
सत्या रिपोर्ट | साइंस डेस्क: क्या पृथ्वी के अलावा भी किसी दूसरे ग्रह पर पानी मौजूद है? और अगर पानी है, तो क्या वहां जीवन भी हो सकता है? ये ऐसे सवाल हैं, जिनके जवाब खोजने में वैज्ञानिक दशकों से जुटे हैं। अंतरिक्ष अभियानों से अब तक पता चला है कि पानी सिर्फ पृथ्वी तक सीमित नहीं है। सौरमंडल में कई जगहों पर यह बर्फ, जलवाष्प और जमीन के नीचे छिपे तरल महासागरों के रूप में मौजूद हो सकता है। <Cite refs={[“turn548833search1″,”turn548833search3”]}/>
मंगल ग्रह पर कभी बहती थीं नदियां
मंगल ग्रह लंबे समय से वैज्ञानिकों की दिलचस्पी का केंद्र रहा है। अंतरिक्ष अभियानों से वहां प्राचीन नदियों, झीलों और पानी के बहाव से बनी भू-आकृतियों के प्रमाण मिले हैं। इससे पता चलता है कि अरबों साल पहले मंगल की परिस्थितियां आज की तुलना में काफी अलग थीं।
आज मंगल की सतह बेहद ठंडी और शुष्क है। वहां पानी का बड़ा हिस्सा ध्रुवीय क्षेत्रों में बर्फ के रूप में और जमीन के नीचे जमा होने की संभावना है। वैज्ञानिक यह भी अध्ययन कर रहे हैं कि मंगल पर कभी सूक्ष्मजीवी जीवन के लिए अनुकूल परिस्थितियां मौजूद थीं या नहीं। हालांकि, अब तक वहां जीवन की पुष्टि नहीं हुई है। <Cite refs={[“turn548833search1″,”turn548833search3”]}/>
बृहस्पति के चंद्रमा यूरोपा के नीचे छिपा हो सकता है महासागर
पानी की तलाश में बृहस्पति का चंद्रमा यूरोपा बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। इसकी सतह बर्फ से ढकी हुई है और वैज्ञानिकों को मजबूत संकेत मिले हैं कि इसके नीचे खारे पानी का विशाल महासागर मौजूद हो सकता है।
वैज्ञानिकों की दिलचस्पी इसलिए भी बढ़ी है, क्योंकि यूरोपा के अंदर पानी के साथ ऊर्जा और जीवन के लिए जरूरी कुछ रासायनिक तत्व भी मौजूद हो सकते हैं। नासा का यूरोपा क्लिपर मिशन इस चंद्रमा की बर्फीली सतह, आंतरिक संरचना और जीवन के अनुकूल परिस्थितियों की संभावनाओं का अध्ययन करने के लिए भेजा गया है। इसका उद्देश्य वहां जीवन मिल जाने का दावा करना नहीं, बल्कि यह समझना है कि यूरोपा जीवन के लिए उपयुक्त हो सकता है या नहीं। <Cite refs={[“turn548833search5″,”turn548833search1”]}/>
शनि के चंद्रमा एन्सेलाडस से निकलते हैं पानी के फव्वारे
शनि का छोटा-सा चंद्रमा एन्सेलाडस भी वैज्ञानिकों के लिए किसी रहस्य से कम नहीं है। नासा के कैसिनी अंतरिक्ष यान ने इसकी सतह की दरारों से पानी की भाप और बर्फ के कणों के विशाल फव्वारे अंतरिक्ष में निकलते देखे थे।
इन नमूनों के अध्ययन से इसके नीचे मौजूद खारे पानी के महासागर के प्रमाण मिले हैं। वैज्ञानिकों ने वहां ऐसे रासायनिक यौगिकों के संकेत भी पाए हैं, जो जीवन की संभावनाओं को समझने में उपयोगी हैं।
हालांकि, पानी और जीवन के लिए जरूरी रसायनों की मौजूदगी का अर्थ यह नहीं है कि वहां जीव भी मौजूद हैं। इस सवाल का जवाब पाने के लिए अभी और शोध की जरूरत है। <Cite refs={[“turn548833search4″,”turn548833search1”]}/>
बुध और शुक्र पर भी मिले पानी से जुड़े संकेत
सूर्य के सबसे नजदीक स्थित बुध ग्रह पर भी पानी के प्रमाण मिले हैं। वहां ध्रुवों के कुछ गहरे गड्ढों में सूरज की रोशनी नहीं पहुंचती। इन बेहद ठंडे इलाकों में पानी की बर्फ लंबे समय तक सुरक्षित रह सकती है।
दूसरी ओर, शुक्र ग्रह की सतह का तापमान बहुत अधिक है। वहां पृथ्वी जैसे खुले तरल जलाशय मौजूद होने की संभावना बेहद कम है। हालांकि, इसके वायुमंडल में जलवाष्प पाई जाती है। वैज्ञानिक यह भी अध्ययन करते हैं कि शुक्र के शुरुआती इतिहास में पानी की क्या भूमिका रही होगी। <Cite refs={[“turn548833search3″,”turn548833search1”]}/>
क्या सौरमंडल के बाहर भी पानी मौजूद है?
पानी की खोज अब दूसरे तारों के आसपास घूमने वाले ग्रहों तक पहुंच चुकी है। वैज्ञानिकों ने कुछ बाहरी ग्रहों के वायुमंडल में जलवाष्प के संकेत पाए हैं। जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप जैसे उपकरण दूर स्थित ग्रहों के वायुमंडल की संरचना का अध्ययन करने में मदद कर रहे हैं।
लेकिन किसी ग्रह के वायुमंडल में जलवाष्प मिलना इस बात का प्रमाण नहीं है कि वहां पृथ्वी जैसे महासागर मौजूद हैं। इसके लिए तापमान, दबाव, ग्रह की संरचना और अन्य परिस्थितियों का अध्ययन करना पड़ता है। <Cite refs={[“turn548833search1″,”turn548833search6”]}/>
क्या पानी मिलने का मतलब वहां जीवन भी है?
वैज्ञानिकों के लिए पानी की खोज महत्वपूर्ण है, क्योंकि पृथ्वी पर जीवन के लिए पानी बेहद जरूरी है। लेकिन जीवन की संभावना का आकलन करने के लिए सिर्फ पानी पर्याप्त नहीं है। ऊर्जा के स्रोत, उपयुक्त रासायनिक तत्व और स्थिर परिस्थितियां भी अहम हैं।
फिलहाल पृथ्वी ही एकमात्र ऐसा ग्रह है, जहां जीवन की पुष्टि हुई है। मंगल, यूरोपा और एन्सेलाडस जैसे पिंडों पर वैज्ञानिक लगातार संभावनाएं तलाश रहे हैं। आने वाले अंतरिक्ष अभियान यह समझने में मदद कर सकते हैं कि पृथ्वी के बाहर जीवन संभव है या नहीं।
सत्या रिपोर्ट डिस्क्लेमर: यह लेख नासा और अन्य वैज्ञानिक संस्थानों की उपलब्ध जानकारी पर आधारित है। जहां पानी या जीवन की संभावना का उल्लेख है, वहां वैज्ञानिक प्रमाणों और अनुमानों के बीच अंतर बनाए रखा गया है।



