CrimeGajabIndiaTrending

शादी से पहले मामी को लेकर भागा दूल्हा, परिवार ने 14 साल के छोटे भाई की 26 वर्षीय युवती से तय कर दी शादी

शादी से पहले मामी को लेकर भागा दूल्हा, परिवार ने 14 साल के छोटे भाई की 26 वर्षीय युवती से तय कर दी शादी

घर में बड़े बेटे की शादी की तैयारियां चल रही थीं। बारात निकलने वाली थी और परिवार के लोग विवाह की रस्मों में व्यस्त थे। तभी ऐसा घटनाक्रम हुआ कि शादी की खुशियां चिंता में बदल गईं। होने वाला दूल्हा अपनी मामी को लेकर घर से चला गया। इसके बाद परिवार ने शादी की तैयारी जारी रखने के लिए उसके छोटे भाई का रिश्ता तय कर दिया, लेकिन एक बड़ी बात सामने आते ही चाइल्ड हेल्पलाइन की टीम ने मौके पर पहुंचकर विवाह रुकवा दिया।

मामला एटा जिले के पिलुआ थाना क्षेत्र के एक गांव का है। जानकारी के मुताबिक, परिवार के बड़े बेटे की बारात फिरोजाबाद जानी थी। घर में शादी की तैयारियां चल रही थीं। इसी दौरान युवक ने घरवालों से पार्लर जाने की बात कही और गाड़ी लेकर निकल गया। आरोप है कि वह अपनी मामी को भी साथ ले गया।

शाम तक जब युवक वापस नहीं लौटा, तो परिवार को पता चला कि वह मामी के साथ चला गया है। अचानक हुए इस घटनाक्रम से दोनों परिवारों में खलबली मच गई। शादी को लेकर बनाई गई योजनाएं बिगड़ गईं और घर में तनाव का माहौल बन गया।

बड़े बेटे के जाने के बाद छोटे भाई की शादी की तैयारी

बताया गया कि बड़े बेटे के इस तरह चले जाने के बाद परिवार ने शादी को लेकर दूसरा रास्ता निकालने की कोशिश की। घरवालों ने उसके छोटे भाई की शादी 26 वर्षीय युवती से कराने की तैयारी शुरू कर दी। लेकिन परिवार का यह फैसला गंभीर चिंता का विषय था, क्योंकि किशोर की उम्र महज 14 साल थी।

बाल विवाह की आशंका की सूचना चाइल्ड हेल्पलाइन तक पहुंची। सूचना मिलते ही टीम गांव पहुंची और मामले की जांच की। टीम ने पाया कि नाबालिग की शादी कराए जाने की तैयारी चल रही थी। इसके बाद अधिकारियों ने हस्तक्षेप कर विवाह रुकवा दिया।

चाइल्ड हेल्पलाइन ने किशोर को संरक्षण में लिया

चाइल्ड हेल्पलाइन की प्रभारी ज्योति शर्मा के अनुसार, टीम ने समय रहते कार्रवाई करते हुए 14 वर्षीय किशोर का बाल विवाह होने से बचाया। किशोर को चाइल्ड हेल्पलाइन कार्यालय में रखा गया, जहां से उसे बाल संरक्षण समिति के सामने पेश किए जाने की प्रक्रिया बताई गई।

इस मामले ने परिवार की परिस्थितियों के बीच एक नाबालिग की सुरक्षा का सवाल खड़ा कर दिया। बड़े बेटे के घर छोड़कर जाने के बाद छोटे भाई की शादी तय करने का फैसला लिया गया था, लेकिन कानून के तहत नाबालिग का विवाह कराना स्वीकार्य नहीं है।

बाल विवाह बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और भविष्य पर गंभीर असर डाल सकता है। ऐसे मामलों में बच्चे की सुरक्षा और उसके सर्वोत्तम हित को प्राथमिकता देना जरूरी है।

सत्या रिपोर्ट डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध समाचार जानकारी के आधार पर तैयार की गई है। घटना से जुड़े विवरणों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है।

contact.satyareport@gmail.com

Leave a Reply