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पत्नी​​​ को लेने पहुंचा युवक, घर में पहले से तैयार बैठा था पति; आधी रात को दो हत्याओं से दहल उठा पूरा गांव

पत्नी​​​ को लेने पहुंचा युवक, घर में पहले से तैयार बैठा था पति; आधी रात को दो हत्याओं से दहल उठा पूरा गांव

कहानी की शुरुआत एक शादीशुदा जिंदगी में बढ़ती दूरियों से हुई थी। पति को पत्नी पर शक होने लगा था और पत्नी की जिंदगी में एक दूसरे युवक की मौजूदगी ने घर का माहौल तनावपूर्ण कर दिया था। वक्त के साथ विवाद इतना बढ़ा कि एक रात गुस्से और बदले की भावना ने दो लोगों की जान ले ली।

नए साल की रात सुनाई दी चीख-पुकार

राजस्थान के एक गांव में नए साल की रात अचानक एक घर से चीखने-चिल्लाने की आवाजें आने लगीं। आसपास के लोग जब वहां पहुंचे तो घर के अंदर का दृश्य देखकर घबरा गए। घर में एक महिला और एक युवक गंभीर रूप से घायल पड़े थे। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों को अस्पताल भिजवाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

महिला की उम्र करीब 30 साल थी, जबकि युवक महज 19 वर्ष का था। सबसे हैरान करने वाली बात यह थी कि महिला का पति घटनास्थल से गायब था।

आधी रात को घर पहुंचा युवक कौन था?

पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल था कि युवक उस रात महिला के घर क्यों आया था और उसका पति कहां चला गया। शुरुआती जांच में पुलिस को पति-पत्नी के बीच तनाव और महिला के दूसरे युवक से संपर्क की जानकारी मिली।

जांच में पता चला कि युवक के रिश्तेदार महिला के पड़ोस में रहते थे। इसी वजह से उसका गांव में आना-जाना था। धीरे-धीरे महिला और युवक के बीच नजदीकियां बढ़ गई थीं। पुलिस को यह भी जानकारी मिली कि यह सिलसिला करीब एक साल से चल रहा था।

घटना से पहले बच्चों को भेज दिया गया था दूर

जांच आगे बढ़ी तो पति की कुछ गतिविधियां पुलिस के संदेह के दायरे में आईं। घटना से दो दिन पहले वह अपने दोनों बच्चों को उनके ननिहाल छोड़ आया था। इसके बाद वह घर से गायब हो गया।

पुलिस ने उसके मोबाइल फोन की लोकेशन के आधार पर तलाश शुरू की। जांच में यह भी सामने आया कि घटना की रात उसके मोबाइल से आखिरी कॉल उसी युवक को की गई थी, जो बाद में घर के अंदर मृत मिला।

खेत में छिपा मिला पति

पुलिस लगातार फरार पति की तलाश कर रही थी। इसी दौरान एक सूचना के आधार पर टीम ने पास के गांव में सरसों के खेत में दबिश दी। वहां से उसे पकड़ लिया गया।

पूछताछ में उसने अपनी शादी और पत्नी के साथ बिगड़ते रिश्तों के बारे में बताया। उसकी शादी को करीब 12 साल हो चुके थे। शुरुआती समय में सब सामान्य था, लेकिन बाद में पति-पत्नी के बीच दूरियां बढ़ने लगी थीं।

रिश्ते की जानकारी मिलने के बाद बढ़ा विवाद

पुलिस के अनुसार, पति को पत्नी और युवक की नजदीकियों की जानकारी हो गई थी। उसने इसका विरोध किया, लेकिन विवाद खत्म नहीं हुआ। पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि युवक उसकी पत्नी को अपने साथ ले जाना चाहता था और इसके लिए नए साल की तारीख तय की गई थी।

इसी बात को लेकर उसके मन में गुस्सा और बदले की भावना बढ़ती गई। पुलिस के मुताबिक, उसने युवक को सबक सिखाने की योजना बना ली थी। इसी दौरान बच्चों को घर से दूर भेजने और घर में हथियार छिपाने की बात भी सामने आई।

बातचीत के बहाने घर बुलाया, फिर किया हमला

पुलिस की पूछताछ में सामने आए घटनाक्रम के मुताबिक, नए साल की रात युवक महिला को लेने गांव पहुंचा था। पति ने उसे बातचीत के बहाने घर के अंदर बुलाया। जैसे ही युवक घर में दाखिल हुआ, उस पर धारदार हथियार से हमला कर दिया गया।

महिला ने युवक को बचाने की कोशिश की। इसी दौरान आरोपी ने उस पर भी हमला कर दिया। दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए और अस्पताल पहुंचने पर उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।

हत्या के बाद भागा, लेकिन ज्यादा दूर नहीं जा सका

दोनों की मौत के बाद आरोपी घर से फरार हो गया था। हालांकि पुलिस ने तलाश जारी रखी और अगले ही दिन उसे गिरफ्तार कर लिया। बाद में उसे अदालत में पेश किया गया, जहां से न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।

पूछताछ के दौरान आरोपी ने दावा किया कि उसका पत्नी को मारने का इरादा नहीं था। उसका कहना था कि जब पत्नी युवक को बचाने के लिए बीच में आई तो वह गुस्से में अपना आपा खो बैठा। यह उसका बयान था, जबकि मामले की कानूनी जिम्मेदारी का निर्धारण अदालत की प्रक्रिया के तहत होना था।

शक और गुस्से ने उजाड़ दिए कई जीवन

इस घटना में एक महिला और एक युवक की जान चली गई, जबकि दो बच्चों के सिर से मां का साया उठ गया और पिता जेल पहुंच गया। एक पारिवारिक विवाद ने ऐसा भयावह रूप ले लिया, जिसका असर पूरे परिवार पर पड़ा।

यह मामला बताता है कि रिश्तों में अविश्वास और गुस्से का समाधान हिंसा नहीं हो सकता। किसी भी विवाद में कानून और संवाद का रास्ता छोड़कर उठाया गया हिंसक कदम कई जिंदगियों को तबाह कर सकता है।

Satya Report नोट: यह कहानी उपलब्ध पुराने घटनाक्रम और जांच में सामने आए विवरणों के आधार पर प्रस्तुत की गई है। आरोपी के बयान और पुलिस के आरोपों को अंतिम न्यायिक निष्कर्ष नहीं माना जाना चाहिए।

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