
उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में एक ऐसा मामला सामने आया था, जिसने पारिवारिक विवाद को अचानक बेहद पेचीदा बना दिया था। शादी के महज डेढ़ महीने बाद पति-पत्नी अपने बीच चल रहे विवाद को लेकर थाने पहुंचे थे। दोनों परिवारों को बातचीत और समझौते के लिए बुलाया गया था, लेकिन इसी दौरान महिला को अचानक तेज प्रसव पीड़ा शुरू हो गई।
पुलिस चौकी के पास मंदिर के नजदीक महिला ने बच्चे को जन्म दे दिया था। पुलिसकर्मियों ने तुरंत मदद की और जच्चा-बच्चा को अस्पताल पहुंचाया। हालांकि, बच्चे के जन्म के बाद पति ने पत्नी की प्रेग्नेंसी को लेकर ऐसे सवाल उठाए, जिससे पूरा मामला और उलझ गया था।
शादी के कुछ ही दिन बाद सामने आई प्रेग्नेंसी
मामला सुबेहा थाना क्षेत्र का बताया गया था। सूरज और शिवानी की शादी 20 जून को हुई थी। शादी के कुछ समय बाद ही सूरज को पत्नी की प्रेग्नेंसी के बारे में पता चला था।
पति का दावा था कि शादी के करीब 10 दिन बाद वह काम के सिलसिले में गुजरात चला गया था। वहीं उसे पत्नी की प्रेग्नेंसी की जानकारी मिली थी। इसके बाद दोनों के बीच विवाद शुरू हो गया था और मामला धीरे-धीरे थाने तक पहुंच गया था।
पुलिस ने दोनों पक्षों को बातचीत के जरिए विवाद सुलझाने के लिए बुलाया था। परिवारों के बीच बातचीत चल ही रही थी कि शिवानी को अचानक तेज दर्द होने लगा।
थाने के पास मंदिर में हुई डिलीवरी
महिला की हालत बिगड़ते देख वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई थी। पुलिसकर्मियों ने तत्काल मदद की और महिला को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने की कोशिश की।
इसी दौरान मंदिर के पास महिला ने बच्चे को जन्म दे दिया था। इसके बाद पुलिस की मदद से जच्चा-बच्चा को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद दोनों को जिला महिला अस्पताल रेफर कर दिया गया था।
बताया गया था कि मां और बच्चा दोनों सुरक्षित थे।
पति ने पत्नी पर लगाए गंभीर आरोप
बच्चे के जन्म के बाद पति सूरज ने पत्नी पर गंभीर आरोप लगाए थे। उसका दावा था कि पत्नी का शादी से पहले गांव के ही एक व्यक्ति से संबंध था।
सूरज ने आरोप लगाया था कि उस व्यक्ति ने बच्चे की जिम्मेदारी लेने और कथित तौर पर 40 से 50 हजार रुपये देने की बात भी कही थी। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई थी।
पति के आरोप सामने आने के बाद पुलिस के सामने यह सवाल खड़ा हो गया था कि आखिर महिला की प्रेग्नेंसी कब हुई और मामले की वास्तविकता क्या थी।
पत्नी ने भी लगाए गंभीर आरोप
दूसरी तरफ शिवानी ने पति और ससुराल पक्ष के दावों को अलग तरीके से पेश किया था। महिला का आरोप था कि गांव के उसी व्यक्ति ने उसके साथ जबरदस्ती की थी।
उसने दावा किया था कि सामाजिक बदनामी और परिवार की वजह से उसने इस बारे में किसी को नहीं बताया था। शिवानी ने यह भी आरोप लगाया था कि उसके ससुराल वालों को शादी से पहले ही उसकी प्रेग्नेंसी की जानकारी थी।
वहीं, पति सूरज इस बात से अनजान होने का दावा कर रहा था। दोनों के अलग-अलग बयानों के बाद मामला और ज्यादा उलझ गया था।
पुलिस के सामने कई सवाल
अब पुलिस इस पूरे मामले की अलग-अलग पहलुओं से जांच कर रही थी। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही थी कि महिला कब गर्भवती हुई थी, परिवार के लोगों को इसकी जानकारी कब हुई और महिला द्वारा लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई थी।
पुलिस कथित रूप से बताए गए व्यक्ति की भूमिका की भी जांच कर रही थी। फिलहाल बच्चे के जन्म के बाद पति-पत्नी के बीच विवाद और गंभीर हो गया था।
मामले की सच्चाई पुलिस की जांच और सामने आने वाले सबूतों के बाद ही स्पष्ट होनी थी।



