Sensex Nifty Rally: धनतेरस पर भारतीय शेयर बाजार में जोरदार तेजी दर्ज की गई. विदेशी निवेशकों की बंपर खरीदारी के दम पर सेंसेक्स 1718.01 अंक उछलकर 81,028.02 पर बंद हुआ, वहीं निफ्टी भी 493.75 अंक चढ़कर 25,030.35 के पार पहुंच गया. दिवाली के त्योहार से ठीक पहले जब अमेरिका से लेकर एशिया तक के शेयर बाजारों में भारी बिकवाली मची हुई है, तब दलाल स्ट्रीट ने निवेशकों की झोली खुशियों से भर दी है. बीते कई महीनों की सुस्ती तोड़ते हुए प्रमुख इंडेक्स ने ऐसी रफ्तार पकड़ी कि बाजार में चारों तरफ हरियाली छा गई. हालांकि ये तेजी सिर्फ बड़ी कंपनियों यानी लार्जकैप शेयरों तक ही सीमित रही, जबकि छोटे शेयरों में बिकवाली का दबाव साफ नजर आया.

ग्लोबल AI संकट कैसे बना भारत के लिए वरदान
दुनिया भर के बाजारों में आई गिरावट की सबसे बड़ी वजह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े शेयरों में मची भगदड़ है. अमेरिका के मिडटर्म चुनावों में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी को हराकर डेमोक्रेट्स ने कांग्रेस पर कब्जा कर लिया है. इस सियासी बदलाव से डर पैदा हो गया है कि अब AI सेक्टर पर कड़े नियम लागू होंगे, जिससे डेटा सेंटरों पर होने वाला भारी खर्च रुक सकता है. इसी घबराहट में अमेरिकी इंडेक्स नैस्डैक करीब 6 फीसदी टूट गया, जो मार्च 2020 के कोरोना क्रैश के बाद सबसे बड़ी गिरावट है. इस झटके से नैस्डैक अपने 6 अक्टूबर के रिकॉर्ड हाई से 10 फीसदी नीचे आकर करेक्शन जोन में चला गया, जबकि S&P 500 कंपनियों के करीब 3 ट्रिलियन डॉलर साफ हो गए. एनवीडिया का शेयर 9.3 फीसदी टूटा, वहीं साउथ कोरिया का कोस्पी 9 फीसदी से ज्यादा लुढ़क कर 5,000 के नीचे चला गया. जापान का निक्केई भी करीब 7 फीसदी गिरा.
जहां दुनिया इस गिरावट से सहमी हुई है, वहीं भारत को ‘एंटीAI’ मार्केट होने का सीधा फायदा मिल रहा है. दिग्गज बैंकर उदय कोटक के मुताबिक, ग्लोबल कंपनियों ने AI के पीछे भागते हुए भारी कर्ज लिया जिससे उनके शेयर जरूरत से ज्यादा महंगे हो गए. अब जब वहां से हवा निकल रही है, तो विदेशी पैसा वापस भारत की तरफ मुड़ रहा है.
विदेशी निवेशकों ने तोड़ा 6 साल का रिकॉर्ड
सितंबर से लेकर अक्टूबर के पहले पखवाड़े तक भारतीय बाजार से लगातार पैसा निकालने वाले विदेशी संस्थागत निवेशक अब पूरी तरह खरीदारी के मूड में लौट आए हैं. नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक, गुरुवार को विदेशी निवेशकों ने एक ही दिन में 14,975 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे. ये पिछले करीब 6 सालों में उनकी एक दिन की सबसे बड़ी खरीदारी है. महज 5 कारोबारी सत्रों में विदेशी निवेशकों ने भारतीय बाजार में करीब 5 बिलियन डॉलर लगा दिए हैं, जबकि पिछले 10 सत्रों में नेट इनफ्लो 4 बिलियन डॉलर पर पहुंच गया है. अक्टूबर के दूसरे हिस्से में भी 10 में से 6 सत्रों में उन्होंने जमकर खरीदारी की थी.
दिग्गज शेयरों में रौनक पर छोटे शेयरों में मायूसी
बाजार की इस रैली की कमान महिंद्रा एंड महिंद्रा ने संभाली, जिसका शेयर दूसरी तिमाही के शानदार नतीजों के बाद 5 फीसदी से ज्यादा उछल गया. ब्रोकरेज फर्म नोमुरा ने 2027 के मजबूत लॉन्च साइकिल को देखते हुए इसे अपनी टॉप पिक बनाए रखा है. इसके अलावा टाइटन, इंफोसिस, एचसीएल टेक, टीसीएस व भारती एयरटेल के शेयरों में करीब 2 फीसदी की बढ़त रही. सेक्टर की बात करें तो निफ्टी आईटी 1.5 फीसदी चढ़ा, जबकि निफ्टी मेटल 2 फीसदी लुढ़क गया. वहीं एशियन पेंट्स, बजाज फाइनेंस व पावर ग्रिड के शेयर 2 फीसदी तक टूटकर बंद हुए.
बड़ी कंपनियों में जहां खरीदारी दिखी, वहीं मिडकैप व स्मॉलकैप शेयरों में तेज गिरावट रही. निफ्टी स्मॉलकैप 250 इंडेक्स करीब 1.5 फीसदी टूटा, जबकि निफ्टी मिडकैप 100 में 1 फीसदी से ज्यादा की गिरावट आई. एनएसई पर कुल 2,236 शेयर लाल निशान में बंद हुए, जबकि सिर्फ 937 शेयरों में तेजी रही व 99 शेयर बिना किसी बदलाव के बंद हुए.
मजबूत नतीजों का सहारा पर इन खतरों से रहें सतर्क
कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज के अनुसार, अब तक नतीजे घोषित करने वाली निफ्टी 50 कंपनियों का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 19 फीसदी बढ़ा है, जो अनुमान से 4 फीसदी बेहतर है. टीसीजी एएमसी के एमडी शहजाद मदन का कहना है कि पिछले दो साल के सुस्त प्रदर्शन के बाद अब भारतीय शेयरों के भाव सही स्तर पर हैं व आर्थिक मोर्चे पर सबसे बुरा दौर पीछे छूट चुका है. वहीं नोमुरा का मानना है कि अमेरिकी चुनावों के बाद ईरान का रुख बातचीत के लिए नरम पड़ सकता है, जिससे तेल की कीमतें घटने पर अमेरिकी फेडरल रिजर्व ब्याज दरें बढ़ाने पर रोक लगा सकता है.
हालांकि इस उत्साह के बीच कुछ खतरे अभी भी मंडरा रहे हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के तेहरान पर संभावित कार्रवाई से जुड़े बयान के बाद कच्चा तेल फिर से 100 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गया है. इसके साथ ही अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी, रुपये में गिरावट व बाजार में उतारचढ़ाव दिखाने वाले इंडिया VIX का करीब 8 फीसदी उछलकर 17 के पास पहुंचना ये संकेत देता है कि निवेशकों को इस तेजी में भी सावधानी बरतनी होगी.



