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सिर्फ​​​​​​ हल्दी और मिर्च से बना दी इतनी विशाल पेंटिंग कि दर्ज हो गया विश्व रिकॉर्ड, कर्नाटक की विरासत को दिया अनोखा सम्मान

सिर्फ​​​​​​ हल्दी और मिर्च से बना दी इतनी विशाल पेंटिंग कि दर्ज हो गया विश्व रिकॉर्ड, कर्नाटक की विरासत को दिया अनोखा सम्मान

धारवाड़, कर्नाटक: रसोई में इस्तेमाल होने वाली हल्दी और मिर्च पाउडर से आमतौर पर खाने का स्वाद बढ़ाया जाता है, लेकिन एक कलाकार ने इन्हीं दो मसालों को अपनी कला का माध्यम बनाकर दुनिया को हैरान कर दिया। 29 वर्षीय अमर काले ने इनसे 175.82 वर्ग मीटर में फैली विशाल पेंटिंग तैयार की, जिसे गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में जगह मिली। उनकी इस कलाकृति में कर्नाटक की सांस्कृतिक पहचान और ऐतिहासिक विरासत को दर्शाया गया है।

करीब 1,893 वर्ग फुट में फैली है पेंटिंग

अमर काले ने 27 जनवरी, 2026 को कर्नाटक के धारवाड़ में यह अनोखी पेंटिंग बनाई। इसका कुल क्षेत्रफल 175.82 वर्ग मीटर यानी लगभग 1,892.5 वर्ग फुट बताया गया है। आकार के लिहाज से यह करीब एक टेनिस कोर्ट के दो-तिहाई हिस्से के बराबर है।

इस उपलब्धि के जरिए अमर ने केवल एक नया रिकॉर्ड बनाने की कोशिश नहीं की, बल्कि अपने राज्य की कला, संस्कृति और ऐतिहासिक धरोहर को अलग अंदाज में दुनिया के सामने पेश करने का प्रयास किया।

दो मसालों से उकेरी कर्नाटक की पहचान

इस विशाल कलाकृति को तैयार करने के लिए अमर ने किसी पारंपरिक रंग का इस्तेमाल नहीं किया। उन्होंने केवल हल्दी और मिर्च पाउडर से पेंटिंग बनाई। इसमें कर्नाटक की रूपरेखा के साथ प्रसिद्ध ‘हम्पी रथ’ को दर्शाया गया है, जो राज्य की ऐतिहासिक और स्थापत्य विरासत का एक प्रमुख प्रतीक है।

अमर के मुताबिक, कर्नाटक अपनी समृद्ध संस्कृति के साथ मसालों के लिए भी जाना जाता है। इसी वजह से उन्होंने रसोई में आसानी से मिलने वाली इन चीजों को कला का माध्यम चुना। उनका उद्देश्य यह दिखाना था कि साधारण घरेलू सामग्री से भी ऐसी कलाकृति बनाई जा सकती है, जो लोगों का ध्यान आकर्षित करे और सांस्कृतिक विरासत को नई पहचान दे।

5 किलो मिर्च और 6 किलो हल्दी का इस्तेमाल

रिपोर्ट के मुताबिक, अमर ने पेंटिंग बनाने में करीब 5 किलोग्राम मिर्च पाउडर और 6 किलोग्राम हल्दी पाउडर का इस्तेमाल किया। उन्होंने बचे हुए मसालों को दान कर दिया, ताकि सामग्री बर्बाद न हो।

अमर का कहना है कि यह कलाकृति उनके लिए महज रिकॉर्ड बनाने का जरिया नहीं है। वह इसे कर्नाटक की कला, संस्कृति और ऐतिहासिक धरोहर के प्रति अपनी श्रद्धांजलि मानते हैं।

इंजीनियरिंग से कला तक का सफर

अमर को बचपन से ही पेंटिंग बनाने का शौक था। हालांकि, उन्होंने मैकेनिकल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा पूरा किया और इस क्षेत्र में अपना करियर भी बनाया। बाद में कला के प्रति उनका जुनून इतना बढ़ा कि उन्होंने अपना अधिक ध्यान पेंटिंग पर केंद्रित कर दिया।

उनका सफर बताता है कि किसी व्यक्ति की रचनात्मक रुचि उसके पेशे से अलग हो सकती है और लगातार प्रयास से वही रुचि बड़ी उपलब्धि का रास्ता भी बन सकती है।

पहले भी अपने नाम कर चुके हैं रिकॉर्ड

अमर इससे पहले भी अनोखी कलात्मक उपलब्धियों के कारण चर्चा में रह चुके हैं। रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2021 में उन्होंने एक मिनट में हाथ से 98 निशान बनाकर विश्व रिकॉर्ड बनाया था। बाद में भारत के ही दिनेश गुप्ता ने 99 निशान बनाकर उस रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया।

इसके अलावा, अमर ने मुंह से बनाई गई सबसे बड़ी पेंटिंग का रिकॉर्ड भी अपने नाम किया था। अब हल्दी और मिर्च पाउडर से तैयार उनकी विशाल कलाकृति ने उनके कलात्मक सफर में एक और उपलब्धि जोड़ दी है।

सत्य रिपोर्ट डिस्क्लेमर: यह लेख उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों के आधार पर तैयार किया गया है। रिकॉर्ड और पेंटिंग से संबंधित विवरणों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है।

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