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TDS कट गया पर नहीं भरा ITR? जान लीजिए क्या हैं नियम, कहीं बाद में पछताना न पड़े!

क्या आपने हाल ही में कोई प्रॉपर्टी बेची है, बैंक की एफडी पर अच्छा ब्याज कमाया है या फिर क्रिप्टो में पैसे लगाए हैं? अगर हां, तो आपका टीडीएस जरूर कटा होगा. अक्सर लोग सोचते हैं कि टैक्स कट गया, मतलब सरकार को उसका हिस्सा मिल गया और अब उन्हें कुछ करने की जरूरत नहीं है. लेकिन यह एक बहुत बड़ी गलतफहमी है.

TDS कट गया पर नहीं भरा ITR? जान लीजिए क्या हैं नियम, कहीं बाद में पछताना न पड़े!

टीडीएस कटने का मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि आपको इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने से छुट्टी मिल गई. असल में, टीडीएस कटने के बाद ITR भरना और भी जरूरी हो जाता है, ताकि आप अपने काटे गए पैसे का सही हिसाब दे सकें या अपना रिफंड वापस ले सकें. असेसमेंट ईयर 202627 के लिए रिटर्न भरने की आखिरी तारीख 31 जुलाई 2026 थी. अगर आप ये तारीख चूक गए हैं, तो आपको इसके नियम और नुकसान जरूर जानने चाहिए.

टैक्स चुकाना काफी नहीं ITR भी जरूरी

कई लोगों को लगता है कि उनके हिस्से का टैक्स तो कट ही गया है, तो अब रिटर्न क्यों भरें? कोइनएक्स के संस्थापक पुनीत अग्रवाल बताते हैं कि आयकर कानून के तहत टैक्स चुकाना और रिटर्न दाखिल करना बिल्कुल अलग जिम्मेदारियां हैं. सिर्फ टैक्स कट जाने से इनकम टैक्स विभाग के पास आपकी आमदनी का कोई पक्का रिकॉर्ड नहीं बनता.

जब तक आप ITR फाइल नहीं करते, तब तक आपके टीडीएस, आपकी असली कमाई और आपके निवेश का सही मिलान नहीं हो पाता. यही वजह है कि बिना रिटर्न भरे टैक्स चुकाने को विभाग कोई अहमियत नहीं देता. ऐसी स्थिति में सिस्टम मिलान न होने पर अपने आप टैक्स नोटिस भेज सकता है.

पड़ सकती है पेनाल्टी की मार

अगर आपकी कुल सालाना कमाई 2.5 लाख रुपये से कम है, तो आप अपने काटे गए टीडीएस को वापस मांग सकते हैं. लेकिन यह पैसा आपको तभी मिलेगा जब आप रिटर्न भरेंगे. अगर आप ऐसा नहीं करते हैं, तो विभाग शायद आप पर कोई कार्रवाई न करे, लेकिन आप अपना ही पैसा सरकार के पास छोड़ रहे हैं.

वहीं, अगर आप पर टैक्स बनता है और आपने न टैक्स दिया, न ITR भरा, तो विभाग आपको नोटिस भेजकर कानूनी कार्रवाई कर सकता है. टैक्स एक्सपर्ट करन सचदेव के मुताबिक, भले ही आपने सारा टैक्स चुका दिया हो, लेकिन अगर आप डेडलाइन के बाद रिटर्न भरते हैं, तो आपको लेट फीस देनी ही होगी. आमदनी 5 लाख से ज्यादा होने पर यह जुर्माना 5,000 रुपये तक हो सकता है. इसके अलावा, कम आमदनी बताने पर भी अलग से पेनाल्टी लग सकती है.

क्रिप्टो निवेशकों के लिए दोहरा झटका

जो लोग डिजिटल एसेट या क्रिप्टो में पैसा लगाते हैं, उनके लिए रिटर्न न भरना काफी महंगा पड़ सकता है. समय पर ITR न भरने का सबसे बड़ा नुकसान यह है कि आप अपने घाटे को अगले साल के मुनाफे से एडजस्ट करने का हक खो देते हैं.

वैसे भी क्रिप्टो के नियम काफी सख्त हैं. अगर आपकी कुल कमाई 2.5 लाख से कम भी है, लेकिन वह कमाई क्रिप्टो से हुई है, तो भी आपको उस पर सीधा 30 फीसदी टैक्स देना होगा. इस मामले में आम करदाताओं की तरह बेसिक छूट का कोई फायदा नहीं मिलता. चूंकि क्रिप्टो एक्सचेंज आपकी सारी जानकारी पहले ही टैक्स विभाग को दे देते हैं, इसलिए अगर आप रिटर्न नहीं भरते, तो आपको नोटिस मिलने का खतरा सबसे ज्यादा रहता है.

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