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दुनिया का वो फल, जिसे खाने के बाद नींबू भी लगेगा मीठा,

दुनिया का वो फल, जिसे खाने के बाद नींबू भी लगेगा मीठा,

दुनिया में आपने कई तरह के फल खाए होंगे. कुछ मीठे होते हैं, कुछ खट्टे और कुछ स्वाद में बिल्कुल अलग. लेकिन क्या आपने कभी ऐसे फल के बारे में सुना है, जिसे खाने के बाद खट्टा नींबू भी आपको मीठा लगने लगे? सुनने में यह किसी जादू से कम नहीं लगता, लेकिन प्रकृति ने ऐसा फल सच में बनाया है. इसे खाने के बाद कुछ समय तक खट्टी चीजों का स्वाद भी मीठा महसूस हो सकता है. यही वजह है कि इसे ‘मिरेकल फ्रूट’ (Miracle Fruit) कहा जाता है. इस फल का वैज्ञानिक नाम Synsepalum dulcificum है. यह सपोटेसी फैमिली (Sapotaceae family) का पौधा है और पश्चिम अफ्रीका(West Africa) के घाना समेत कुछ अन्य इलाकों में पाया जाता है. इसके फल छोटे और लाल रंग के होते हैं और देखने में कुछ-कुछ बेरी जैसे लगते हैं. इस फल की सबसे खास बात इसका स्वाद नहीं, बल्कि इसका असर है. इसे खाने के बाद जब कोई व्यक्ति नींबू, सिरका या दूसरी खट्टी चीज भी खाता है तो उसका स्वाद कुछ समय के लिए मीठा लगता है.

आखिर खट्टी चीज मीठी कैसे लगती है?
इस फल में मिराकुलिन (Miraculin) नाम का एक ग्लाइकोप्रोटीन पाया जाता है. यही इस पूरे ‘चमत्कार’ के पीछे की वजह है. मिराकुलिन हमारी जीभ पर मौजूद स्वाद रिसेप्टर्स के साथ काम करता है. मिरैकल फ्रूट खाने के बाद जब हम कोई खट्टी चीज खाते हैं, तो उस खट्टी चीज की अम्लीयता(Acidity) मिराकुलिन के काम करने के तरीके को बदल देती है. इसके कारण दिमाग तक पहुंचने वाला स्वाद मीठा महसूस होने लगता है. यानी नींबू वही रहता है, लेकिन उसे खाने पर मिलने वाला स्वाद बदल जाता है.

करीब एक घंटे तक महसूस हो सकता है असर
रिपोर्ट्स के मुताबिक, मिरैकल फ्रूट खाने के बाद इसका असर करीब 30 मिनट से एक घंटे या उससे कुछ ज्यादा समय तक रह सकता है. इस दौरान नींबू, सिरका जैसी खट्टी चीजें सामान्य से काफी मीठी लग सकती हैं. हालांकि इसका असर हर व्यक्ति पर एक जैसा हो, यह जरूरी नहीं है. यह भी ध्यान रखना जरूरी है कि यह फल किसी खट्टी चीज की अम्लीयता को खत्म नहीं करता, बल्कि स्वाद महसूस होने के तरीके को बदलता है.

फल को लंबे समय तक रखना है मुश्किल
मिरैकल फ्रूट की एक बड़ी परेशानी यह है कि इसे लंबे समय तक ताजा रखना आसान नहीं होता. फल जल्दी खराब हो सकता है, इसलिए इसे एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाना भी चुनौतीपूर्ण है. इसी वजह से मिराकुलिन को दूसरे रूपों में इस्तेमाल करने पर भी रिसर्च और काम किया गया है. मिरैकल फ्रूट से बने उत्पादों का इस्तेमाल कम चीनी वाले खाद्य पदार्थों में मीठा स्वाद महसूस कराने के लिए किया जा सकता है. हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि इसे किसी बीमारी का इलाज या वजन घटाने का आसान तरीका माना जाए.

कैंसर मरीजों के लिए भी मददगार साबित हो रहा फल
रिपोर्ट्स के मुताबिक, सिन्सेपलम डुलसिफिकम (Synsepalum dulcificum) कैंसर के मरीजों के लिए खाने का अनुभव बेहतर बनाने में मदद कर सकता है. इलाज के दौरान कई मरीजों को खाने का स्वाद अच्छा नहीं लगता. ऐसे में यह छोटा-सा लाल फल उनके लिए काफी दिलचस्प साबित हो रहा है. इसे खाने के बाद करीब 30 से 60 मिनट तक खट्टी और कुछ कड़वी चीजों का स्वाद मीठा महसूस हो सकता है. यानी मिरेकल फ्रूट खाने के बाद नींबू या दूसरे खट्टे फलों का स्वाद भी मीठा और स्वादिष्ट लगने लगता है. इससे मरीजों के लिए खाना कुछ हद तक ज्यादा स्वादिष्ट हो सकता है और खाने में उनकी रुचि बनी रह सकती है. इस तरह जरूरी पोषण लेने में भी मदद मिल सकती है.

अफ्रीका से अमेरिका तक उगाया जाता है यह फल
सिन्सेपलम डुलसिफिकम मूल रूप से पश्चिम अफ्रीका का फल है, लेकिन अब इसकी खेती अमेरिका के मियामी में भी की जाती है. इसके फल या जूस का सेवन करने के बाद नींबू जैसी खट्टी चीजों का स्वाद काफी अलग महसूस हो सकता है. यही अनोखी खासियत इसे दूसरे फलों से अलग बनाती है. रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका में कुछ कैंसर अस्पतालों में भी मिरेकल बेरीज मरीजों को उपलब्ध कराई जाती हैं. फल जल्दी खराब हो जाता है, इसलिए इसे लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए फ्रीज करके भी बेचा जाता है. हालांकि, इसे कैंसर का इलाज नहीं माना जाता, बल्कि इसका इस्तेमाल मरीजों के खाने के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए किया जा सकता है.

 



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