Mukhtar Gang News:उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में माफिया मुख्तार अंसारी गैंग के खिलाफ प्रशासन की कार्रवाई लगातार जारी है. इसी कड़ी में सोमवार को पुलिस और जिला प्रशासन ने गैंग के मुख्य शार्प शूटर माने जाने वाले अंगद राय उर्फ झूलन की करीब 9 करोड़ 50 लाख रुपये की अचल संपत्ति कुर्क कर ली. पुलिस का दावा है कि यह संपत्ति अपराध से अर्जित धन से खरीदी गई थी और इसे आरोपी ने अपनी पत्नी के नाम पर कराया था. प्रशासन ने उत्तर प्रदेश गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप अधिनियम, 1986 की धारा 14 के तहत यह कार्रवाई की.

पुलिस के मुताबिक अंगद राय ने अपराध से अर्जित धन के जरिए मुहम्मदाबाद तहसील क्षेत्र के गिरधरिया गांव में जमीन और मकान खरीदा था. यह संपत्ति उसकी पत्नी सरिता राय के नाम पर दर्ज है. प्रशासन के अनुसार, व्यावसायिक क्षेत्र में स्थित इस संपत्ति की मौजूदा बाजार कीमत करीब 9.5 करोड़ रुपये आंकी गई है. जिलाधिकारी के आदेश और पुलिस अधीक्षक की संस्तुति के बाद कुर्की की कार्रवाई पूरी की गई.
मुख्तार गैंग का भरोसेमंद शार्प शूटर
अंगद राय उर्फ झूलन को लंबे समय तक मुख्तार अंसारी गैंग का सबसे भरोसेमंद शार्प शूटर माना जाता रहा. पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार उसके खिलाफ हत्या, रंगदारी, धमकी, गैंगस्टर एक्ट और अन्य गंभीर धाराओं में करीब 25 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं. अपराध की दुनिया में उसका नाम एक ऐसे शूटर के रूप में लिया जाता रहा, जिसका निशाना बेहद सटीक माना जाता था. यही वजह थी कि वह गैंग के सबसे अहम सदस्यों में गिना जाता था.
गिरफ्तारी से बचने के लिए अपनाया था अनोखा तरीका
अंगद राय का नाम वर्ष 2023 में उस समय भी चर्चा में आया था, जब उसने गिरफ्तारी से बचने के लिए एक अनोखी चाल चली. पुलिस के अनुसार, उत्तर प्रदेश पुलिस की गिरफ्तारी से बचने के लिए वह बिहार पहुंच गया, जहां शराबबंदी लागू है. दुर्गावती थाना क्षेत्र के नुआंव गांव के पास वह कथित तौर पर दो बोतल शराब और दो बीयर कैन के साथ पकड़ा गया. माना गया कि उसने जानबूझकर खुद को बिहार पुलिस के हाथों गिरफ्तार कराया, ताकि उत्तर प्रदेश पुलिस की तत्काल गिरफ्तारी से बच सके.
आजीवन कारावास की सजा भी पा चुका
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक अंगद राय एक हत्या के मामले में निचली अदालत से आजीवन कारावास की सजा भी पा चुका है. हालांकि बाद में उसे हाईकोर्ट से जमानत मिल गई थी. जेल से बाहर आने के बाद भी उस पर गवाहों को धमकाने के आरोप लगे. पुलिस के अनुसार, अंगद राय, उसके भाई विश्वनाथ राय और एक अन्य व्यक्ति के खिलाफ गाजीपुर के पप्पू गिरी को कोर्ट में गवाही न देने के लिए धमकाने का मामला भी दर्ज हुआ था.
अपराध के दम पर बनाया राजनीतिक प्रभाव
अंगद राय का प्रभाव केवल अपराध तक सीमित नहीं रहा. पुलिस के अनुसार, उसने अपने प्रभाव के चलते अपनी पत्नी सरिता राय को भांवरकोल ब्लॉक प्रमुख का चुनाव भी जिताया था. इससे इलाके में उसकी राजनीतिक पकड़ की भी चर्चा होती रही.
अवैध संपत्तियों पर जारी रहेगा अभियान
गाजीपुर पुलिस का कहना है कि माफिया और गैंगस्टर नेटवर्क की आर्थिक कमर तोड़ने के लिए अवैध संपत्तियों पर कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी. प्रशासन का मानना है कि अपराध से अर्जित संपत्तियों को जब्त करना संगठित अपराध पर प्रभावी अंकुश लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है. पुलिस ने साफ किया है कि मुख्तार अंसारी गैंग से जुड़े अन्य आरोपियों की संपत्तियों और वित्तीय लेनदेन की भी जांच की जा रही है.


