Delhi

आरोपी तय नहीं करते कौन करेगा सुनवाई… कोर्ट के फैसले के बाद मंत्री प्रवेश वर्मा ने केजरीवाल पर बोला हमला

Satya Report: आबकारी नीति मामले में अरविंद केजरीवाल की याचिका को दिल्ली हाई कोर्ट की जस्टिस ने खारिज कर दिया है. हाई कोर्ट फैसले का स्वागत करते हुए दिल्ली सरकार में मंत्री प्रवेश वर्मा ने केजरीवाल पर हमला बोला है. उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल से ऐसी ही किसी हरकत की उम्मीद की जा सकती थी, जिससे हमारी न्यायपालिका पर सवाल उठें. वह आदमी जो सेना पर सवाल उठाता था, वह आदमी जो बच्चों की झूठी कसमें खाता था, अब हमारी न्यायपालिका पर सवाल उठाकर पूरे सिस्टम को ही पलटने की कोशिश कर रहा है.

आरोपी तय नहीं करते कौन करेगा सुनवाई… कोर्ट के फैसले के बाद मंत्री प्रवेश वर्मा ने केजरीवाल पर बोला हमला
आरोपी तय नहीं करते कौन करेगा सुनवाई… कोर्ट के फैसले के बाद मंत्री प्रवेश वर्मा ने केजरीवाल पर बोला हमला

मंत्री प्रवेश वर्मा ने कहा कि कोई भी आरोपी यह तय नहीं कर सकता कि उसके मामले की सुनवाई कौन सा जज करेगा. जरा सोचिए, देश में लाखों मामले लंबित हैं- चाहे वे निचली अदालतों में हों, हाई कोर्ट में हों या सुप्रीम कोर्ट में. अगर सभी याचिकाकर्ता खुद ही यह तय करने लगें कि उनके मामले की सुनवाई कौन सा जज करेगा, तो हमारे सिस्टम का क्या होगा? क्या केजरीवाल चाहते हैं कि कोर्ट खुद उनके पास जाए और उनसे पूछे कि वे किस जज के सामने अपना मामला पेश करना चाहते हैं?

केजरीवाल ने जज को लेकर अपनी राय बनाई

उन्होंने कहा कि यहां सबसे अजीब बात यह है कि केजरीवाल की याचिका में यह दावा किया गया है कि निचली अदालत का फैसला बिल्कुल सही था और वह जज पूरी तरह से ईमानदार हैं.

लेकिन अब, हाई कोर्ट में जिस महिला जज के सामने यह याचिका दायर की गई है, वह उन्हें सही नहीं लग रहीं; क्योंकि उन्होंने एक ऐसे कार्यक्रम में शिरकत की थी, जिसके आधार पर केजरीवाल ने उनके बारे में अपनी एक राय बना ली है.

खास विचारधारा से जुड़ी होने के कारण उठाए सवाल

प्रवेश वर्मा ने कहा कि इसी राय के आधार पर उन्हें लगता है कि वह जज उनके खिलाफ फैसला सुनाएंगी. इसका मतलब यह है कि अगर हाई कोर्ट का फैसला केजरीवाल के पक्ष में आता है, तो वह कहेंगे कि फैसला सही है. और अगर कल हाई कोर्ट का फैसला उनके पक्ष में नहीं आता है, तो वह कहेंगे कि उन्होंने तो पहले ही कह दिया था कि वह जज सही फैसला नहीं सुनाएंगी, क्योंकि वह एक खास विचारधारा से जुड़ी हुई हैं.

क्या है पूरा मामला?

आपको बता दें कि 27 फरवरी को राउज एवेन्यू कोर्ट के स्पेशल जज जितेंद्र सिंह ने अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया समेत 23 आरोपियों को बरी कर दिया था. उस फैसले को CBI ने दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी थी. मामले की सुनवाई जस्टिस स्वर्ण कांत शर्मा कर रही हैं. इस दौरान अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया समेत कई बरी किए गए लोगों ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए कहा कि वो एक विशेष दल और संस्थान की विचारधारा से प्रभावित हैं. उन्हें मामले की सुनवाई से खुद को अलग कर लेना चाहिए.मामले पर अरविंद केजरीवाल ने खुद अपना पक्ष रखा और वह चार बार कोर्ट के सामने पेश हुए, हालांकि जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने सभी याचिकाओं को खारिज कर दिया और कहा कि वही इस मामले की आगे भी सुनवाई करेंगी.

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