
गुरुग्राम, हरियाणा: रात के समय अपनी सहेली के साथ टहलने निकली एक आर्टिस्ट के लिए कुछ घंटे किसी डरावने अनुभव से कम नहीं रहे। रास्ते में स्कॉर्पियो सवार एक युवती और अधेड़ उम्र के व्यक्ति ने पहले उनसे रास्ता पूछने के बहाने बातचीत शुरू की। इसके बाद निजी सवाल करने लगे और धीरे-धीरे उनका व्यवहार बदल गया। आरोप है कि दोनों ने युवतियों के साथ बदसलूकी की, गाली-गलौज की और जबरन अपनी गाड़ी में बैठाने का प्रयास किया। किसी तरह दोनों सहेलियां वहां से निकलीं, लेकिन आरोपियों ने उनका पीछा नहीं छोड़ा और उनके पीजी तक पहुंच गए।
यह घटना गुरुग्राम के सेक्टर-70 स्थित ट्यूलिप सोसाइटी के आसपास की बताई गई है। पीजी में रहने वाली आर्टिस्ट ने सोशल मीडिया पर अपनी आपबीती साझा करते हुए बताया कि वह बुधवार रात अपनी रूममेट के साथ खाना खाने के बाद टहलने निकली थी। रात करीब सवा 10 बजे दोनों बाजार से वापस अपने पीजी की ओर लौट रही थीं। इसी दौरान एक स्कॉर्पियो उनके पास आकर रुकी। गाड़ी में करीब 25 साल की एक युवती और 45 साल का एक व्यक्ति मौजूद था।
शुरुआत में दोनों ने रास्ते और एक लग्जरी पीजी के बारे में जानकारी मांगी। सहेली ने मदद करते हुए उन्हें एक ब्रोकर का नंबर भी दे दिया। लेकिन इसके बाद गाड़ी में बैठे लोगों ने निजी सवाल पूछने शुरू कर दिए। वे जानना चाहते थे कि दोनों गुरुग्राम में रहकर अपना खर्च कैसे चलाती हैं। आरोप है कि व्यक्ति ने नौकरी दिलाने और पैसे देने की बात भी कही। वह कुछ राजनेताओं का जिक्र करते हुए खुद को प्रभावशाली बताने की कोशिश कर रहा था।
आर्टिस्ट के मुताबिक, व्यक्ति ने शराब पी रखी थी और कुछ देर बाद उसका व्यवहार असहज करने वाला हो गया। उसने युवतियों को 500 रुपये देने की कोशिश की और बताया कि उसकी गाड़ी की डिग्गी में पैसों से भरा बैग रखा है। दोनों सहेलियों ने वहां से जाने की इच्छा जताई और उसे अंकल कहकर बातचीत खत्म करने की कोशिश की, लेकिन यह बात दोनों को नागवार गुजर गई। इसके बाद गाली-गलौज शुरू हो गई।
इसी बीच स्कॉर्पियो में बैठी युवती की तबीयत बिगड़ने लगी और उसे उल्टी होने लगी। गाड़ी में मौजूद व्यक्ति ने दोनों सहेलियों से पानी लाने में मदद मांगी। आसपास की दुकानों पर पानी नहीं मिलने के बाद उन्होंने दूसरे व्यक्ति की सहायता से पानी की बोतल मंगवाई और उसकी मदद की। बोतल के पैसे भी दोनों सहेलियों ने ही दिए। लेकिन आरोप है कि स्कॉर्पियो सवार व्यक्ति इस बात पर भड़क गया और पानी लाने वाले व्यक्ति को गालियां देने लगा। उसने उसे जबरन 500 रुपये भी पकड़ा दिए।
इसके बाद स्थिति और बिगड़ गई। आर्टिस्ट का आरोप है कि स्कॉर्पियो सवार दोनों लोग उन पर गाड़ी में बैठने और साथ चलकर खाना खाने का दबाव बनाने लगे। जब दोनों ने मना किया तो उन्होंने पास में मौजूद मोमोज की दुकान तक चलने की बात कही। दोनों सहेलियों ने पैदल जाने की इच्छा जताई, लेकिन आरोप है कि उन्हें जबरन गाड़ी में बैठा लिया गया।
आर्टिस्ट ने बताया कि गाड़ी में बैठते समय उन्होंने खिड़की का शीशा आधा खुला रखा, ताकि जरूरत पड़ने पर चलती गाड़ी से बाहर निकल सकें। जब स्कॉर्पियो मोमोज की दुकान के पास रुकी तो दोनों नीचे उतरने लगीं, लेकिन गाड़ी में मौजूद लोगों ने उन्हें बैठे रहने को कहा। इसके बावजूद दोनों सहेलियां किसी तरह बाहर निकलीं और व्यक्ति को उसके दिए हुए 500 रुपये वापस कर दिए। इससे वह और नाराज हो गया और फिर से गाली-गलौज करने लगा।
किसी तरह दोनों वहां से भागकर ट्यूलिप सोसाइटी के पास पहुंचीं और करीब 15 मिनट तक एक सोसाइटी में छिपी रहीं। आसपास पर्याप्त स्ट्रीट लाइट नहीं होने के कारण रास्ते पर अंधेरा था। जब उन्हें लगा कि स्कॉर्पियो वहां से जा चुकी है तो वे बाहर निकलीं और अपने पीजी की तरफ बढ़ने लगीं। लेकिन कुछ ही देर बाद वही गाड़ी दोबारा उनके पीछे आ गई।
आर्टिस्ट के मुताबिक, दोनों सहेलियां तेजी से अपने पीजी पहुंचीं। वह खुद किसी तरह अंदर चली गई, लेकिन उसकी सहेली बाहर रह गई। इसके बाद वह पीजी में रहने वाले दो युवकों को साथ लेकर आई और अपनी सहेली को सुरक्षित अंदर पहुंचाया। आरोप है कि स्कॉर्पियो सवार दोनों लोग इसके बाद भी करीब 30 मिनट तक पीजी के बाहर खड़े रहे।
इस घटना से दोनों सहेलियां इतनी डर गई थीं कि सुबह करीब 6 बजे तक सो नहीं पाईं। आर्टिस्ट ने बताया कि घबराहट के कारण वह न तो आरोपियों की तस्वीर ले सकीं और न ही गाड़ी का नंबर नोट कर पाईं। अगले दिन सुबह करीब 9 बजे उनके पास एक अनजान नंबर से कॉल आई, जिसे डर के कारण उन्होंने काट दिया। दोपहर तक दूसरे नंबर से उन्हें सॉरी का संदेश भी मिला।
हालांकि, आर्टिस्ट का कहना था कि पूरी रात डर और परेशानी में बिताने के बाद केवल माफी मांग लेने से उस घटना का असर खत्म नहीं हो सकता। उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी आपबीती साझा करते हुए महिला सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए।
पोस्ट सामने आने के बाद गुरुग्राम पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया और जांच शुरू कर दी। फिलहाल सोशल मीडिया पर साझा किए गए आरोपों और घटनाक्रम की जांच की जा रही थी। इस घटना ने एक बार फिर रात के समय सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी।
Satya Report डिस्क्लेमर: यह समाचार पीड़िता द्वारा सोशल मीडिया पर साझा किए गए घटनाक्रम और उपलब्ध रिपोर्टों पर आधारित है। मामले में लगाए गए आरोपों की पुलिस जांच जारी है।



