
महाराष्ट्र के मालेगांव से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया। यहां बैलपोला त्योहार के दौरान पूजा के लिए रखे नैवेद्य के साथ एक बैल ने करीब तीन तोले की सोने की चेन भी निगल ली। किसान को जब इसकी जानकारी हुई तो वह दोनों बैलों को लेकर पशु अस्पताल पहुंचा। जांच में पता चला कि सोने की चेन आखिर किस बैल के पेट में है। करीब 15 दिन की निगरानी के बाद डॉक्टरों ने सर्जरी कर चेन को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
पूजा की थाली में रखी थी सोने की चेन
मामला मालेगांव तालुका के वनपत गांव का बताया जा रहा है। यहां किसान शिवाजी बोरसे ने बैलपोला त्योहार के मौके पर अपने दोनों बैलों की पूजा की थी। पूजा के बाद दोनों बैलों के सामने नैवेद्य की थाली रखी गई।
बताया गया कि इसी थाली में करीब तीन तोले की सोने की चेन भी रखी हुई थी। इसी दौरान एक बैल ने प्रसाद खाते समय सोने की चेन भी निगल ली।
घटना का पता चलने के बाद किसान परिवार के होश उड़ गए। सबसे बड़ी परेशानी यह थी कि घर में दो बैल थे और यह पता नहीं चल पा रहा था कि आखिर सोने की चेन किस बैल ने निगली है।
एक्स-रे से पता चला किस बैल ने निगली चेन
किसान शिवाजी बोरसे दोनों बैलों को लेकर चालीसगांव स्थित सरकारी पशु अस्पताल पहुंचे। वहां डॉक्टरों ने दोनों बैलों की जांच के लिए एक्स-रे कराया।
एक्स-रे रिपोर्ट सामने आने के बाद यह स्पष्ट हो गया कि सोने की चेन किस बैल के पेट में मौजूद है। इसके बाद डॉक्टरों ने बैल की स्थिति पर निगरानी रखी और सर्जरी की तैयारी शुरू की।
15 दिन बाद हुई सर्जरी
डॉक्टरों की टीम ने करीब 15 दिन तक बैल की निगरानी की। इसके बाद उचित समय देखकर ऑपरेशन किया गया। सर्जरी के दौरान डॉक्टरों ने बैल के पेट से तीन तोले की सोने की चेन सुरक्षित बाहर निकाल ली।
चेन को बिना किसी नुकसान के निकाल लिया गया, जिससे किसान को बड़ी राहत मिली।
पेट से निकली चेन के साथ प्लास्टिक और सिक्के भी
सर्जरी के दौरान डॉक्टरों को बैल के पेट में सिर्फ सोने की चेन ही नहीं मिली। जांच और ऑपरेशन के दौरान पेट से दो टेनिस बॉल के आकार की प्लास्टिक की गेंदें, नायलॉन का तार और एक-एक रुपये के दो सिक्के भी बाहर निकाले गए।
इससे यह भी पता चला कि बैल ने पहले भी खाने-पीने की चीजों के साथ कुछ ऐसी वस्तुएं निगल ली थीं, जो उसके लिए नुकसानदायक हो सकती थीं।
बैल भी सुरक्षित, किसान कीमती चेन वापस पाकर खुश
सर्जरी सफल रहने के बाद बैल की हालत स्थिर बताई गई। डॉक्टरों की निगरानी में उसकी देखभाल की गई। दूसरी तरफ किसान को भी बड़ी राहत मिली, क्योंकि उनकी कीमती सोने की चेन वापस मिल गई और बैल की जान भी बच गई।
यह मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि पूजा के दौरान प्रसाद के साथ सोने की चेन निगलने वाले बैल की पहचान एक्स-रे से हुई और करीब 15 दिन बाद जटिल सर्जरी के जरिए चेन को उसके पेट से बाहर निकाला जा सका।



