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डेढ़ साल बाद आया फैसला, 6 साल की बच्ची से दुष्कर्म-हत्या के मुख्य दोषी को फांसी.

डेढ़ साल बाद आया फैसला, 6 साल की बच्ची से दुष्कर्म-हत्या के मुख्य दोषी को फांसी.

अलीपुरद्वार: पश्चिम बंगाल के अलीपुरद्वार जिले में छह साल की बच्ची से दुष्कर्म और हत्या के करीब डेढ़ साल पुराने मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। फास्ट ट्रैक कोर्ट ने मामले के मुख्य दोषी बबलू मियां को फांसी की सजा सुनाई है। वहीं, तीन अन्य दोषियों जायदुल इस्लाम, मनीर हुसैन और मजीबुल शेख को उम्रकैद की सजा दी गई है। अदालत ने पीड़ित बच्ची के परिवार को छह लाख रुपये का मुआवजा देने का निर्देश भी राज्य सरकार को दिया है।

यह मामला 16 अक्टूबर 2024 का है। जयगांव के डालडाबाड़ी इलाके में स्थित एक परित्यक्त गोदाम से छह वर्षीय बच्ची का शव बरामद हुआ था। जांच के दौरान पुलिस को उसके साथ दुष्कर्म के बाद हत्या किए जाने के साक्ष्य मिले थे। मामले ने इलाके में काफी आक्रोश पैदा किया था।

पुलिस जांच में सामने आया कि मामले में शामिल चारों आरोपी बच्ची के पड़ोसी थे। आरोप के मुताबिक, मुख्य दोषी बबलू मियां बहाने से बच्ची को अपने साथ ले गया था। इसके बाद उसके साथ वारदात को अंजाम दिया गया और उसकी हत्या कर दी गई।

जांच के दौरान पुलिस ने इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। इसी जांच के आधार पर मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया गया। बाद में पुलिस ने तीन अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत के सामने आरोपों से जुड़े कई साक्ष्य पेश किए।

कोर्ट में कुल 22 गवाहों के बयान दर्ज किए गए। इसके अलावा फॉरेंसिक रिपोर्ट और डीएनए से जुड़े साक्ष्य भी अदालत के सामने रखे गए। इन साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर अदालत ने चारों आरोपियों को दोषी करार दिया।

हालांकि, बच्ची के शव को जलाने से जुड़े आरोप अदालत में साबित नहीं हो सके। इसके बावजूद दुष्कर्म और हत्या के मामले में मुख्य दोषी को मृत्युदंड और तीन अन्य दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई।

फैसला सुनाए जाने के बाद बच्ची की मां ने कहा कि वह सभी आरोपियों के लिए फांसी की सजा चाहती थीं। अभियोजन पक्ष ने भी अदालत के सामने चारों दोषियों के लिए मृत्युदंड की मांग की थी। अदालत के फैसले के बाद अब इस मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू होगी।

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