
उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में तेंदुओं की बढ़ती गतिविधियों ने ग्रामीणों और दुकानदारों की चिंता बढ़ा दी है। मोतीपुर रेंज के दरोगापुरवा इलाके में बुधवार शाम एक तेंदुआ अचानक सड़क किनारे बनी झोपड़ी में घुस गया। हैरानी की बात यह रही कि तेंदुआ झोपड़ी के अंदर रखी चारपाई पर काफी देर तक बैठा रहा।
पास में चक्की चलाने वाले दुकानदार यूसुफ की नजर जब झोपड़ी के अंदर गई तो वहां तेंदुए को देखकर उसके होश उड़ गए। कुछ पल के लिए वह घबरा गया, लेकिन फिर खुद को संभालते हुए वहां से सुरक्षित हट गया। इसके बाद उसने तेंदुए की तस्वीर अपने मोबाइल में कैद की और आसपास के लोगों को इसकी जानकारी दी।
शोर मचते ही झोपड़ी से बाहर निकला तेंदुआ
झोपड़ी में तेंदुआ होने की जानकारी मिलते ही आसपास के लोगों में दहशत फैल गई। कुछ देर बाद लोगों ने शोर मचाना शुरू किया तो तेंदुआ झोपड़ी से बाहर निकला और वहां से भाग गया।
जिस स्थान पर यह झोपड़ी बनी है, वहां से ग्रामीणों और दुकानदारों की आवाजाही होती रहती है। ऐसे में दिन के समय आबादी के नजदीक तेंदुए के पहुंचने से लोगों की चिंता और बढ़ गई है।
स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि अब उन्हें हर समय इस बात का डर रहता है कि कहीं तेंदुआ अचानक किसी व्यक्ति के सामने न आ जाए। लोगों ने वन विभाग से इलाके में गश्त बढ़ाने और तेंदुए की गतिविधियों पर लगातार नजर रखने की मांग की है।
सब्जी तोड़ने गई महिला पर तेंदुए का हमला, मौत
बहराइच में तेंदुए की मौजूदगी को लेकर चिंता की एक और बड़ी वजह सामने आई है। कतर्नियाघाट वन्यजीव अभयारण्य से जुड़े सुजौली थाना क्षेत्र के गड़ेरियनपुरवा गांव में करीब 35 वर्षीय ममता देवी पर तेंदुए के हमले की घटना सामने आई।
बताया गया कि महिला घर के पास खेत में सब्जी तोड़ने गई थीं। इसी दौरान गन्ने के खेत के आसपास छिपे तेंदुए ने अचानक उन पर हमला कर दिया। अचानक हुए हमले के कारण महिला को संभलने का मौका नहीं मिला।
घटना की जानकारी मिलते ही परिवार के लोग और ग्रामीण मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक महिला की मौत हो चुकी थी। ममता देवी के तीन बच्चे हैं। इस घटना के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है।
तेंदुए की दहशत से समय से पहले दुकानें बंद कर रहे लोग
महिला की मौत और आबादी के नजदीक तेंदुए के लगातार दिखाई देने की घटनाओं से इलाके में दहशत का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि तेंदुए के डर से कई दुकानदार अब शाम होने से पहले ही अपनी दुकानें बंद करके घर लौटने लगे हैं।
ग्रामीणों ने वन विभाग से क्षेत्र में नियमित गश्त बढ़ाने, तेंदुए की गतिविधियों पर नजर रखने और जरूरत पड़ने पर पिंजरा लगाने की मांग की है।
फिलहाल लोगों को सावधानी बरतने और सुनसान या खेतों वाले इलाकों में अकेले जाने से बचने की सलाह दी जा रही है। वन विभाग की कार्रवाई के बाद ही स्पष्ट होगा कि तेंदुए को पकड़ने के लिए आगे क्या कदम उठाए जाते हैं।



