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TGT भर्ती परीक्षा विवाद: हाईकोर्ट ने मांगी विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट, कहा- त्रुटि हो तो मूकदर्शक नहीं बन सकते

Allahabad High Court Judgement: प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक भर्ती परीक्षा 2026 से जुड़े विवाद में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए कहा है कि यदि किसी विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट में स्पष्ट त्रुटि दिखाई देती है तो अदालत उस पर आंखें बंद नहीं कर सकती। कोर्ट ने यह टिप्पणी अंग्रेजी विषय के प्रश्नों को लेकर दाखिल याचिकाओं की सुनवाई के दौरान की।

TGT भर्ती परीक्षा विवाद: हाईकोर्ट ने मांगी विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट, कहा- त्रुटि हो तो मूकदर्शक नहीं बन सकते
TGT भर्ती परीक्षा विवाद: हाईकोर्ट ने मांगी विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट, कहा- त्रुटि हो तो मूकदर्शक नहीं बन सकते

20 जुलाई को होगी अगली सुनवाई

न्यायमूर्ति सिद्धार्थ नंदन की पीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए राज्य सरकार और संबंधित पक्षों को विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट रिकॉर्ड पर प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। अदालत ने कहा कि रिपोर्ट का परीक्षण किए बिना मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकती। इस प्रकरण की अगली सुनवाई 20 जुलाई को दोपहर 12:30 बजे निर्धारित की गई है।

प्रश्नों को गलत घोषित किए जाने पर दर्ज कराई आपत्ति

याचिकाकर्ताओं की ओर से दावा किया गया है कि परीक्षा में पूछे गए 37 प्रश्न या तो पाठ्यक्रम से बाहर थे या उनमें त्रुटियां थीं। इस संबंध में गठित विशेषज्ञ समिति ने जांच के बाद अपनी रिपोर्ट तैयार की। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग की ओर से अदालत को बताया गया कि समिति ने 37 में से 29 प्रश्नों को वास्तव में पाठ्यक्रम से बाहर माना है। हालांकि, कुछ प्रश्नों को गलत घोषित किए जाने पर आपत्ति भी दर्ज कराई गई है।

न्यायालय विशेषज्ञों की भूमिका नहीं निभा सकता

सुनवाई के दौरान आयोग के अधिवक्ता ने बताया कि अदालत में जल्द प्रस्तुत कर दी जाएगी। वहीं याचिकाकर्ताओं के वरिष्ठ अधिवक्ता ने तर्क दिया कि न्यायालय विशेषज्ञों की भूमिका नहीं निभा सकता, लेकिन यदि रिकॉर्ड पर कोई स्पष्ट गलती दिखाई देती है तो अदालत को हस्तक्षेप करने का अधिकार है। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट मिलने के बाद विस्तृत आपत्तियां दाखिल की जाएंगी।

विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट पर टिकी सबकी नजरें

हाईकोर्ट की टिप्पणी को टीजीटी अभ्यर्थियों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इससे परीक्षा में पूछे गए विवादित प्रश्नों की निष्पक्ष समीक्षा की संभावना बढ़ गई है। अब सभी की नजरें विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट और आगामी सुनवाई पर टिकी हैं।

यदि अदालत को रिपोर्ट में कोई स्पष्ट त्रुटि नजर आती है तो वह आवश्यक निर्देश जारी कर सकती है। ऐसे में परीक्षा के परिणाम और चयन प्रक्रिया पर भी इसका असर पड़ सकता है। फिलहाल अभ्यर्थी आगामी सुनवाई और कोर्ट के अंतिम निर्णय का इंतजार कर रहे हैं।

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