
जालंधर, पंजाब: शहर में 30 अक्टूबर 2026 को उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब एक धमकी भरे ई-मेल ने पुलिस और प्रशासन की चिंता बढ़ा दी। इस बार निशाने पर सिर्फ स्कूल ही नहीं थे, बल्कि रेलवे ट्रैक को भी धमाके से उड़ाने की चेतावनी दी गई थी। ई-मेल में कई अलग-अलग जगहों पर विस्फोट करने की बात लिखी गई थी। सूचना मिलते ही सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गईं और संवेदनशील स्थानों पर जांच शुरू कर दी गई।
जानकारी के मुताबिक, धमकी भरा ई-मेल जालंधर के आर्मी पब्लिक स्कूल और एपीएस पब्लिक स्कूल को भेजा गया था। इसमें दोनों स्कूलों में दोपहर 12 बजकर 11 मिनट पर धमाके करने की चेतावनी दी गई थी। ई-मेल सामने आने के बाद स्कूल प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया। एहतियात के तौर पर दोनों स्कूल परिसरों की जांच शुरू कर दी गई, ताकि किसी भी संदिग्ध वस्तु का पता लगाया जा सके।
मामला उस समय और गंभीर हो गया, जब ई-मेल में रेलवे ट्रैक पर आईईडी विस्फोट करने की धमकी भी सामने आई। इसमें अमृतसर, फिरोजपुर, लुधियाना और बठिंडा के रेलवे ट्रैक का जिक्र किया गया था। साथ ही 1 नवंबर को दिल्ली जाने वाली ट्रेनों में सफर नहीं करने की चेतावनी भी लिखी गई थी। इस संदेश के बाद रेलवे सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सतर्कता बढ़ा दी गई।
धमकी देने वाले ने केवल स्कूलों और रेलवे को ही निशाना बनाने की बात नहीं कही, बल्कि ई-मेल में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के संगरूर दौरे के दौरान भी धमाका करने की चेतावनी दी गई थी। इस तरह एक ही ई-मेल में कई शहरों, रेलवे मार्गों और एक राजनीतिक कार्यक्रम का जिक्र होने से सुरक्षा एजेंसियों के सामने जांच का दायरा बढ़ गया।
सूचना मिलने के बाद प्रशासन ने तुरंत कदम उठाए। दोनों स्कूलों की इमारतों की जांच की गई और रेलवे ट्रैक से जुड़ी सुरक्षा एजेंसियों को भी अलर्ट किया गया। पुलिस और संबंधित विभाग धमकी के स्रोत का पता लगाने में जुट गए। जांच का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना था कि ई-मेल किसने भेजा और इसके पीछे किसी वास्तविक साजिश का हाथ है या फिर यह केवल दहशत फैलाने की कोशिश थी।
फिलहाल सामने आई जानकारी के अनुसार, धमकी के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने एहतियाती कार्रवाई शुरू कर दी थी। किसी विस्फोट की पुष्टि नहीं हुई थी। ई-मेल की सत्यता और इसके पीछे शामिल लोगों का पता लगाने के लिए जांच जारी थी।
Satya Report डिस्क्लेमर: यह समाचार उपलब्ध रिपोर्टों में सामने आई जानकारी पर आधारित है। धमकी की वास्तविकता और इसके पीछे जिम्मेदार लोगों की पहचान जांच का विषय है।



