नई दिल्ली. केंद्र सरकार ने मंत्रालयों, विभागों, सरकारी संस्थानों और सार्वजनिक उपक्रमों में काम करने वाले ठेका और आउटसोर्स कर्मचारियों की सैलरी समय पर देने को लेकर सख्त निर्देश जारी किए हैं. वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग ने कहा है कि अब मजदूरी और वेतन भुगतान में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. सरकार ने साफ किया है कि सभी ठेका कंपनियों और कॉन्ट्रैक्टरों को कर्मचारियों का वेतन तय समय सीमा के भीतर देना होगा. मासिक वेतन अगले महीने की 7 तारीख तक देना अनिवार्य होगा. भुगतान बैंक ट्रांसफर या इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से करना होगा.

देर हुई तो सीधे कर्मचारी को पैसा देगा विभाग
नए निर्देशों के मुताबिक अगर ठेकेदार समय पर भुगतान नहीं करता है तो संबंधित सरकारी विभाग सीधे कर्मचारियों को भुगतान करेगा. इसके बाद संबंधित ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और उसे ब्लैकलिस्ट भी किया जा सकता है. बारबार नियम तोड़ने पर पूरे केंद्र सरकार के विभागों में ठेकेदार पर प्रतिबंध लगाया जा सकेगा.
DDO हर महीने करेगा जांच
सरकार ने सभी ड्रॉइंग एंड डिस्बर्सिंग ऑफिसर को निर्देश दिया है कि वे हर महीने यह जांच करें कि कर्मचारियों को समय पर वेतन मिला या नहीं. GeM और PFMS पोर्टल से रिपोर्ट निकालकर निगरानी करने को भी कहा गया है. सरकार ने यह भी कहा है कि आउटसोर्स कर्मचारियों की सैलरी के लिए पहले से बजट और फंड सुनिश्चित किए जाएं. GeM या अन्य माध्यम से किए गए कॉन्ट्रैक्ट में पूरे अवधि के भुगतान के लिए राशि ब्लॉक करनी होगी.
लेबर कोड लागू होने के बाद सख्ती
सरकार ने 29 पुराने श्रम कानूनों को मिलाकर बनाए गए चार नए लेबर कोड 21 नवंबर 2025 से लागू किए हैं. इनमें वेतन, सामाजिक सुरक्षा और कामकाजी परिस्थितियों को लेकर कर्मचारियों को ज्यादा सुरक्षा देने का प्रावधान किया गया है.



