
साल 1986 में रिलीज हॉरर फिल्म तहखाना रिलीज हुई थी. यह फिल्म उस समय की सबसे डरावनी फिल्म थी. इस डरावनी फिल्म को रामसे ब्रदर्स ने बनाया था. रामसे ब्रदर्स हॉरर फिल्म बनाने के लिए जाने जाते हैं. उन्होंने हिंदी सिनेमा में कई बड़ी हॉरर फिल्में बनाई है. साल 1986 में बनी फिल्म तहखाना अलग है. फिल्म को दर्शकों ने काफी पसंद किया था. फिल्म में प्रीति सप्रू की एक्टिंग ने दर्शकों का दिल जीत लिया था. आइए जानते हैं फिल्म से जुड़े कुछ किस्से.
रात में होती थी फिल्म की शूटिंग
एक्ट्रेस प्रीती सप्रू ने बताया है कि फिल्म तहखाना में काम करना उनकी लाइफ का बेस्ट और अच्छा एक्सपीरियंस रहा है. पर्दे पर उस किरदार को करना, उस किरदार को फील करना, उस किरदार में ढल जाना बेहद यादगार है. फिल्म में एक्ट्रेस प्रीति हेमंत मेरे के अपोजिट नजर आई थी. यह एक्ट्रेस की पहली हॉरर फिल्म थी.
फिल्म की शूटिंग रात के समय होती थी क्योंकि भूत रातों में ही होते हैं. रात के समय पीछे से भूत आपके लग गया. आप भार रहे हो चीख रहे हो, रात के समय धुंध होती है.ऐसे में रात के समय हॉरर फिल्म की शूटिंग करना एक नया एक्सपीरियंस था.
80 के दशक की डरावनी फिल्म
तहखाना 80 के दशक की सबसे डरावनी और हिट फिल्मों में से एक थी. जब ये फिल्म रिलीज हुई थी तब लोग इस फिल्म को अकेले देखने से डरते थे. कहा जाता है कि लोग डर की वजह से हनुमान चालीसा पढ़ने लगते थे. फिल्म में पुरानी हेवली को दिखाया गया था जो कि बेहद डरावाना था.
क्या है फिल्म तहखाना की कहानी?
फिल्म की कहानी की बात करें तो फिल्म जन्म के समय बिछड़ी हुई दो बहन की कहानी है. यह फिल्म काले जादू पर आधारित है. फिल्म में दिखाया जाता है सुरजीत सिंह के दो बेटे होते हैं. रघुवीर और दुर्जन. सुरजीत सिंह का छोटा बेटा काले जादू और बुरी ताकतों पर विश्वास करता हैं. इसलिए सुरजीत सिंह अपनी सारी संपत्ति बड़े बेटे के नाम कर देता है. क्योंकि वह काले जादू और गलत चीजों में शामिल होता है.
दुर्जन को पिता की ये बात पसंद नहीं आती है ऐसे में वह परिवार को परेशान करने के लिए बुरी शक्तियों को इस्तेमाल करता है. दुर्जन के काले जादू से बचने के लिए परिवार के लोग साधु संत की मदद से दुर्जन को तहखाने में बंद कर देता है. दुर्जन की दो बेटिया होती है. दोनों बेटियों सपना और आरती को बचपन में ही अलग कर दिया जाता है. दुर्जन की वजह से बड़ी बेटी को परिवार के वफादार नौकर को दे दिया जाता है. वहीं दूसरी बेटी ठाकुर की हवेली में रहती है. दुर्जन की मौत हो जाती है. तहखाने में खजाना होता है. तहखाने के खजाने के लिए पाने के लिए बेटी का पति जाता है. इस दौरान वहां पर कई बुरी शक्तियां मिलती है.



