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उत्तर बंगाल का राजवंशी चेहरा, शिक्षक से केंद्रीय मंत्री और अब डिप्टी CM… ऐसा रहा निसिथ प्रमाणिक का सफर

कभी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के डिप्टी रहे निसिथ प्रमाणिक अब पश्चिम बंगाल में डिप्टी सीएम का पदभार संभालेंगे. शुक्रवार को अमित शाह के नेतृत्व में कोलकाता में भाजपा विधायक दल की बैठक हुई. इस बैठक में शुभेंदु अधिकारी को मुख्यमंत्री और अग्निमित्रा पॉल के साथ निसिथ अधिकारी को उपमुख्यमंत्री बनाने का फैसला हुआ है. शनिवार को शुभेंदु अधिकारी के साथ निसिथ प्रमाणिक और अग्निमित्रा पॉल भी शपथ लेंगे.

उत्तर बंगाल का राजवंशी चेहरा, शिक्षक से केंद्रीय मंत्री और अब डिप्टी CM… ऐसा रहा निसिथ प्रमाणिक का सफर
उत्तर बंगाल का राजवंशी चेहरा, शिक्षक से केंद्रीय मंत्री और अब डिप्टी CM… ऐसा रहा निसिथ प्रमाणिक का सफर

बंगाल की सत्ता तय करने में के जुझारू चेहरे को तरजीह दी गयी है. तो अग्निमित्रा पॉल दक्षिण बंगाल का प्रतिनिधित्व करती हैं और एक महिला हैं. वहीं निसिथ अधिकारी राजवंशी समुदाय से हैं और वह उत्तर बंगाल का प्रतिनिधित्व करते हैं.

निसिथ प्रमाणिक का जन्म 17 जनवरी 1986 को भारत के पश्चिम बंगाल के कूचबिहार जिले में स्थित दिनहाटा में हुआ था. उनके मातापिता का पुश्तैनी घर बांग्लादेश में गैबांधा जिले के अंतर्गत पलाशबाड़ी उपजिला के हरिनाथपुर में था. 1968 में, उनका परिवार बांग्लादेश से आकर कूचबिहार के दिनहाटा में हमेशा के लिए बस गया.

तृणमूल कांग्रेस से राजनीतिक पारी की शुरुआत

उन्होंने 2001 में स्टेट बोर्ड के तहत भेटागुरी लाल बहादुर शास्त्री विद्यापीठ दिनहाटा से 10वीं पास की. वे एक प्राइमरी स्कूल में असिस्टेंट टीचर थे. उनकी शादी प्रियंका प्रमाणिक से हुई, जिनसे उनके दो बेटे हैं.

निसिथ अधिकारी ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत तृणमूल कांग्रेस से की थी, लेकिन 2019 में वह तृणमूल कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हो गये.

वह 2019 में सत्रहवीं लोकसभा में भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार के तौर पर पहली बार सांसद चुने गए थे. वह इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी पर स्टैंडिंग कमिटी के सदस्य और सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय की कंसल्टेटिव कमिटी के सदस्य थे.

सबसे कम उम्र के बने थे केंद्रीय मंत्री

2021 में, वह पश्चिम बंगाल के दिनहाटा चुनाव क्षेत्र से विधायक चुने गए. हालांकि, उन्होंने सांसद बने रहने के लिए विधायक पद से इस्तीफा दे दिया.वह गृह मंत्रालय के साथसाथ युवा मामले और खेल मंत्रालय में राज्य मंत्री के तौर पर काम किया.

जुलाई 2021 में, कैबिनेट फेरबदल के बाद वे दूसरे मोदी मंत्रालय में गृह मंत्री और युवा मामले और खेल मंत्रालय के राज्य मंत्री बने. 2021 तक, 35 साल की उम्र में वह यूनियन कैबिनेट में सबसे कम उम्र के मंत्री बन गए.

लेकिन 2024 के लोकसभा चुनाव में वह पराजित हुए. 2026 के विधानसभा चुनाव में वह माथाभांगा से उम्मीदवार बने और विजयी हुए. जुलाई 2021 में, निसिथ प्रमाणिक की नागरिकता पर सवाल उठाए. कांग्रेस ने उनपर बांग्लादेशी होने का आरोप लगाया.हालांकि खुद प्रमाणिक और भाजपा ने इसे खारिज कर दिया था. अब निसिथ प्रमाणिक को बंगाल के डिप्टी सीएम का दायित्व दिया गया है.

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