
इंसान के बच्चों को एक साल की उम्र के बाद आमतौर पर गाय का दूध पिलाना शुरू किया जाता है. गाय को माता का दर्जा दिया जाता है क्योंकि उसका दूध पोषण से भरपूर माना जाता है. लेकिन वैज्ञानिक अध्ययनों में एक और विकल्प उभरकर सामने आया है जो कई मामलों में गाय के दूध से बेहतर साबित हो रहा है. वह है बकरी का दूध.
बकरी के दूध के गुण कई तरह से इंसानी ब्रेस्ट मिल्क से मिलते-जुलते हैं. प्रोटीन और फैट की संरचना ऐसी है कि शरीर इसे आसानी से अवशोषित कर लेता है. बकरी का दूध सदियों से कई संस्कृतियों में इस्तेमाल होता रहा है. भारत में भी पारंपरिक रूप से इसे सेहत के लिए फायदेमंद माना जाता है. आधुनिक रिसर्च इसकी पुष्टि कर रही है. गाय के दूध की तुलना में बकरी के दूध के फैट ग्लोब्यूल्स छोटे होते है. इससे यह पेट में जल्दी टूट जाता है और पचने में आसान रहता है. कई लोगों को गाय का दूध भारी लगता है या गैस बनाता है, लेकिन बकरी का दूध उनके लिए राहत भरा साबित होता है.
प्रोटीन का खजाना
प्रोटीन के मामले में भी बकरी का दूध खास है. इसमें बीटा-केसीन की मात्रा अधिक होती है जो इंसानी दूध में भी पाई जाती है. गाय के दूध में ए1 बीटा-केसीन ज्यादा होता है जो कुछ लोगों के लिए पाचन संबंधी समस्या पैदा कर सकता है. बकरी के दूध में यह कम होता है. व्हे प्रोटीन की संरचना भी इंसानी दूध के करीब होती है. अध्ययनों में पाया गया कि बकरी के दूध आधारित फॉर्मूला का पाचन समय इंसानी दूध के समान अधिक होता है जबकि गाय के दूध वाले फॉर्मूला में यह धीमा रहता है. लैक्टोज की मात्रा बकरी के दूध में थोड़ी कम होती है. इसलिए हल्के लैक्टोज असहिष्णुता वाले लोगों को यह बेहतर लगता है. हालांकि यह पूरी तरह लैक्टोज मुक्त नहीं है.
काफी पोषक है बकरी का दूध
ऑलिगोसैकेराइड्स की मात्रा बकरी के दूध में गाय से कई गुना अधिक होती है. ये प्रीबायोटिक की तरह काम करते हैं और आंत के अच्छे बैक्टीरिया को बढ़ावा देते हैं. इससे इम्यूनिटी मजबूत होती है और सूजन कम होती है. पोषक तत्वों की बात करें तो बकरी के दूध में विटामिन ए, कुछ बी विटामिन और कई मिनरल्स अच्छी मात्रा में होते हैं. कैल्शियम और फॉस्फोरस हड्डियों के लिए जरूरी हैं. पोटैशियम हृदय स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है. कुछ अध्ययनों में आयरन और सेलेनियम जैसे तत्व भी उल्लेखनीय पाए गए हैं. कैलोरी और प्रोटीन की मात्रा गाय के दूध के लगभग समान या थोड़ी अधिक होती है. इंसानी ब्रेस्ट मिल्क के साथ पूर्ण समानता नहीं है. ब्रेस्ट मिल्क शिशुओं के लिए विशेष रूप से तैयार होता है जिसमें एंटीबॉडीज, एंजाइम्स और अन्य बायोएक्टिव कंपोनेंट्स होते हैं. बकरी का दूध शिशुओं के लिए सीधे विकल्प नहीं है. डॉक्टर की सलाह के बिना एक साल से कम उम्र के बच्चों को ना दें. फॉर्मूला मिल्क में इसे फोर्टिफाइड करके इस्तेमाल किया जाता है.



