नई दिल्ली: बॉलीवुड की चकाचौंध भरी दुनिया बाहर से जितनी हसीन दिखती है, उतना अंदर से नहीं है. यहां शोहरत की बुलंदियों को छूने वाले सितारों को भी कई बार फर्श पर आना पड़ा है. अमिताभ बच्चन से लेकर गोविंदा तक, कई ऐसे दिग्गज कलाकार रहे हैं जिन्होंने भारी सफलता के बाद पाईपाई की मोहताज हुए. आइए जानते हैं उन सितारों के बारे में जिनकी किस्मत ने ऐसा पलटा खाया कि वे दिवालिया होने की कगार पर पहुंच गए थे.

बॉलीवुड के असली ‘शोमैन’ राज कपूर को भी अपनी फिल्म ‘मेरा नाम जोकर’ की असफलता के बाद भारी आर्थिक संकट झेलना पड़ा था. इस फिल्म पर उन्होंने पानी की तरह पैसा बहाया था, लेकिन बॉक्स ऑफिस पर यह नहीं चली. हालत यहां तक पहुंच गई थी कि उन्हें अपनी संपत्तियां तक गिरवी रखनी पड़ीं. बाद में ‘बॉबी’ फिल्म की ब्लॉकबस्टर सफलता ने उनकी डूबती नैया को पार लगाया.
सदी के महानायक अमिताभ बच्चन आज भले ही करोड़ों के मालिक हों, लेकिन 90 के दशक के अंत में उनकी कंपनी ‘एबीसीएल’ बुरी तरह डूब गई थी. कंपनी पर करीब 90 करोड़ का कर्ज था और बिग बी के पास न फिल्में थीं, न पैसे. उन्होंने खुद माना है कि साल 2000 उनकी जिंदगी का सबसे बुरा वक्त था. उन्हें तब रिकवरी नोटिस मिल रहे थे. हालांकि, ‘कौन बनेगा करोड़पति’ और फिल्म ‘मोहब्बतें’ ने उनकी तकदीर बदल दी और उन्होंने शानदार कमबैक किया.
एक समय ऐसा था जब गोविंदा का नाम ही सफलता की गारंटी था, लेकिन उनके करियर में एक लंबा सूखा आया. गोविंदा ने खुद इमोशनल होकर उन दिनों का जिक्र किया है जब उनके पास काम नहीं था और बुनियादी जरूरतों के लिए भी उन्हें स्ट्रगल करना पड़ रहा था. उनकी फिल्में रुक गईं और नए प्रोजेक्ट्स मिलने बंद हो गए. हालांकि, सलमान खान के साथ ‘पार्टनर’ फिल्म ने उन्हें फिर से लाइमलाइट में ला खड़ा किया.
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80 और 90 के दशक के ‘हीरो’ जैकी श्रॉफ भी इस कड़वे सच से अछूते नहीं रहे. फिल्म ‘बूम’ के फ्लॉप होने और कुछ गलत इन्वेस्टमेंट की वजह से वे कर्ज में डूब गए थे. खबरों की मानें तो उन्हें अपने घर तक बेचने पड़े थे. मुश्किल घड़ी में साजिद नाडियाडवाला जैसे दोस्तों ने उनकी मदद की. आज जैकी कैरेक्टर रोल्स के जरिए इंडस्ट्री में एक्टिव हैं, लेकिन उनका वह दौर काफी स्ट्रगल से भरा था.
आपको जानकर हैरानी होगी कि शाहरुख खान भी ‘रा.वन’ की मेकिंग के वक्त आर्थिक संकट से गुजरे थे. उन्होंने इस फिल्म के वीएफएक्स और मार्केटिंग पर इतना पैसा लगाया था कि वे एक समय काफी दबाव में आ गए थे. हालांकि, शाहरुख खान के पास कई बिजनेस और आईपीएल टीमें थीं, फिर भी इस फिल्म के उम्मीद के मुताबिक परफॉर्म न करने से उन्हें झटका लगा था. खैर, आज वे दुनिया के सबसे अमीर अभिनेताओं में गिने जाते हैं.
प्रीति जिंटा ने जब ‘इश्क इन पेरिस’ के साथ प्रोडक्शन में कदम रखा, तो फिल्म के फ्लॉप होने से उन्हें भारी नुकसान हुआ. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्हें पैसे चुकाने के लिए अपनी प्रॉपर्टी तक किराए पर देनी पड़ी थी. इसी तरह अनुपम खेर भी अपनी फिल्म ‘मैंने गांधी को नहीं मारा’ की असफलता के बाद दिवालिया होने के करीब पहुंच गए थे. उन्होंने अपनी एक्टिंग स्कूल और छोटे किरदारों के जरिए खुद को दोबारा संभाला.
अभय देओल को भी अपनी फिल्म ‘वन बाय टू’ की वजह से भारी घाटा सहना पड़ा और उन्हें अपने कर्ज चुकाने के लिए घर बेचना पड़ा. लेकिन बॉलीवुड की सबसे दुखद कहानियों में भारत भूषण और परवीन बाबी का नाम आता है. भारत भूषण कभी चोटी के स्टार थे, अंत में छोटे रोल्स करने को मजबूर हो गए.
परवीन बाबी ने सफलता के बाद अकेलेपन और आर्थिक तंगी के बीच अपनी जिंदगी के आखिरी दिन बिताए. बॉलीवुड के इन सितारों ने न सिर्फ बुलंदियां देखीं, बल्कि मुश्किल वक्त में हार न मानकर साबित किया कि गिरकर संभलने वाले को ही बाजीगर कहते हैं. बॉलीवुड की यह चकाचौंध जितनी चमकती है, इसके पीछे छिपे संघर्ष की दास्तानें उतनी ही गहरी और सबक देने वाली हैं.



