
अबोहर में एक अजीबो गरीब घटना उस समय सामने आई जब करीब 9 दिन पहले हनुमानगढ रोड़ से मिली एक सिर कटी लाश का पहले तो 8 दिनों तक पोस्टमार्टम ही नहीं करवाया गया, पुलिस जिसे पुरुष का शव बताती रही वही कल नौवें दिन शव का जब फरीदकोट के मेडीकल कालेज में पोस्टमार्टम हुआ तो पता चला कि वह शव किसी पुरुष का नहीं बल्कि एक महिला का था जिसका न ही सिर था और न ही दोनों पांव थे और दोनों हाथ भी कटे हुए थे। संभवत महिला का कत्ल किया गया था। परिजनों का पता ही नहीं चलने पर शव को संस्था हवाले किया गया, जिसका संस्था सदस्यों ने दाह संस्कार कर दिया।
नर सेवा नारायण सेवा समिति प्रधान राजू चराया ने बताया कि आज से करीब 9 दिन पहले एक अज्ञात शव नहर से मिला था, जिसके शरीर पर काले रंग की पेंट पहनी हुई थी और शव पुराना व काफी गला सड़ा होने से उसकी पहचान कर पाना मुश्किल था। नगर थाना पुलिस ने संस्था की मदद से पहचान व पोस्टमार्टम के लिए रखवाया था लेकिन 8 दिन बीत जाने पर भी पुलिस ने उसका पोस्टमार्टम नहीं करवाया। उक्त शव को पोस्टमार्टम आज फरीदकोट मेडीकल कालेज में करवया तो पता चला कि वह शव किसी पुरुष का नहीं बलिक एक महिला का था। इधर आज दोपहर संस्था ने मृतक महिला के शव का हिंदू रीति रिवाजों सहित दाह संस्कार कर दिया।
गौरतलब है कि अबोहर पुलिस इतने दिनों तक मीडिया में व्यक्ति का सिर कटा शव मिलने का प्रचार करती रही जिससे आसपास के ऐरिया के लोग भी उसी के आधार पर पहचान करते रहे अगर समय रहते यह पता चला कि शव किसी युवक का नहीं बल्कि महिला का है तो शायद जिस परिवार की महिला 10 दिन से अधिक दिनों से गायब है उसका परिवार महिला की पहचान के लिए पहुंच पाता और महिला के कथित मर्डर की गुत्थी सुलझ जाती।



