
बेंगलुरु, कर्नाटक: एक घर में मटन करी की दावत, टीवी की तेज आवाज और खाने में मिलाई गई नींद की गोलियां… इन सबके पीछे ऐसी साजिश छिपी थी, जिसका खुलासा होने पर पुलिस भी हैरान रह गई। कर्नाटक के बेंगलुरु में एक कैब ड्राइवर पर अपनी पत्नी और उसके परिवार के छह अन्य सदस्यों समेत कुल सात लोगों की हत्या करने का आरोप है। पुलिस के मुताबिक, करीब 15 दिनों के भीतर अंजाम दी गई इन वारदातों में आरोपी ने शवों को अलग-अलग जगहों पर ठिकाने लगाने की कोशिश की।
मामले में उस समय नया मोड़ आया, जब तमिलनाडु के सेलम जिले के जंगलों से आरोपी की पत्नी और सास के शव बरामद किए गए। इससे पहले भी एक शव मिल चुका था। पुलिस अब बाकी शवों की तलाश के साथ पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ रही है।
मटन करी के बहाने घर बुलाने की साजिश
जांच अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी ने 14 अक्टूबर की रात अपनी पत्नी की हत्या की थी। इसके अगले दिन उसकी 17 वर्षीय बेटी ने अपनी नानी को फोन कर मटन करी खाने के बहाने घर बुलाया। पुलिस को शक है कि यह निमंत्रण भी पहले से बनाई गई योजना का हिस्सा था। जांच में सामने आया है कि आरोपी ने परिवार के सदस्यों को अलग-अलग समय पर निशाना बनाया।
खाने में नींद की गोलियां, फिर बढ़ा दी टीवी की आवाज
पूछताछ में आरोपी ने कथित तौर पर बताया कि वह पहले अपने निशाने पर मौजूद लोगों को खाने में नींद की गोलियां मिलाकर देता था। उनके गहरी नींद में चले जाने के बाद टीवी की आवाज तेज कर देता था, ताकि घर के अंदर होने वाली हलचल बाहर तक न सुनाई दे।
इसके बाद वह सिलबट्टे जैसी भारी वस्तु से सिर पर वार कर हत्या कर देता था। पुलिस इस तरीके और घटनाओं से जुड़े अन्य सबूतों की जांच कर रही है।
प्लास्टिक और बोरियों में लपेटकर ठिकाने लगाए शव
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी और उसकी बेटी शवों को प्लास्टिक की कई परतों और बोरियों में लपेटते थे। इसके बाद तड़के उन्हें कार की डिक्की में रखकर सुनसान जगहों पर फेंकने ले जाया जाता था। पुलिस को कार से कई परफ्यूम की बोतलें भी मिली हैं। आशंका है कि इनका इस्तेमाल दुर्गंध छिपाने के लिए किया गया होगा।
पुलिस के अनुसार, शवों को ठिकाने लगाने से पहले आरोपी ने पत्नी और परिवार की कुछ अन्य महिलाओं के सोने के गहने भी उतार लिए थे। कुछ गहने बेचे जाने की जानकारी मिली है और पुलिस उनकी बरामदगी के लिए खरीदारों का पता लगा रही है।
सात साल के बच्चे की हत्या ने बढ़ाई मामले की गंभीरता
मृतकों में सात साल का एक बच्चा भी शामिल था। उसकी पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर और माथे पर किसी भारी वस्तु से चार बार वार किए जाने की पुष्टि हुई है। इस खुलासे ने मामले को और गंभीर बना दिया है।
दस साल का बच्चा भी था खतरे में
पुलिस ने आरोपी को उलसूरगेट के पास से गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के समय उसकी कार में दस साल का एक बच्चा भी मौजूद था। बताया गया कि आरोपी ने बच्चे को यह कहकर अपने साथ रखा था कि उसके माता-पिता तीर्थयात्रा पर गए हैं। जबकि पुलिस के अनुसार, उसके माता-पिता की हत्या हो चुकी थी।
जांचकर्ताओं को आशंका है कि आरोपी इस बच्चे को भी निशाना बनाने की योजना में था। समय रहते गिरफ्तारी होने से बच्चे की जान बच गई।
पुराने पारिवारिक विवाद और संपत्ति का एंगल
प्रारंभिक जांच में पति-पत्नी के बीच लंबे समय से चल रहे विवाद की बात सामने आई है। बताया जा रहा है कि दोनों के बीच करीब 20 वर्षों से अनबन थी। आरोपी को शिकायत थी कि पत्नी के मायके वाले उनके घरेलू विवादों में हस्तक्षेप करते थे।
इसके अलावा परिवार की ओर से लगभग तीन करोड़ रुपये की संपत्ति को लेकर विवाद का आरोप भी लगाया गया है। पुलिस इस पहलू की भी पड़ताल कर रही है।
फोन से भेजे जा रहे थे संदेश, लेकिन जवाब नहीं मिल रहा था
मामले का खुलासा तब शुरू हुआ, जब परिवार के कई सदस्य एक के बाद एक लापता होने लगे। रिश्तेदारों को शक हुआ कि पत्नी के फोन से संदेश तो आ रहे हैं, लेकिन वह किसी की कॉल का जवाब नहीं दे रही है। जांच में पुलिस को संदेह हुआ कि हत्या के बाद आरोपी खुद उसके फोन का इस्तेमाल कर संदेश भेज रहा था, ताकि परिवार को गुमराह किया जा सके।
फिलहाल पुलिस सातों हत्याओं, शवों को ठिकाने लगाने, गहनों की बिक्री और आरोपी की नाबालिग बेटी की कथित भूमिका की जांच कर रही है। मामले में सामने आए सभी आरोपों और घटनाक्रम की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
Satya Report Disclaimer: यह रिपोर्ट उपलब्ध मीडिया जानकारी और पुलिस जांच से जुड़े विवरणों पर आधारित है। मामले की जांच जारी है और आरोपी से संबंधित आरोपों को अंतिम न्यायिक निष्कर्ष नहीं माना जाना चाहिए।



