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Supreme Court ने फिल्म Mahaprabhu Jagannath की रथ यात्रा के बाद रिलीज को दी हरी झंडी, ओडिशा हाई कोर्ट के बैन पर नोटिस जारी

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार, 17 जुलाई को एक बड़ा फैसला सुनाते हुए भगवान जगन्नाथ पर बनी एनिमेटेड फिल्म ‘महाप्रभु जगन्नाथ’ को सालाना रथ यात्रा उत्सव खत्म होने के बाद रिलीज करने की सशर्त मंजूरी दे दी है। शीर्ष अदालत ने रथ यात्रा के दौरान फिल्म को तुरंत रिलीज करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया, लेकिन फिल्म निर्माताओं को यह राहत दी है कि वे 28 जुलाई या उसके बाद फिल्म को सिनेमाघरों में ला सकते हैं। इसके साथ ही, सुप्रीम कोर्ट ने ओडिशा हाई कोर्ट के उस अंतरिम आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर केंद्र सरकार, ओडिशा सरकार, सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन और श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन समेत अन्य संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है, जिसके तहत फिल्म की रिलीज पर पूरी तरह रोक लगा दी गई थी।
 

Supreme Court ने फिल्म Mahaprabhu Jagannath की रथ यात्रा के बाद रिलीज को दी हरी झंडी, ओडिशा हाई कोर्ट के बैन पर नोटिस जारी
 
‘महाप्रभु जगन्नाथ’ की दिल्ली स्क्रीनिंग टाल दी गई थी
ANI के अनुसार, हाई कोर्ट ने फिल्म में भगवान जगन्नाथ के चित्रण पर उठाई गई आपत्तियों को देखते हुए रिलीज़ पर रोक लगा दी थी। कोर्ट का मानना ​​था कि स्क्रीनिंग से पहले इन आपत्तियों की विस्तृत न्यायिक जांच ज़रूरी है। फिल्म को मूल रूप से 17 जुलाई को सिनेमाघरों में रिलीज़ किया जाना था। फिल्म की दिल्ली स्क्रीनिंग, जो गुरुवार, 16 जुलाई को होनी थी, उसे भी टाल दिया गया था।
भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची और वी. मोहना की बेंच हाई कोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई के लिए सहमत हुई। फिल्म निर्माताओं की ओर से पेश वरिष्ठ वकील देवदत्त कामत ने तत्काल सुनवाई की मांग की थी। उन्होंने मामले को गुरुवार को सुनने का अनुरोध किया था, लेकिन बेंच ने इसे शुक्रवार के लिए सूचीबद्ध किया।
 

एनिमेटेड फिल्म ‘महाप्रभु जगन्नाथ’ से जुड़ा विवाद क्या है?
हाई कोर्ट का अंतरिम आदेश अंगुल के महेश कुमार साहू, पुरी के डॉ. प्रमोद कुमार आचार्य और निमापाड़ा के उमाशंकर आचार्य द्वारा दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान आया। याचिकाकर्ताओं ने फिल्म के CBFC सर्टिफिकेशन को रद्द करने और ओडिशा में इसकी सार्वजनिक स्क्रीनिंग पर रोक लगाने का अनुरोध किया था।
PIL में फिल्म में भगवान जगन्नाथ के बचपन, संवादों, कारनामों और युद्ध के दृश्यों के काल्पनिक चित्रण पर आपत्ति जताई गई थी। PTI की रिपोर्ट के अनुसार, याचिका में कहा गया है कि ये चित्रण स्कंद पुराण, ब्रह्म पुराण और जगन्नाथ मंदिर से जुड़ी लंबे समय से चली आ रही परंपराओं के अनुरूप नहीं हैं। हाई कोर्ट ने पहले कहा था कि फिल्म में कथित तौर पर स्कंद पुराण के धार्मिक ग्रंथों का सख्ती से पालन नहीं किया गया है, जिसके कारण आगे की सुनवाई तक इसकी रिलीज़ पर अंतरिम रोक लगा दी गई थी।
श्रीपाद वारखेड़कर द्वारा निर्देशित और एले एनिमेशन्स द्वारा निर्मित फिल्म ‘महाप्रभु जगन्नाथ’ की नई रिलीज़ डेट की घोषणा जल्द ही होने की उम्मीद है।
 
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