
क्वींसलैंड, ऑस्ट्रेलिया: पेड़-पौधों को आमतौर पर प्रकृति का अनमोल उपहार माना जाता है। हरियाली वातावरण को सुंदर बनाने के साथ कई तरह से इंसानों के लिए फायदेमंद भी होती है। लेकिन दुनिया में कुछ ऐसे पौधे भी मौजूद हैं, जिन्हें छूना बेहद खतरनाक साबित हो सकता है। ऑस्ट्रेलिया में पाया जाने वाला जिंपी-जिंपी पौधा भी ऐसा ही है। इसकी पत्तियों पर मौजूद बेहद बारीक डंक जैसे रेशे त्वचा के संपर्क में आते ही तेज और लंबे समय तक रहने वाला दर्द पैदा कर सकते हैं।
दिल के आकार की पत्तियां, लेकिन बेहद खतरनाक
इस पौधे का वैज्ञानिक नाम Dendrocnide moroides है। इसे आमतौर पर जिंपी-जिंपी या स्टिंगिंग ट्री कहा जाता है। इसकी पत्तियां देखने में काफी आकर्षक होती हैं और उनका आकार दिल जैसा दिखाई देता है।
लेकिन इसकी खूबसूरत पत्तियों के पीछे छिपा खतरा बेहद गंभीर है। पत्तियों और तने पर छोटे-छोटे बारीक रोएं जैसे डंक मौजूद होते हैं। ये इतने महीन होते हैं कि सामान्य नजरों से इन्हें पहचानना मुश्किल हो सकता है।
जैसे ही कोई व्यक्ति गलती से इन्हें छूता है, ये डंक त्वचा में चुभ जाते हैं और दर्द पैदा करने वाले रसायन शरीर में पहुंचा देते हैं।
कई दिनों तक बना रह सकता है दर्द
जिंपी-जिंपी पौधे के संपर्क में आने से जलन, तेज दर्द और त्वचा पर चुभन जैसी परेशानी हो सकती है। कुछ मामलों में दर्द कई दिनों, हफ्तों या उससे भी ज्यादा समय तक बना रह सकता है।
इस पौधे के डंक त्वचा में टूटकर रह सकते हैं, जिससे परेशानी लंबे समय तक महसूस होती है। यही वजह है कि इसे दुनिया के सबसे खतरनाक डंक मारने वाले पौधों में गिना जाता है।
हालांकि, इसके संपर्क में आने से हर बार इंसान की मौत हो जाती है, ऐसा कहना सही नहीं है। गंभीर प्रतिक्रिया और जटिलताएं संभव हैं, लेकिन इसका सबसे प्रमुख खतरा लंबे समय तक रहने वाला असहनीय दर्द है।
इसे क्यों कहा जाता है सुसाइड प्लांट?
जिंपी-जिंपी के दर्द की तीव्रता और लंबे समय तक बने रहने वाली तकलीफ के कारण इसे कुछ जगहों पर ‘सुसाइड प्लांट’ भी कहा जाता है। यह नाम इसके बेहद दर्दनाक डंक की वजह से प्रचलित हुआ है।
यह पौधा मुख्य रूप से ऑस्ट्रेलिया के वर्षावन क्षेत्रों में पाया जाता है। इसे देखते ही छूने की कोशिश करना खतरनाक हो सकता है। इसके आसपास जाने पर भी सावधानी बरतना जरूरी है।
क्या इसका कोई इलाज नहीं है?
ऐसा नहीं है कि इसके डंक का कोई उपचार उपलब्ध नहीं है। प्रभावित त्वचा की सही देखभाल और चिकित्सकीय सहायता से लक्षणों को नियंत्रित किया जा सकता है। हालांकि, इसके कारण होने वाला दर्द लंबे समय तक परेशान कर सकता है।
अगर कोई व्यक्ति गलती से इस पौधे के संपर्क में आ जाए तो उसे प्रभावित हिस्से को रगड़ने या डंक निकालने के लिए नंगे हाथों से छूने से बचना चाहिए और जल्द से जल्द चिकित्सा सहायता लेनी चाहिए।
प्रकृति में मौजूद यह पौधा याद दिलाता है कि हर सुंदर दिखने वाली चीज सुरक्षित नहीं होती। इसलिए ऑस्ट्रेलिया के जंगलों में घूमते समय अनजान पौधों को छूने से बचना बेहद जरूरी है।
Satya Report Disclaimer: यह लेख उपलब्ध वैज्ञानिक जानकारियों और मीडिया रिपोर्टों के आधार पर तैयार किया गया है। पौधे के संपर्क में आने पर चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।



