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​​​​​मिट्टी से गहने बनाने वाले​​​​​ कलाकार की अनोखी कला, रंग तैयार करने के लिए अपनाते हैं हैरान करने वाला तरीका​​​​

​​​​​मिट्टी से गहने बनाने वाले​​​​​ कलाकार की अनोखी कला, रंग तैयार करने के लिए अपनाते हैं हैरान करने वाला तरीका​​​​

मध्य प्रदेश: मिट्टी से खूबसूरत और अनोखे गहने तैयार करने की कला के जरिए हरीश धवन लोगों का ध्यान खींच रहे हैं। उनकी ज्वेलरी की खासियत सिर्फ इसका मिट्टी से बनना नहीं, बल्कि इसे रंगने के लिए इस्तेमाल होने वाली प्राकृतिक चीजें भी हैं। पारंपरिक तरीकों से अलग उनकी यह कला कई लोगों के लिए कौतूहल का विषय बनी हुई है।

गहने तैयार करने में लगते हैं आठ महीने

हरीश धवन मिट्टी का इस्तेमाल करके ज्वेलरी के अलग-अलग डिजाइन तैयार करते हैं। इन गहनों को बनाने की प्रक्रिया काफी लंबी है और एक आभूषण को पूरा करने में करीब आठ महीने तक का समय लग सकता है। बारीक काम और रंगों के इस्तेमाल के कारण इन गहनों को तैयार करने में धैर्य और विशेष कौशल की जरूरत होती है।

प्राकृतिक चीजों से तैयार करते हैं रंग

हरीश की कला की सबसे अनोखी बात गहनों को रंगने का उनका तरीका है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, वह रंगों के लिए पालक और धनिया जैसी वनस्पतियों के साथ चिड़ियों की बीट तथा स्पर्म का भी इस्तेमाल करते हैं। इन असामान्य सामग्रियों के उपयोग की वजह से उनकी कला चर्चा में है।

पारंपरिक ज्वेलरी से अलग है यह प्रयोग

आमतौर पर गहने सोने, चांदी, पत्थरों या दूसरे आभूषण निर्माण में इस्तेमाल होने वाले पदार्थों से बनाए जाते हैं। वहीं, मिट्टी और अलग-अलग प्राकृतिक सामग्रियों के साथ हरीश का प्रयोग ज्वेलरी बनाने के एक अलग दृष्टिकोण को सामने लाता है।

हालांकि, इन गहनों की मजबूती, रंगों की टिकाऊ क्षमता और इस्तेमाल की गई सामग्रियों की विस्तृत प्रक्रिया के बारे में अधिक जानकारी उपलब्ध नहीं है। इसके बावजूद, उनकी अनोखी कला पारंपरिक शिल्प से अलग कुछ नया करने की कोशिश के रूप में लोगों की दिलचस्पी बढ़ा रही है।

सत्य रिपोर्ट डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध जानकारी पर आधारित है। गहने बनाने की पूरी प्रक्रिया और इस्तेमाल की गई सामग्रियों से संबंधित तकनीकी विवरणों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।

contact.satyareport@gmail.com

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