
गाजियाबाद। उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद स्थित मोदीनगर के पूठरी गांव में एक मामूली से मजाक का बदला लेने के लिए एक सनकी युवक ने गद्दा फैक्टरी के कर्मचारी की दरांती से गोदकर निर्मम हत्या कर दी। मृतक की पहचान तरुण उर्फ नमित के रूप में हुई है, जो मूल रूप से मुजफ्फरनगर के खतौली का निवासी था और पिछले दो साल से पूठरी गांव में सपरिवार किराए पर रह रहा था।
तरुण रविवार शाम को टहलने निकला था, जिसके बाद वह संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गया। सोमवार सुबह गांव से करीब 500 मीटर दूर एक गन्ने के खेत में उसका लहूलुहान और क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ। आरोपी ने क्रूरता की सारी हदें पार करते हुए तरुण की दोनों आंखें फोड़ दीं और उसके चेहरे, गर्दन, पेट तथा निजी अंगों पर दरांती से अनगिनत वार कर उसकी आंतें तक बाहर निकाल दीं। वह शव को बोरे में भरकर ठिकाने लगाने की फिराक में था, लेकिन नाकाम रहने पर वहीं छोड़कर भाग गया।
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पूठरी गांव के ही निवासी निरांचल उर्फ ‘मंत्री'(33) को गिरफ्तार कर लिया है, जिसने पूछताछ में अपना जुर्म कबूल कर लिया है। आरोपी ने बताया कि कुछ दिन पहले तरुण और उसके दोस्तों ने उसे ‘भंगजी बाबा’ कहकर उसका मजाक उड़ाया था, जिससे वह बेहद आक्रोशित था।
रविवार शाम को जब तरुण अकेले निवाड़ी रोड की तरफ जा रहा था, तब उसने फिर से निरांचल पर वही तंज कस दिया, जिससे गुस्साए आरोपी ने अपने पास छिपाई दरांती से उस पर हमला कर दिया। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी निरांचल बेहद सनकी प्रवृत्ति का है, मजदूरी करता है और नशे का आदी होने के साथ-साथ तांत्रिक क्रियाओं में भी रुचि रखता है।
उसने बताया कि हत्या की वारदात को अंजाम देने के बाद उसने शव के पास खड़े होकर संस्कृत के श्लोक भी पढ़े थे। वह इस मजाक से इतना आहत था कि गांव के कुछ अन्य लड़कों को भी ठिकाने लगाने की फिराक में था और तीन दिन पहले उसने प्रिंस नाम के एक अन्य युवक पर भी हमला किया था, लेकिन बीच-बचाव के कारण वह बच गया था।
वारदात के बाद आरोपी मृतक का मोबाइल फोन अपने साथ घर ले गया था, जिसकी लोकेशन ट्रैकिंग के आधार पर पुलिस ने उसे दबोच लिया और उसकी निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल की गई दरांती भी बरामद कर ली है। इस खौफनाक घटना के बाद से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है।
मृतक तरुण अपने घर का सबसे बड़ा बेटा था और परतापुर की एक गद्दा फैक्टरी में काम कर अपने गरीब परिवार का भरण-पोषण करने में मदद करता था। उसके पिता निर्दोष सैन मजदूरी करते हैं और तरुण की मौत के बाद से मां मधुबाला, भाई और दोनों बहनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पीड़ित परिवार ने पुलिस-प्रशासन से आरोपी को सख्त से सख्त सजा देने की मांग की है।



