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बच्चों की सेहत पर सख्ती : स्कूलों के 50 मीटर दायरे में जंक फूड बिक्री पर रोक, महाराष्ट्र के बाद इस राज्य में बड़ा फैसला

नई दिल्ली/बेंगलुरु : बच्चों की सेहत को ध्यान में रखते हुए कर्नाटक के खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने स्कूलों और कॉलेजों के 50 मीटर के दायरे में अधिक फैट, चीनी और नमक वाले खाद्य पदार्थों की बिक्री पर रोक लगाने संबंधी एडवाइजरी जारी की है। विभाग ने हेल्दी फूड को बढ़ावा देने और खाद्य सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए हैं।

बच्चों की सेहत पर सख्ती : स्कूलों के 50 मीटर दायरे में जंक फूड बिक्री पर रोक, महाराष्ट्र के बाद इस राज्य में बड़ा फैसला

यह एडवाइजरी जुलाई में राज्य के 134 स्कूलों और कॉलेजों के आसपास स्थित खाद्य प्रतिष्ठानों के निरीक्षण के बाद जारी की गई। जांच के दौरान खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, साफसफाई, फूड सेफ्टी मानकों का पालन, लेबलिंग, एक्सपायर्ड उत्पादों की बिक्री तथा लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन की वैधता की जांच की गई।

एफएसडीए ने बताया कि कई स्कूलों और कॉलेजों के आसपास स्थित खाद्य प्रतिष्ठानों में अधिक फैट, चीनी और नमक वाले खाद्य पदार्थ बेचे जा रहे थे। निरीक्षण के निष्कर्षों के आधार पर 24 जुलाई को जारी एडवाइजरी में ऐसे खाद्य पदार्थों की बिक्री पर रोक लगाने, पौष्टिक भोजन को बढ़ावा देने और सभी फूड बिजनेस ऑपरेटरों को खाद्य सुरक्षा नियमों का पालन करने के निर्देश दिए गए।

विभाग ने राज्य के सभी जिला अधिकारियों और फूड सेफ्टी अधिकारियों को एडवाइजरी को प्रभावी ढंग से लागू करने तथा स्कूलकॉलेज प्रबंधन, खाद्य कारोबारियों और आम लोगों के बीच जागरूकता फैलाने के निर्देश दिए हैं।

एफएसडीए ने स्कूलों के आसपास संचालित सभी खाद्य दुकानों को फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट, 2006 के तहत लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन अनिवार्य रूप से कराने को कहा है। साथ ही अधिकारियों को नियमित निरीक्षण करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

विभाग ने स्पष्ट किया है कि फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट, 2006 और संबंधित नियमों का उल्लंघन करने पर सुधार नोटिस जारी किया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर लाइसेंस निलंबित या रद्द किया जा सकता है, खाद्य उत्पाद जब्त किए जा सकते हैं और कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।

निरीक्षण के दौरान यह भी पाया गया कि कुछ स्कूलों में बच्चों को दिए जा रहे भोजन में सफेद ब्रेड, पास्ता और प्रोसेस्ड स्नैक जैसे रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट की मात्रा अधिक थी। एफएसडीए ने चेतावनी दी कि ऐसे खाद्य पदार्थों से ब्लड शुगर तेजी से बढ़ सकता है और बच्चों की ऊर्जा व एकाग्रता प्रभावित हो सकती है।

एडवाइजरी में स्कूलों को भोजन में साबुत अनाज, दालें, मोटे अनाज , दूध, अंडे तथा ताजे और मौसमी खाद्य पदार्थों को शामिल करने की सलाह दी गई है। साथ ही जरूरत के अनुसार फोर्टिफाइड गेहूं का आटा, चावल, दूध, खाद्य तेल और डबल फोर्टिफाइड नमक के उपयोग की भी सिफारिश की गई है, बशर्ते फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स रेगुलेशंस, 2018 के मानकों का पालन किया जाए।

स्कूल प्रबंधन को यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि परिसर में जंक फूड की बिक्री न हो और प्रमुख स्थानों पर जागरूकता एवं चेतावनी संबंधी सूचना बोर्ड लगाए जाएं।

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