीर सवाल
जांच में यह भी सामने आया है कि पटेल ने वर्ष 2007 से 2010 के बीच राजस्थान की सुखाड़िया विश्वविद्यालय में नियमित छात्र के रूप में अध्ययन किया था। इसी दौरान सिक्किम स्थित ईआईआईएलएम यूनिवर्सिटी से भी बीए की डिग्री प्राप्त करने का दावा किया गया। इसके अलावा वर्ष 2012 में गुजरात की कालोरेक्स टीचर्स यूनिवर्सिटी से एक अन्य बीए डिग्री हासिल करने के दस्तावेज भी प्रस्तुत किए गए। आरोप है कि इन शैक्षणिक प्रमाण-पत्रों के आधार पर सरकारी सेवा प्राप्त की गई और कई वर्षों तक सरकारी शिक्षक के रूप में कार्य करते हुए वेतन लिया गया। वर्ष 2023 में विधायक बनने से पहले जयकृष्ण पटेल ने सरकारी सेवा से इस्तीफा दे दिया था।
चुनावी हलफनामे भी जांच के घेरे में
सूत्रों के अनुसार, विधानसभा चुनाव और बाद के उपचुनाव के दौरान दाखिल किए गए शपथ पत्रों में भी संबंधित डिग्रियों का उल्लेख किया गया था। जांच एजेंसियां अब इन दस्तावेजों की भी पड़ताल कर रही हैं। एसओजी ने पटेल के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और कूटरचित दस्तावेज तैयार करने सहित विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज किया है।
पहले भी विवादों में रहे विधायक
जयकृष्ण पटेल इससे पहले वर्ष 2025 में भी चर्चा में रहे थे। राजस्थान भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने उन्हें विधानसभा में प्रश्न लगाने के बदले कथित रूप से रिश्वत मांगने और लेने के आरोप में गिरफ्तार किया था। उस मामले में वे करीब तीन महीने तक जेल में भी रहे थे।



