
लखनऊ के जानकीपुरम विस्तार इलाके में हुई सनसनीखेज वारदात में रविवार 24 वर्षीय सिरफिरे अभिषेक ने गैस सिलेंडर से सिर कूंचकर छोटे भाई आर्यन (21) की हत्या कर दी। आर्यन का कसूर सिर्फ इतना था कि वृद्ध मां को लात मारने के बाद पिता को पीट रहे अभिषेक से विरोध किया था। इससे नाराज अभिषेक ने आर्यन को दौड़ाकर पकड़ा, धक्का देकर गिराया और सिलेंडर उठाकर उसके ऊपर दे मारा। इतनी दरिंदगी के बाद भी उसका मन न भरा तो उसने खून से लथपथ आर्यन का पैर घसीटता हुआ घर के बाहर लाकर फेंक दिया। परिवारवाले आर्यन को अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। साथ ही हत्या में प्रयुक्त सिलेंडर कब्जे में ले लिया। घटना की जानकारी पर जानकीपुरम थाना प्रभारी विनोद तिवारी, एसीपी अलीगंज शशि प्रकाश मिश्रा मौके पर पहुंचे।
मां-बाप को पीटने का विरोध किया था
जानकीपुरम विस्तार सेक्टर तीन निवासी रामानंद मिश्रा पेंटर हैं और पत्नी मंजू कॉस्मेटिक की दुकान चलाती हैं। बेटे अभिषेक और आर्यन साथ रहते थे, जबकि बेटी गौरी चाचा के घर में रहकर पढ़ाई करती है। आर्यन अलीगंज के एक बीज भंडार केंद्र में नौकरी करता था। रामानंद के मुताबिक, अभिषेक नशे का आदी है। सुबह वह नशे के लिए रुपये मांग रहा था। रुपये न देने पर मारपीट की। इसके बाद मां मंजू को सड़क पर लातें मारी थीं। इससे नाराज आर्यन ने बड़े भाई का विरोध किया था। अभिषेक ने आर्यन को पीटने की कोशिश की थी, लेकिन माता-पिता के रहने पर वह उस समय आर्यन को पीट नहीं सका था।
छोटे भाई को सिलेंडर पटककर मार डाला
माता-पिता के बाजार जाते ही किया हमला: दोपहर में रामानंद पत्नी मंजू के साथ खरीदारी के लिए यहियागंज मार्केट गए थे। इस बीच अभिषेक ने छोटे भाई आर्यन को पकड़ लिया। उसको पीटने लगा। आर्यन धक्का देकर भागा तो उसने दौड़ा लिया। आर्यन भागकर घर के अंदर पहुंचा डरकर उसने दरवाजा बंद कर दिया। सिरफिरे अभिषेक का गुस्सा शांत नहीं हुआ। वह छत पर चढ़ा और घर के अंदर पहुंचा। आर्यन को पीटने लगा। गुस्से में पास में रखा एलपीजी का भरा सिलेंडर आर्यन के सिर पर मार दिया।
मरणासन्न होने पर घसीटते हुए सड़क पर लाया
सिरफिरे और नशे के आदी अभिषेक का मन फिर भी नहीं भरा। वह मरणासन्न हो चुके आर्यन की टांग पकड़कर घसीटते हुए घर से बाहर सड़क पर लेकर पहुंचा। आरोपी ने सड़क पर आर्यन को फेंककर मोहल्ले वालों से बोलने लगा कि इसको मार डाला है। अब जिसको जो करना हो कर लो। मौके पर मौजूद चाचा परमानंद व पड़ोसी मरणासन्न आर्यन को केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
नशे का आदी आरोपी रोजाना करता था मारपीट
परिजनों, पड़ोसियों के मुताबिक अभिषेक कोई काम नहीं करता था। वह नशे का आदी था। नशे के लिए ही माता-पिता से रोजाना रुपए की मांग करता था। रुपए न देने पर माता-पिता से मारपीट करता था। छोटी-छोटी बातों पर भाई, बहन और पड़ोसियों से भी आए दिन मारपीट करता था। यही वजह थी कि रामानंद ने बेटी गौरी (23) को भाई के घर पढ़ाई के लिए हमेशा के लिए भेज दिया था। परिजनों को डर सताता था कि कहीं वह कोई अनहोनी न कर दे।



