
शादी के सपनों के साथ ससुराल पहुंची एक नवविवाहिता की खुशियां कुछ ही घंटों में डरावने अनुभव में बदल गईं। जिस रिश्ते को उसने जिंदगी की नई शुरुआत समझा था, वही उसके लिए सदमे और धोखे की कहानी बन गया।
महिला का आरोप है कि शादी के बाद उसे उम्मीद थी कि वह अपने नए जीवन की शुरुआत करेगी, लेकिन सुहागरात ही नहीं मन सकी। उसका पति दवा खाने के बाद लगातार दो दिनों तक सोता रहा। पहले तो उसे लगा कि शायद शादी की थकान होगी, लेकिन जब दो दिन बीतने के बाद भी स्थिति नहीं बदली तो उसके मन में शक पैदा हो गया।
जब उसने इस बारे में अपनी सास से पूछा तो जवाब मिला कि घबराने की कोई बात नहीं है, दवा का असर है और सब ठीक हो जाएगा। लेकिन महिला को यह बात हजम नहीं हुई। उसने चुपचाप पति की दवाइयों के पर्चे की तस्वीर लेकर अपने परिचित डॉक्टर को भेज दी।
डॉक्टर से मिली जानकारी ने उसके होश उड़ा दिए। महिला का दावा है कि उसे पता चला कि उसके पति का लंबे समय से मानसिक बीमारी का इलाज चल रहा था और यह बात शादी से पहले जानबूझकर उससे और उसके परिवार से छिपाई गई थी।
महिला का आरोप है कि जब उसने इस बारे में ससुराल वालों से सवाल किया तो मामला सुलझाने की बजाय उस पर दबाव बनाया जाने लगा। इसी दौरान सास-ससुर ने पति के इलाज के नाम पर तीन लाख रुपये की मांग भी रख दी।
पीड़िता का कहना है कि जब उसने अपने ससुर से इस धोखे का कारण पूछा तो उन्होंने ऐसी बात कह दी, जिसे सुनकर वह सन्न रह गई। महिला के मुताबिक, ससुर ने कहा कि “अगर बेटा अनफिट है तो क्या हुआ… हम हैं ना, तुम्हारी जिंदगी संभाल लेंगे।” इस कथित टिप्पणी के बाद महिला ने तुरंत विरोध किया।
महिला का आरोप है कि विरोध करने पर उसके साथ अभद्र व्यवहार किया गया, गालियां दी गईं और उसे घर से निकाल दिया गया। इतना ही नहीं, उसने यह भी आरोप लगाया कि उसकी शादी के जेवर और नगदी भी ससुराल पक्ष ने अपने पास रख लिए और वापस नहीं किए। साथ ही उसे जान से मारने की धमकियां भी दी जाने लगीं।
आखिरकार पीड़िता ने हार मानने के बजाय कानूनी रास्ता चुना। उसने संबंधित अधिकारियों और महिला आयोग से शिकायत की। शिकायत के आधार पर पुलिस ने पति, सास और ससुर के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
फिलहाल पुलिस महिला द्वारा लगाए गए सभी आरोपों की जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।



