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गलत फाइनेंशियल रिपोर्ट पर ‘साइन करने से किया इनकार’, बॉस ने नौकरी से निकाला; CEO ने सच्चाई जानी तो दिया बड़ा ऑफर

गलत फाइनेंशियल रिपोर्ट पर ‘साइन करने से किया इनकार’, बॉस ने नौकरी से निकाला; CEO ने सच्चाई जानी तो दिया बड़ा ऑफर

कई बार कार्यस्थल पर गलत बात का विरोध करना किसी कर्मचारी के लिए मुश्किल खड़ी कर सकता है। अमेरिका से जुड़ी एक ऐसी ही दिलचस्प कहानी सामने आई है, जिसमें एक कर्मचारी ने कथित तौर पर गलत आंकड़ों वाली फाइनेंशियल रिपोर्ट को मंजूरी देने से इनकार कर दिया। इसके कुछ समय बाद उसके मैनेजर ने उसे नौकरी से निकालने का फैसला कर लिया। हालांकि, कंपनी के CEO के साथ हुई एक निजी मीटिंग के बाद पूरा मामला बदल गया और कर्मचारी को दोबारा नौकरी का ऑफर मिल गया।

कर्मचारी ने सोशल मीडिया पर अपनी कहानी साझा करते हुए दावा किया कि वह पिछले चार साल से कंपनी में रिमोट काम कर रहा था। इस दौरान वह लगातार अपने टारगेट पूरे कर रहा था और उसके काम को लेकर कोई बड़ी शिकायत भी नहीं थी। इसके बावजूद एक दिन उसके मैनेजर ने उसे कॉल करके बताया कि कंपनी की बिजनेस प्रायोरिटी बदलने के कारण उसकी पोजिशन खत्म की जा रही है।

गलत रिपोर्ट पर साइन नहीं करना पड़ा भारी

कर्मचारी के मुताबिक, नौकरी से निकाले जाने से करीब तीन सप्ताह पहले उसने एक फाइनेंशियल रिपोर्ट पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया था। उसका दावा था कि रिपोर्ट में दर्ज कुछ आंकड़े गलत थे और वह उनकी पुष्टि किए बिना उन्हें मंजूरी नहीं देना चाहता था। कर्मचारी के अनुसार, उसके इस फैसले से मैनेजर नाराज हो गया और उसे मुश्किल पैदा करने वाला कर्मचारी बताने लगा।

जब मैनेजर ने उसे नौकरी से निकालने की जानकारी दी, तो कर्मचारी ने माना कि शायद अब उसके पास कंपनी छोड़ने के अलावा कोई विकल्प नहीं है। वह नौकरी से संबंधित दस्तावेजों को स्वीकार करने की तैयारी कर ही रहा था कि उसे कंपनी के CEO की ओर से एक निजी मीटिंग का अनुरोध मिला।

CEO के सवाल ने बदल दिया पूरा मामला

कर्मचारी ने बताया कि वह CEO के साथ होने वाली मीटिंग को भी नौकरी से विदाई की औपचारिकता समझ रहा था। लेकिन बातचीत के दौरान CEO ने उससे पूछा कि क्या मैनेजर ने उसे नौकरी से निकालने की असली वजह बताई है।

इसके बाद कर्मचारी ने फाइनेंशियल रिपोर्ट और उस पर हस्ताक्षर करने से इनकार करने की पूरी बात CEO को बता दी। कर्मचारी का दावा है कि यह सुनकर CEO कुछ देर तक चुप रहे। फिर उन्होंने अपनी स्क्रीन पर कुछ आंतरिक ईमेल दिखाए।

कर्मचारी के अनुसार, इन ईमेल से संकेत मिला कि रिपोर्ट को मंजूरी देने से इनकार करने के बाद ही मैनेजर ने उसे नौकरी से निकालने की सिफारिश की थी। उसने यह भी दावा किया कि CEO पहले से ही कंपनी के कुछ संदिग्ध वित्तीय आंकड़ों की जांच कर रहे थे।

वित्तीय आंकड़ों में गड़बड़ी की जांच का दावा

कर्मचारी की पोस्ट के मुताबिक, कंपनी में संभावित अधिग्रहण से पहले राजस्व के आंकड़ों में कथित हेरफेर की आशंका की जांच चल रही थी। दावा है कि कुछ वरिष्ठ अधिकारियों पर वित्तीय आंकड़ों को गलत तरीके से पेश करने का संदेह था।

कर्मचारी ने बताया कि CEO ने उससे कहा कि मैनेजर ने शायद उसे हटाकर मामले को खत्म करने की कोशिश की थी, लेकिन इस फैसले ने जांच को और गंभीरता से आगे बढ़ाने का कारण दे दिया। हालांकि, कंपनी, वित्तीय गड़बड़ी और संबंधित अधिकारियों के बारे में इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी से नहीं होती है।

नौकरी वापस मिली, सैलरी बढ़ाने का भी ऑफर

कर्मचारी के अनुसार, CEO से बातचीत के बाद उसकी नौकरी से निकालने की प्रक्रिया रोक दी गई। इसके बाद कंपनी की कानूनी टीम ने मामले से जुड़े दस्तावेजों और सबूतों की समीक्षा शुरू की।

उसने दावा किया कि मीटिंग खत्म होने तक उसे कंपनी के दूसरे विभाग में काम करने का लिखित ऑफर मिल गया था। इस प्रस्ताव में बढ़ी हुई सैलरी और कंपनी की कंप्लायंस टीम तक सीधी पहुंच देने की बात भी शामिल थी। कर्मचारी ने यह भी दावा किया कि दो दिन बाद उसके पूर्व मैनेजर को कार्यालय से बाहर ले जाया गया।

कर्मचारी के मुताबिक, उसने नौकरी छोड़ने से संबंधित पुराने सेवरेंस एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर नहीं किए थे। उसकी कहानी सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक व्यक्तिगत दावे पर आधारित है, इसलिए इसे कंपनी की ओर से पुष्टि की गई घटना नहीं माना जा सकता।

सत्या रिपोर्ट डिस्क्लेमर: यह खबर सोशल मीडिया पर साझा किए गए दावों के आधार पर तैयार की गई है। इसमें बताए गए घटनाक्रम और आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की गई है।

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