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पुलिस की कस्टडी में टूटे आरोपी, राम जन्मभूमि परिसर में ले जाते ही उगले कई राज, ये इनसाइड स्टोरी कर देगी हैरान

Ram Mandir SIT Investigation: राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस में एसआईटी की जांच में रोजाना बड़े खुलासे हो रहे है। एसआईटी को 20 जुलाई यानी कल सुप्रीम कोर्ट को जांच रिपोर्ट देनी है। इससे पहले एसआईटी तेजी से आरोपियों से पूछताछ कर मामले की तह तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। अयोध्या पुलिस एकएक करके सभी आरोपियों को रिमांड में ले रही है और पूछताछ कर रही है।

पुलिस की कस्टडी में टूटे आरोपी, राम जन्मभूमि परिसर में ले जाते ही उगले कई राज, ये इनसाइड स्टोरी कर देगी हैरान
पुलिस की कस्टडी में टूटे आरोपी, राम जन्मभूमि परिसर में ले जाते ही उगले कई राज, ये इनसाइड स्टोरी कर देगी हैरान

उत्तर प्रदेश की अयोध्या पुलिस राम मंदिर दान में चोरी के कथित मामले में आरोपी राम शंकर यादव उर्फ ​​टिन्नू और मनीष यादव से 39 घंटे की कस्टोडियल रिमांड मिलने के बाद पूछताछ कर रही है। खबरों के मुताबिक, जांच के दौरान जांच अधिकारी दोनों को उनके घर और राम जन्मभूमि परिसर ले गए। पुलिस का दावा है कि टिन्नू के पास दान पेटी की चाबियों तक अनौपचारिक पहुंच थी और वह मंदिर परिसर में बिना रोकटोक आजा सकता था।

पूछताछ के दौरान, जांच अधिकारियों ने मनीष यादव से ₹2 लाख भी बरामद किए और वे ट्रस्ट के एक वरिष्ठ सदस्य की कथित भूमिका की भी जांच कर रहे हैं। का कहना है कि और भी खुलासे होने की उम्मीद है, जबकि छह अन्य आरोपियों से पहले ही पूछताछ की जा चुकी है। अभी आगे की जांच जारी है।

टिन्नू के इशारे पर होती थी चोरी

आरोपी से पूछताछ में पता चला कि चोरी के पैसे कहां रखे जाते थे। सूत्रों के मुताबिक, टिन्नू यादव को पता होता था कि इंस्पेक्शन टीम या मंदिर मैनेजमेंट के अधिकारी कब आने वाले हैं। वह पहले ही मनीष को इशारा कर देता था और इशारा मिलते ही कैश के बंडल पास के बाथरूम में छिपा दिए जाते थे।

चेकिंग टीम के जाते ही उठा लेते थे बंडल

पैसे छिपाने के बाद, मनीष ऐसे वापस आकर पैसे गिनने के काम में लग जाता था जैसे कुछ हुआ ही न हो। जैसे ही इंस्पेक्शन टीम चली जाती, आरोपी बाथरूम से नोटों की गड्डियां निकाल लेते थे। बताया जाता है कि चढ़ावे की चोरी में हर आरोपी की भूमिका पहले से तय थी। यहां तक ​​कि CCTV कैमरों से बचने के लिए भी तरीके अपनाए गए थे।

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आपको जानकारी दें, कि अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर से जुड़े कथित चंदा चोरी मामले और मंदिर प्रबंधन को लेकर निर्मोही अखाड़ा एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। अखाड़े ने के पुनर्गठन, उसके वित्तीय लेनदेन की फोरेंसिक ऑडिट और मंदिर प्रबंधन से जुड़े कई मुद्दों पर अदालत से निर्देश देने का आग्रह किया है। इस मामले से जुड़ी कुछ याचिकाओं पर विशेष जांच दल से जांच की मांग को लेकर 20 जुलाई को सुनवाई प्रस्तावित है।

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