Satya Report: श्री केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल की सुबह 8 बजे से खोल दिये जाएंगे। ग्रीष्म ऋतु के लिए मंदिर के खुलने के उपलक्ष्य में पूरे मंदिर को फूलों से सजाया जा रहा है। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी कल मंदिर के द्वार खुलने के अवसर पर उपस्थित रहेंगे। इस साल की केदारनाथ यात्रा कई मायनों में खास और चुनौतीपूर्ण भी है, क्योंकि भारी बर्फबारी के बाद रास्ते में खड़े विशाल ग्लेशियरों को काटकर रास्ता बनाया गया है। इस बार केदारनाथ धाम के लिए सात लाख से ज्यादा लोगों ने रजिस्ट्रेशन कराया है।

यात्रियों की इस संख्या को देखते हुए प्रशासन ने चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। यात्रा मार्ग के हर पड़ाव पर मेडिकल कैंप लगाए गए हैं और डॉक्टरों की टीमें तैनात की गई हैं ताकि ऊंचाई पर तबीयत बिगड़ने वाले यात्रियों को तुरंत इलाज मिल सके। कपाट खुलने से पहले भक्तों में दर्शन करने के लिए उत्साह चरम पर है।
केदारनाथ यात्रा 22 अप्रैल 2026, को सुबह आठ बजे कपाट खुलने के साथ शुरू हो रही है। केदारनाथ मंदिर में अब मंदिर परिसर के भीतर मोबाइल फोन का उपयोग पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया गया है। यह निर्णय मंदिर की पवित्रता और श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। मंदिर परिसर के भीतर मोबाइल फोन ले जाना, फोटो या वीडियो लेना और रील रिकॉर्ड करना सख्त मना है। मंदिर समिति के सदस्य विनीत पोस्टी ने बताया कि इन नियमों का उल्लंघन करने वाले किसी भी श्रद्धालु के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उत्तराखंड के उत्तरकाशी में स्थित पवित्र गंगोत्री धाम अक्षय तृतीया के शुभ अवसर पर 19 अप्रैल को श्रद्धालुओं के लिए खुल गया है। कपाट के खुलते ही भारत और विश्वभर से भारी संख्या में तीर्थयात्री माता गंगा का आशीर्वाद लेने के लिए उमड़ पड़े। गंगोत्री धाम के पुजारी अशोक सेमवाल ने बताया, “गंगोत्री धाम के द्वार खुले हुए आज तीसरा दिन है। सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गई हैं। पूरी घाटी ‘हर हर गंगे’ और ‘जय मां गंगा’ के शक्तिशाली जयकारों से गूंज रही है…” .



