
Mahua Moitra on Sudip Bandyopadhyay: टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने कभी ममता बनर्जी के सबसे करीबी नेताओं में गिने जाने वाले सांसद सुदीप बंदोपाध्याय पर कड़ा प्रहार किया है। महुआ ने उन पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने एक बार फिर बीमारी का ढोंग करके पार्टी से गद्दारी की है। उन्होंने माना कि पार्टी का नेतृत्व उन्हें समझने में गलत साबित हुआ है।
महुआ ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि ‘दादा सुदीप बंदोपाध्याय आपको 2017 में गिरफ्तार किया गया था और रोज वैली घोटाले में जेल भेजा गया था। तब आपने बीमारी का बहाना बनाया और जेल से अस्पताल जाने के लिए BJD सरकार की मदद ली थी।’
हम आपके बारे में हम गलत थे- महुआ मोइत्रा
उन्होंने आगे लिखा, ‘अब फिर से आपने बीमारी का नाटक किया ताकि दिल्ली जाकर गद्दारी कर सकें! तापस रॉय और कुणाल घोष आपके बारे में सही थे। हम गलत थे!’
बागी सांसदों ने NCPI में विलय का किया ऐलान
इससे पहले रविवार, 14 जून को TMC से बागी हुए 20 सांसदों ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से मुलाकात की। उन्होंने बड़ा राजनीतिक दांव चलते हुए बंगाल की क्षेत्रीय पार्टी नेशनलिस्ट सिटीजन पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) के साथ विलय करने का ऐलान कर दिया। बागी सांसदों का नेतृत्व कर रहीं काकोली घोष ने स्पीकर ओम बिरला संग मुलाकात के बाद कहा कि हम 20 सासंद नेशनलिस्ट सिटीजन पार्टी में मर्ज कर रहे हैं। माना जा रहा है कि बागी गुट ने यह कदम भविष्य में कानूनी अड़चन से बचने के लिए उठाया है।
हम NDA के साथ मिलकर काम करेंगे- काकोली घोष
इस मुलाकात के बाद काकोली घोष दस्तीदार ने कहा कि हम 20 सांसदों ने स्पीकर से मुलाकात की और अलग बैठने का अनुरोध करते हुए एक पत्र सौंपा। ये 20 सांसद हमारी कुल संख्या का दो-तिहाई से ज्यादा हिस्सा हैं। हम नेशनलिस्ट सिटीजन पार्टी में विलय कर रहे हैं। आगे चलकर, हम देश के लिए काम करेंगे और प्रधानमंत्री के नेतृत्व में NDA के साथ मिलकर काम करेंगे।
TMC का नाम भी मांगेंगे- सुदीप बंदोपाध्याय
वहीं सांसद सुदीप बंदोपाध्याय ने कहा, ‘हम ‘नेशनलिस्ट सिटीजन पार्टी’ में शामिल हो गए हैं। यह एक क्षेत्रीय पार्टी है। नियम यही है। जब आप पार्टी के 2/3 सदस्यों के साथ अलग होते हैं, तो आप पहले ही दिन उस पार्टी का नाम इस्तेमाल करने की मांग नहीं कर सकते… जुलाई में हम तृणमूल का नाम हमें देने की मांग करेंगे क्योंकि हमारे पास तृणमूल के 2/3 सदस्यों का समर्थन है। फिर कोर्ट तय करेगा।’
किस मामले में जेल गए थे सुदीप बंद्योपाध्याय?
पश्चिम बंगाल के बहुचर्चित रोज वैली चिटफंड घोटाले में साल 2017 में सीबीआई ने कथित तौर पर इसमें शामिल होने के आरोप में सांसद सुदीप बंदोपाध्याय को गिरफ्तार कर लियाथा। लगभग 136 दिनों तक सलाखों के पीछे रहने के बाद ओडिशा हाईकोर्ट ने उनके स्वास्थ्य को आधार मानते हुए उन्हें सशर्त जमानत दी थी, जिसके बाद उनकी रिहाई संभव हो पाई थी।



