
यह कहानी एक ऐसे परिवार की है, जहां रिश्तों पर भरोसा धीरे-धीरे एक खौफनाक साजिश में बदल गया। एक शादीशुदा व्यक्ति अपनी पत्नी की छोटी बहन को गलत नजरों से देखने लगा। शुरुआत में उसने अपनी भावनाओं को छिपाए रखा, लेकिन समय के साथ उसका जुनून इस हद तक बढ़ गया कि उसने अपनी ही रिश्तेदारी को अपराध का रास्ता बना लिया।
शादी के बाद शुरू हुई गलत नीयत
कहानी में मुख्य किरदार का नाम मोहन मान लेते हैं। शादी के बाद वह अक्सर अपनी ससुराल जाने लगा। वहां उसकी मुलाकात पत्नी की छोटी बहन पूजा से होती थी। धीरे-धीरे मोहन का व्यवहार बदलने लगा। पूजा को महसूस होने लगा कि उसके जीजा की नजरें और बातें सामान्य नहीं हैं।
एक त्योहार के दौरान मोहन ने रंग लगाने के बहाने उसके करीब आने की कोशिश की। पूजा ने इसका विरोध किया और उससे दूरी बनानी शुरू कर दी। लेकिन मोहन अपनी हरकतों से बाज नहीं आया।
कुछ समय बाद पूजा की शादी राहुल नाम के युवक से हो गई। अब मोहन और राहुल रिश्ते में साढ़ू बन चुके थे। मोहन ने राहुल से नजदीकियां बढ़ानी शुरू कर दीं। वह उसे अपने घर बुलाता, साथ बैठकर शराब पीता और धीरे-धीरे उसे शराब की आदत डालने लगा।
राहुल को मोहन पर भरोसा था। उसे अंदाजा भी नहीं था कि जिस व्यक्ति को वह अपना करीबी रिश्तेदार और दोस्त समझ रहा है, उसके मन में उसकी पत्नी को लेकर गलत इरादे पल रहे हैं।
वह रात, जिसने सब कुछ बदल दिया
30 दिसंबर 2024 की शाम मोहन ने राहुल को फोन किया और परिवार के साथ खाना खाने के बहाने अपने घर बुलाया। राहुल पहले तो अकेले जाने की बात कर रहा था, लेकिन बाद में पत्नी पूजा को भी साथ ले गया।
घर पहुंचने पर राहुल को बताया गया था कि कुछ रिश्तेदार भी आने वाले हैं, लेकिन वहां मोहन के साथ उसका एक भांजा और एक परिचित मौजूद थे। कुछ ही देर में शराब का दौर शुरू हो गया। राहुल को लगातार शराब पिलाई गई और वह नशे में बेसुध होने लगा।
जब राहुल की हालत ऐसी हो गई कि वह ठीक से उठ भी नहीं पा रहा था, तब मोहन ने अपनी असली मंशा दिखा दी। वह पूजा के पास पहुंचा और उसके साथ जबरदस्ती करने लगा। पूजा ने विरोध किया, लेकिन उसकी बात नहीं सुनी गई।
इसके बाद मोहन के साथ मौजूद दो अन्य लोगों ने भी उसके साथ यौन हिंसा की। पूजा मदद के लिए गुहार लगाती रही, लेकिन वहां मौजूद किसी ने उसकी नहीं सुनी।
कुछ समय बाद राहुल को होश आया। पत्नी की हालत देखकर वह गुस्से में मोहन से भिड़ गया। देखते ही देखते विवाद हिंसक हो गया। मोहन और उसके दोनों साथियों ने मिलकर राहुल पर हमला कर दिया। आरोप है कि इसी दौरान उसकी गला दबाकर हत्या कर दी गई।
हत्या को हादसा दिखाने की साजिश
राहुल की मौत के बाद तीनों ने मिलकर घटना को दुर्घटना का रूप देने की योजना बनाई। इसके लिए उसके शव को छत से नीचे गिरा दिया गया, ताकि ऐसा लगे कि वह नशे की हालत में गिरकर मर गया है।
पूजा को भी धमकाया गया कि वह पुलिस के सामने इसी कहानी को दोहराए। उसे अपने छोटे बेटे की जान का डर दिखाया गया। पति को खो चुकी पूजा अपने बच्चे की सुरक्षा को लेकर इतनी भयभीत थी कि उसने शुरुआत में घटना को हादसा बताया।
अगली सुबह राहुल को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। शुरुआती जांच में मामला दुर्घटना मान लिया गया और परिवार को भी यही बताया गया कि राहुल नशे में गिर गया था।
डर के बावजूद पूजा ने उठाई आवाज
लेकिन पूजा के लिए उस रात की सच्चाई को हमेशा छिपाकर रखना संभव नहीं था। घटना के कुछ दिनों बाद उसने हिम्मत जुटाई और पुलिस के सामने पूरी बात रख दी। उसने मोहन और उसके साथियों पर सामूहिक दुष्कर्म और पति की हत्या का आरोप लगाया।
हालांकि, शुरुआत में उसके आरोपों को लेकर संदेह जताया गया। मृतक के परिवार की ओर से भी अलग-अलग आरोप लगाए गए, जिससे मामला उलझ गया। पूजा को अपनी बात साबित करने के लिए लंबा संघर्ष करना पड़ा।
अदालत तक पहुंची न्याय की लड़ाई
काफी समय तक कार्रवाई न होने पर पूजा ने अदालत का दरवाजा खटखटाया। उसने न्यायालय से अपनी शिकायत पर सुनवाई और कार्रवाई की मांग की। इसके बाद अदालत के निर्देश पर पुलिस ने हत्या और सामूहिक दुष्कर्म से जुड़े आरोपों में मामला दर्ज किया।
अगस्त 2025 में पुलिस ने इस मामले में मोहन, उसके भांजे और एक अन्य साथी को गिरफ्तार किया। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, पूछताछ के दौरान आरोपियों ने अपराध में अपनी भूमिका स्वीकार की थी।
एक मां और बच्चे का अधूरा इंतजार
इस पूरी घटना में पूजा ने अपना पति खो दिया और उसके छोटे बच्चे से पिता का साया छिन गया। जिस रिश्ते को परिवार का भरोसेमंद हिस्सा होना चाहिए था, उसी रिश्ते की आड़ में उसके साथ गंभीर अपराध हुआ।
यह मामला याद दिलाता है कि किसी भी रिश्ते में विश्वास का गलत फायदा उठाना और किसी की मजबूरी का लाभ उठाना कितना भयावह परिणाम ला सकता है। पूजा और उसका बच्चा अब न्याय की उम्मीद के साथ आगे की जिंदगी जीने की कोशिश कर रहे हैं।
Satya Report Disclaimer: यह पुरानी घटना पर उपलब्ध प्रकाशित रिपोर्ट के आधार पर तैयार की गई कथात्मक प्रस्तुति है। कहानी में इस्तेमाल किए गए नाम काल्पनिक हैं। आरोपों और कानूनी कार्रवाई से जुड़ी जानकारी को उसी समय की रिपोर्ट के संदर्भ में समझा जाना चाहिए।



