Satya Report: अगली बार जब आप अपनी खिड़की के पास बैठकर बारिश की रिमझिम बूंदों का मजा ले रहे हों, तो एक पल के लिए जमीन के नीचे दबे उन नन्हे बीजों के बारे में जरूर सोचिए. क्या वो भी आपकी तरह इस संगीत को सुनकर सुकून महसूस कर रहे होंगे? मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT) के इंजीनियरों ने अपनी नई रिसर्च में कुछ ऐसा ही पता लगाया है, जो आपको हैरान कर सकता है. रिसर्च के मुताबिक, बारिश की आवाज सुनकर बीज केवल सुकून ही महसूस नहीं करते, बल्कि वो ‘जिंदा’ हो उठते हैं. वैज्ञानिकों ने चावल के बीजों पर कई महीनों तक गहरे प्रयोग किए हैं. इसमें पाया गया कि गिरने वाली बूंदों की आवाज सोए हुए बीजों को एक गहरी नींद से जगा देती है. यह आवाज उन्हें तेजी से अंकुरित होने के लिए प्रेरित करती है. जिन बीजों को बारिश की आवाज सुनाई दी, वे उन बीजों के मुकाबले कहीं ज्यादा तेजी से बढ़े जिन्हें पूरी तरह शांत माहौल में रखा गया था.








