Lot Parikrama In Mathura With Faith And Devotion: अटूट श्रद्धा और भगवान के प्रति गहरी आस्था का एक प्रेरणादायक उदाहरण इन दिनों ब्रज में देखने को मिल रहा है। बुलंदशहर के स्याना कस्बा निवासी सुरेश कुमार अपनी संतान प्राप्ति की मनोकामना पूरी होने पर भगवान का आभार व्यक्त करने के लिए लोट परिक्रमा यात्रा कर रहे हैं। उनकी यह कठिन यात्रा 20 जून से शुरू हुई थी और अब तक 24 दिन पूरे हो चुके हैं।

श्रीकृष्ण जन्मभूमि में दर्शन के बाद गिरिराज जी की करेंगे परिक्रमा
सुरेश कुमार राधारानी के दर्शन कर वृंदावन होते हुए मथुरा पहुंच चुके हैं। यहां श्रीकृष्ण जन्मभूमि में दर्शन करने के बाद वे गिरिराज जी की परिक्रमा करेंगे। इसके बाद उनकी यात्रा मेहंदीपुर बालाजी, सालासर बालाजी, खाटू श्याम जी, उज्जैन और अंत में कोलकाता तक पहुंचेगी, जहां इस लोट परिक्रमा का समापन होगा। पूरी यात्रा लगभग चार से पांच महीने में पूरी होने की संभावना है।
संतान प्राप्ति की कामना को लेकर की थी लोट परिक्रमा
सुरेश कुमार ने बताया कि उन्होंने पहले संतान प्राप्ति की कामना को लेकर लोट परिक्रमा की थी। भगवान की कृपा से उनकी मन्नत पूरी होने के बाद अब वह धन्यवाद स्वरूप दोबारा यह कठिन यात्रा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यात्रा के दौरान कई स्थानों पर सड़कों पर गंदे नालों का पानी मिलने से परेशानियां हुईं और शरीर में हल्का दर्द भी है, लेकिन भगवान की कृपा और विश्वास के बल पर यात्रा लगातार जारी है।
भोजन और पेयजल के लिए समाजसेवी कर रहे मदद
इस में उनके छोटे भाई मोहित और उनकी धर्मपत्नी भी साथ चल रहे हैं। उनकी धर्मपत्नी ने बताया कि मार्ग में कई समाजसेवी भोजन, पेयजल और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं में सहयोग कर रहे हैं, जिससे यात्रा सुचारु रूप से आगे बढ़ रही है।
सुरेश कुमार ने सभी लोगों के सुख, शांति और समृद्धि की कामना करते हुए कहा कि भगवान की कृपा सभी पर बनी रहे। उनकी यह यात्रा श्रद्धा, विश्वास और संकल्प की ऐसी मिसाल है, जो यह संदेश देती है कि सच्ची आस्था के सामने हर कठिनाई छोटी पड़ जाती है।



