
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के कैंपियरगंज क्षेत्र में एक कंप्यूटर सेंटर के शिक्षक पर छात्रा के साथ अशोभनीय व्यवहार करने का आरोप लगा है। आरोप है कि क्लास खत्म होने के बाद शिक्षक ने छात्रा को अतिरिक्त क्लास के बहाने सेंटर में रोक लिया था। इसी दौरान छात्रा के भाई को इसकी जानकारी मिली तो वह अपने कुछ साथियों के साथ सेंटर पहुंच गया।
परिजनों के मुताबिक, भाई ने शिक्षक को छात्रा के साथ आपत्तिजनक स्थिति में देखा। इसके बाद वहां विवाद हो गया और शिक्षक के साथ मारपीट भी की गई। घटना के बाद पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया और आरोपी शिक्षक जगदीश चौरसिया को हिरासत में लेकर जांच शुरू कर दी।
क्लास खत्म होने के बाद छात्रा को रोकने का आरोप
मामला कैंपियरगंज थाना क्षेत्र के सोमहिया स्थित एक कंप्यूटर सेंटर का बताया जा रहा है। यहां करीब 40 छात्र-छात्राएं कंप्यूटर की पढ़ाई करते हैं।
बताया गया कि 9 सितंबर को नियमित क्लास खत्म होने के बाद शिक्षक ने एक छात्रा को सेंटर में रोक लिया। छात्रा के परिवार की ओर से आरोप लगाया गया कि अतिरिक्त क्लास के नाम पर उसे रोकने के बाद शिक्षक ने उसके साथ अनुचित व्यवहार किया।
जब इस बारे में छात्रा के भाई को जानकारी मिली तो वह कुछ युवकों के साथ कंप्यूटर सेंटर पहुंच गया।
भाई ने शिक्षक से पूछे सवाल
सेंटर पहुंचने के बाद छात्रा के भाई ने शिक्षक से सवाल किया कि क्लास खत्म होने के बाद छात्रा को वहां क्यों रोका गया था। इसी दौरान दोनों पक्षों के बीच विवाद बढ़ गया।
परिजनों के मुताबिक, भाई और उसके साथ आए युवकों ने शिक्षक की पिटाई कर दी। घटना के बाद मामले की जानकारी पुलिस को दी गई।
पुलिस ने शिक्षक को हिरासत में लिया
मामले की जानकारी पुलिस तक पहुंचने के बाद कैंपियरगंज थाना पुलिस ने कार्रवाई शुरू की। पीड़ित पक्ष की शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया और आरोपी शिक्षक को हिरासत में लिया गया।
पुलिस अब छात्रा और उसके परिवार के बयान दर्ज करने के साथ-साथ सेंटर में हुई पूरी घटना की परिस्थितियों की जांच कर रही है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि छात्रा को अतिरिक्त क्लास के नाम पर रोकने के पीछे वास्तविक वजह क्या थी।
जांच के बाद सामने आएगी पूरी सच्चाई
आरोपी शिक्षक से पूछताछ की जा रही है और शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि के लिए साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
फिलहाल पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लिया है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी। छात्रा की पहचान को सार्वजनिक नहीं किया गया है।



