Bodybuilder Ron Singh Death: मशहूर इंटरनेशनल बॉडीबिल्डर रण सिंह के अचानक निधन की खबर आ रही है. रण सिंह पंजाब के होशियारपुर में तांडा क्षेत्र के रहने वाले थे. महज 30 साल की उम्र में अंतरराष्ट्रीय बॉडी बिल्डिंग का बड़ा नाम बने सिंह की मौत से परिवार ही नहीं पूरे शहर में शोक छा गया है. रण सिंह का दूसरा नाम सुखविंदर सिंह था.

जानकारी के अनुसार रण सिंह का निधन दिल का दौरा पड़ने से हुआ है. तांडा से निकलकर ऑस्ट्रेलिया सहित कई देशों में प्रतियोगिताएं जीतने वाले इस बॉडीविल्डर की उम्र सिर्फ 30 साल थी. ऐसे में एक बार फिर यह बहस छिड़ गई है कि इतनी शारीरिक मेहनत और डायटिंग रूटीन से बॉडी बनाने और जिम करने वाले बॉडीबिल्डर को कार्डियक अरेस्ट कैसे हो गया?
बता दें कि बॉडीबिल्डर रण सिंह उर्फ सुखविंदर सिंह को मंगलवार दोपहर अचानक दिल का दौरा पड़ा. तुरंत उन्हें अस्पताल जाया गया जहां डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की कोशिश की लेकिन नहीं बचा सके और निधन हो गया. मात्र 30 साल की उम्र में उनकी इस अचानक मौत ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है.
इलाके के चहेते रण सिंह की मौत की खबर फैलते ही उनके घर के बाहर लोग इकठ्ठे हो गए. इस दौरान लोगों ने बताया कि रण सिंह न सिर्फ तांडा बल्कि पूरे होशियारपुर जिले के लिए गौरव का प्रतीक थे.
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कमाई थी शोहरत
रण सिंह ने बॉडीबिल्डिंग के क्षेत्र में अपनी मेहनत और समर्पण से कई अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया था और पदक जीते थे. खासकर ऑस्ट्रेलिया में उन्होंने कई खिताब अपने नाम किए थे, जिससे उनका नाम देशविदेश में चर्चा में रहा. वे युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत थे. जिम में घंटों कड़ी मेहनत करते और स्वस्थ जीवनशैली का संदेश देते थे.
परिवार में पसरा मातम
रण सिंह अपने पीछे बूढ़े मातापिता, पत्नी और सिर्फ दो साल की छोटी बेटी छोड़कर गए हैं. वे अपने परिवार के इकलौते सहारे थे. उनकी अचानक मौत से पूरा परिवार टूट गया है. छोटी सी बच्ची अभी अपने पिता के चले जाने का मतलब भी नहीं समझ पा रही है.
पहली घटना नहीं ये..
बता दें कि जिम में मेहनत करने के बाद हार्ट अटैक या कार्डियक अरेस्ट की ये पहली घटना नहीं है. आए दिन ऐसे मामले आते हैं जब रोजाना शारीरिक मेहनत करने के बावजूद लोगों को कार्डियक अरेस्ट हो रहा है. स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि भारी वजन उठाने वाले एथलीट्स को नियमित स्वास्थ्य जांच करानी चाहिए, क्योंकि अत्यधिक व्यायाम और सप्लीमेंट्स के कारण हृदय पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है.



