Bhandara Gender Determination Ban News: भंडारा जिले में पीसीपीएनडीटी गर्भधारण पूर्व और प्रसव पूर्व निदान तकनीक अधिनियम के कड़ाई से कार्यान्वयन के लिए जिला शल्य चिकित्सक डॉ। संदीप कुमार गजभिये की अध्यक्षता में जिला सलाहकार समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में कुल 10 विभिन्न प्रस्तावों पर विस्तृत चर्चा की गई, जिसके बाद उन्हें सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया।

बैठक के दौरान चिकित्सा विशेषज्ञों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट किया कि गर्भलिंग परीक्षण करना और यह पता चलने पर कि गर्भ में लड़की है, उसका गर्भपात कराना कानूनन एक संगीन अपराध है। इतना ही नहीं, गर्भलिंग परीक्षण के लिए किसी को उकसाना, प्रेरित करना या प्रत्यक्षअप्रत्यक्ष रूप से इस प्रक्रिया में सहायता करना भी कानून के दायरे में दंडनीय अपराध है।प्रशासन ने इस अवैध प्रथा को रोकने के लिए एक विशेष प्रोत्साहन योजना की जानकारी साझा की।
कानून का उल्लंघन
यदि किसी व्यक्ति को संदेह होता है कि किसी सोनोग्राफी सेंटर या डॉक्टर की ओर से किया जा रहा है और वह इसकी सटीक सूचना देता है, तो उस व्यक्ति को 1 लाख रुपये का नकद पुरस्कार दिया जाएगा। यह राशि सूचना सही पाए जाने और न्यायालय में मामला दर्ज होने के बाद प्रदान की जाएगी। प्रशासन ने यह भी भरोसा दिलाया है कि सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
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टोल फ्री नंबर 104 और वेबसाइट
अवैध गर्भलिंग निदान और गर्भपात की शिकायतों के लिए प्रशासन ने हेल्पलाइन नंबर 18002334475, टोल फ्री नंबर 104 और वेबसाइट amchimulgi.maha।in जारी की है, जिस पर नागरिक अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इस बैठक में डॉ. दीप्ति डोकरीमारे, कानूनी सलाहकार एड.विनोद भोले, रेडियोलॉजिस्ट डॉ. वीरेंद्र कुकडे और सामाजिक कार्यकर्ता मृणाल मुनिश्वर व रेणुका उंबारकर प्रमुख रूप से उपस्थित थे।



