उत्तराखंड के देहरादून में पुलिस ने खुद को का करीबी बताकर ठगी करने वाले शख्स को गिरफ्तार किया है। शख्स पर कांग्रेस नेताओं को राहुल गांधी के निजी सचिव बनकर ठगने का आरोप है। आरोपी की पहचान अमृतसर निवासी गौरव कुमार के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, वह देशभर के कई नेताओं के साथ चुनाव टिकट या पार्टी में पद दिलाने का झांसा देकर है।

सारा मामला तब सामने आया जब रविवार को उत्तराखंड नेता भावना पांडे ने आरोप लगाया कि 42 साल के आरोपी ने उनसे पार्टी में पद दिलाने के नाम पर 25 लाख रुपये ठग लिए। पुलिस ने बताया कि आरोपी गूगल के जरिए पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और उनके सहयोगियों की जानकारी जुटाता था।
भावना पांडे के अनुसार आरोपी ने खुद को कनिष्क सिंह बताते हुए उनसे 25 लाख रुपये की मांग की। उसने खुद को राहुल गांधी का पर्सनल सेक्रेटरी बताया। साथ ही पीड़िता को भरोसा दिलाने के लिए उसने स्पीकरफोन पर कुछ लोगों से बात कराई जिन्हें उसने हरीश रावत, हरक सिंह, यशपाल आर्य और गणेश गोदियाल जैसे वरिष्ठ नेताओं के रूप में पेश किया।
पैसे लेने के बाद फोन उठाना बंद किया
आरोपी ने यह भी दावा किया कि करीब 12 विधायक देहरादून के एक पांच सितारा होटल में ठहरे हुए हैं, जिन पर 22.5 लाख रुपये खर्च हो चुके हैं। इसी बहाने 25 लाख रुपये मांगे गए। 13 अप्रैल को आरोपी ने अपने एक सहयोगी को जाखन स्थित पीड़िता के घर भेजा, जहां से नकद रकम ली गई। पैसे मिलने के बाद आरोपी ने फोन उठाना बंद कर दिया। साथ ही रकम भी वापस नहीं की।
पांडे ने शिकायत में कहा कि पार्टी के अन्य नेताओं को भी इसी तरह के फोन आए थे। उन्होंने यह भी दावा किया कि आरोपी ने गोवा, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार समेत कई राज्यों में इसी तरह की ठगी की है। शिकायत के आधार पर राजपुर थाने में भारतीय न्याय संहिता की धारा 318 के तहत मामला दर्ज किया गया।
मोबाइल सर्विलांस, सीसीटीवी फुटेज और मुखबिरों की मदद से पुलिस ने आरोपी के बारे में जानकारी जुटाई। पता चला कि वह उत्तराखंड में पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं के संपर्क में था और जाखन स्थित पैसिफिक मॉल के पास एक अन्य कार्यकर्ता से भी टिकट दिलाने के नाम पर पैसे लेने वाला था।
करोड़ों की ठगी को दिया अंजाम
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसे कनिष्क सिंह के बारे में जानकारी मिली थी जो 2003 से 2015 तक राहुल गांधी के निजी सचिव रह चुके हैं। अब भी उनके करीबी माने जाते हैं। ऐसे में उसने ट्रूकॉलर पर कनिष्क सिंह के नाम से आईडी बनाई और देशभर के नेताओं की जानकारी जुटाकर ठगी को अंजाम दिया।
पुलिस के अनुसार, 2017 में जयपुर में उसने दो नेताओं से विधायक टिकट दिलाने के नाम पर क्रमशः 1.90 करोड़ और 12 लाख रुपये लिए थे। वहीं, 2025 में पटना में उसने एक राजनीतिक कार्यकर्ता से पार्टी में पद दिलाने के नाम पर 3 लाख रुपये ठगे थे।



