कहा जाता है कि मां ही बच्चे की पहली और सबसे जरूरी टीचर होती है. वो ही हमें अच्छे और बुरे की समझ देती हैं. मां अपने बच्चे में वो तमाम संस्कार डालती है, जिससे बच्चा आगे तक साथ लेकर चलता है और अपने निजी और प्रोफेशनल जीवन में भी उसे उतारता है. फिर चाहे वो अंबानी हो, या फिर अडानी, टाटा हो या फिर बिड़ला और महिंद्रा. देश के तमाम बिजनेस टायकून्स की सफलता के पीछे उनकी मां का बड़ा हाथ रहा है. उन्होंने उनमें जो संस्कार भरे वो इन दिग्गजों की सफलता की कहानी का अहम हिस्सा है. क्या आप इन मजबूत और प्रभावशाली पुरुषों के पीछे की माताओं के बारे में जानते हैं? इस मदर्स डे पर, इन बड़े उद्योगपतियों की माताओं पर एक नजर डालते हैं.

राजश्री बिड़ला
कुमारमंगलम बिड़ला की मां, राजश्री बिड़ला, बिड़ला परिवार में एक जानामाना नाम हैं. स्वर्गीय आदित्य बिड़ला की पत्नी, राजश्री बिड़ला एक समाजसेविका भी हैं. 1995 में अपने पति के निधन के बाद, राजश्री ने CSR और चैरिटी के क्षेत्रों में काम करना शुरू किया, और अपने परिवार द्वारा फंडिड एक परोपकारी संस्था भी विकसित की. उन्हें 2011 में भारत सरकार द्वारा पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था.
सूनी टाटा
इनका उपनाम ही बता देता है कि वह कौन हैं. सूनी टाटा, रतन टाटा की सगी मां हैं. शादी से पहले उनका नाम सूनी कमिसारियत था. वह टाटा ग्रुप के फाउंडर जमशेदजी टाटा की भतीजी थीं. हालांकि, रतन टाटा ने अपनी सगी मां के साथ ज्यादा समय नहीं बिताया. जब रतन टाटा 10 साल के थे, तब उनके मातापिता का अलगाव हो गया था. उसके बाद रतन टाटा का पालनपोषण उनकी दादी और रतनजी टाटा की विधवा, नवाजबाई टाटा ने किया और उन्हें गोद ले लिया.
इंदिरा महिंद्रा
आनंद महिंद्रा अक्सर अपनी मां इंदिरा महिंद्रा का जिक्र करते हैं और बताते हैं कि कैसे उन्होंने इस बिजनेस टाइकून के जीवन को प्रभावित किया है. उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद में जन्मी, उनका पालनपोषण लखनऊ में हुआ, जहां उन्होंने अपनी शिक्षा पूरी की. वह एक जानीमानी लेखिका भी थीं, जिनके नाम पर 4 किताबें हैं, और उन्होंने एक बॉलीवुड फिल्म में भी काम किया है. हर साल आनंद महिंद्रा लखनऊ में उनकी याद में आयोजित होने वाले एक सांस्कृतिक उत्सव को प्रायोजित करते हैं.
कोकिलाबेन अंबानी
रिलायंस ग्रुप के चेयरमैन मुकेश अंबानी की मां और स्वर्गीय धीरूभाई अंबानी की पत्नी, कोकिलाबेन अंबानी को रिलायंस इंडस्ट्रीज के पीछे की मुख्य शक्ति माना जाता है. उनका जन्म एक मध्यमवर्गीय गुजराती पाटीदार परिवार में हुआ था. उनके पिता, रतिलाल जशराज पटेल, टेलीग्राफ ऑफिस में कर्मचारी थे, और उनकी मां, रुक्मणीबेन, एक गृहिणी थीं. 1955 में, कोकिलाबेन ने धीरूभाई अंबानी से शादी की. उन्हें अंबानी परिवार के सबसे मजबूत नामों में से एक माना जाता है. 2009 में, उन्होंने कोकिलाबेन अस्पताल की नींव रखी.
शांताबेन अडानी
अडानी ग्रुप के प्रमुख गौतम अडानी की मां, स्वर्गीय शांताबेन अडानी का निधन 2010 में हुआ था. हालांकि, उनके बारे में आम लोगों को ज्यादा जानकारी नहीं है. मूल रूप से उत्तरी गुजरात के थराद की रहने वाली, वह अपने पति शांतिलाल अडानी के साथ अहमदाबाद आ गईं और शुरुआत में पुराने शहर के रतनपोल इलाके में ‘सेठ नी पोल’ में रहीं. अपने जीवनकाल के दौरान, वह कई तरह के परोपकारी कामों में सक्रिय रूप से शामिल रहीं.



