
ब्रिटेन: साथ रहने वाले दोस्त की हत्या करने के मामले में 23 वर्षीय जैक कफलन को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। उसने अपने 21 वर्षीय हाउस मेट जेमी कॉलिन्स पर चाकू से करीब 30 वार किए थे। अदालत ने आदेश दिया कि जैक को कम से कम 28 साल जेल में बिताने होंगे। मामले की सुनवाई ब्रिस्टल क्राउन कोर्ट में हुई, जहां हत्या के बाद सबूत मिटाने की कोशिश से जुड़े कई अहम तथ्य भी सामने आए।
घर के पास गली में किया हमला
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, यह घटना 8 अप्रैल को ब्रिटेन के फिल्टन इलाके में हुई थी। जैक और जेमी एक ही घर में रहते थे। आरोप है कि जैक ने घर के बगीचे के पास वाली गली में जेमी के लौटने का इंतजार किया और फिर उस पर चाकू से हमला कर दिया।
हमले में जेमी की मौत हो गई। बताया गया कि जैक ने पुलिस से संपर्क करने से पहले करीब आठ घंटे तक शव के पास समय बिताया। जांच के दौरान पुलिस को ऐसे साक्ष्य मिले, जिनसे पता चला कि आरोपी ने घटना के बाद अपनी भूमिका छिपाने की कोशिश की थी।
साइकिल और खून से सने कपड़े छिपाने की कोशिश
जांच में सामने आया कि जैक जेमी की साइकिल लेकर वहां से चला गया और उसे पास के एक रिटेल पार्क में छोड़ दिया। इसके बाद उसने कपड़े खरीदे और हमले के दौरान पहने हुए खून से सने कपड़ों को एक तालाब में फेंक दिया। बताया गया कि कपड़ों को एक बैग में रखकर उन पर ईंटें भी रखी गई थीं, ताकि बैग पानी में डूबा रहे।
घर लौटने के बाद आरोपी ने खाना खाया और गेम खेले। उसने शुरुआत में हत्या के आरोप से इनकार किया था, हालांकि जेमी की जान लेने की बात स्वीकार की थी। उसका दावा था कि उसे डर था कि जेमी उस पर हमला कर सकता है और घटना के समय वह मानसिक रूप से परेशान था।
घर में लगे कैमरों से मिले अहम साक्ष्य
मामले की जांच में घर में लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग भी अहम साबित हुई। बताया गया कि ये कैमरे जैक ने ही लगाए थे। जांचकर्ताओं के अनुसार, रिकॉर्डिंग में वह घटना के बाद की परिस्थितियों को इस तरह पेश करने की कोशिश करता दिखाई दिया, जिससे लगे कि शव बाद में मिला था।
अदालत में यह भी बताया गया कि आरोपी ने रिकॉर्डिंग को कई बार देखा था। पुलिस ने अन्य साक्ष्यों और फॉरेंसिक जांच के आधार पर उसकी भूमिका की पड़ताल की। जैक ने बाद में अपना रुख बदलते हुए हत्या का अपराध स्वीकार कर लिया।
किराए और विचारों को लेकर था विवाद
जांच के दौरान दोनों के बीच किराए को लेकर विवाद और राजनीतिक विचारों में मतभेद की बात भी सामने आई। हालांकि, अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इन बातों से हत्या की असली वजह पूरी तरह स्पष्ट नहीं होती।
सजा सुनाते हुए जज ने जेमी को एक आदर्शवादी युवक बताया, जिसे समाज और दुनिया से जुड़े मुद्दों में दिलचस्पी थी। अदालत के मुताबिक, हत्या की योजना पहले से बनाए जाने के संकेत मिले और आरोपी ने अपना अपराध उस समय स्वीकार किया, जब उसके दोषी ठहराए जाने की संभावना काफी बढ़ चुकी थी।
जांच अधिकारी ने इस हत्या को सुनियोजित और बेहद बेरहम वारदात बताया। मामले में आरोपी को उम्रकैद के साथ कम से कम 28 साल जेल में बिताने का आदेश दिया गया है।
सत्या रिपोर्ट डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों और अदालत की कार्यवाही से जुड़ी जानकारी पर आधारित है। हत्या के पीछे की पूरी वजह स्पष्ट नहीं बताई गई है।



