
दुनिया में कई ऐसे जानवर हैं जिन्हें देखकर अक्सर लोग धोखा खा जाते हैं। पहली नजर में ये एक जैसे दिखाई देते हैं, लेकिन इनकी शारीरिक बनावट, रहने का तरीका, खानपान और व्यवहार एक-दूसरे से काफी अलग होता है। कई बार तो इनके बीच का अंतर इतना दिलचस्प होता है कि जानकर आप भी हैरान रह जाएंगे।
मसलन, खरगोश और खरहा दोनों लंबे कानों वाले दिखाई देते हैं, लेकिन इनके बच्चे जन्म के समय बिल्कुल अलग अवस्था में होते हैं। इसी तरह चीता और तेंदुआ दोनों के शरीर पर काले धब्बे होते हैं, मगर उनकी पहचान करने के आसान तरीके हैं। आइए जानते हैं ऐसे ही 10 जानवरों के जोड़ों के बारे में, जिन्हें अक्सर एक ही समझ लिया जाता है।
1. खरगोश और खरहा (Rabbit vs Hare)
खरगोश और खरहा दिखने में काफी मिलते-जुलते हैं। दोनों एक ही जैविक गण यानी लैगोमोर्फा (Lagomorpha) से संबंध रखते हैं, लेकिन इनके जीवन जीने का तरीका काफी अलग है।
खरगोश के बच्चे जन्म के समय आंखें बंद होने और शरीर पर बाल न होने की स्थिति में होते हैं। वे शुरुआती दिनों में अपनी मां पर निर्भर रहते हैं। इसके उलट खरहे के बच्चे जन्म के समय आंखें खोल सकते हैं और उनके शरीर पर बाल भी होते हैं। वे जन्म के कुछ समय बाद ही चलने-फिरने लगते हैं।
आमतौर पर खरहे का शरीर खरगोश से बड़ा और पैर लंबे होते हैं। खरगोश जमीन के अंदर बिल बनाकर रहना पसंद करते हैं, जबकि खरहे अक्सर जमीन पर ही घास या झाड़ियों के बीच अपना ठिकाना बनाते हैं। खरहे तेज दौड़ने और लंबी छलांग लगाने के लिए भी जाने जाते हैं।
2. मेंढक और टोड (Frog vs Toad)
मेंढक और टोड दोनों उभयचर जीव हैं, यानी ये पानी और जमीन दोनों जगह रह सकते हैं। हालांकि, इनके शरीर और रहने के तरीके में कुछ खास अंतर होते हैं।
मेंढक की त्वचा आमतौर पर चिकनी और नम होती है, जबकि टोड की त्वचा अपेक्षाकृत सूखी और दानेदार दिखाई देती है। मेंढकों के पिछले पैर अक्सर लंबे होते हैं, जिससे वे लंबी छलांग लगाने और तैरने में मदद लेते हैं। वहीं टोड के पैर आमतौर पर छोटे और मजबूत होते हैं।
मेंढक अक्सर तालाबों, झीलों और पानी के आसपास दिखाई देते हैं, जबकि कई टोड प्रजातियां जमीन पर ज्यादा समय बिताती हैं। इनके अंडे देने के तरीके में भी अंतर हो सकता है। मेंढक आमतौर पर पानी में अंडे देते हैं, जबकि टोड की कई प्रजातियां अंडों को लंबी रस्सी जैसी कतारों में देती हैं।
3. जलीय कछुआ और स्थलीय कछुआ (Turtle vs Tortoise)
कछुओं की दुनिया में भी कई ऐसी प्रजातियां हैं जिन्हें लोग एक ही समझ लेते हैं। अंग्रेजी में पानी में रहने वाले कछुओं के लिए आमतौर पर टर्टल (Turtle) और जमीन पर रहने वाले कछुओं के लिए टॉरटॉइज (Tortoise) शब्द इस्तेमाल किया जाता है।
जलीय कछुए अपना काफी समय पानी में बिताते हैं। इनके पैर तैरने के अनुकूल होते हैं और कुछ प्रजातियों के पैरों में झिल्ली होती है। समुद्री कछुओं के पैर तो चप्पू जैसे बन जाते हैं, जिनकी मदद से वे पानी में आसानी से तैरते हैं।
दूसरी ओर, जमीन पर रहने वाले कछुओं के पैर मजबूत और मोटे होते हैं। उनका खोल आमतौर पर भारी और गुंबद जैसा होता है। वे पानी में तैरने के बजाय जमीन पर चलने के लिए अधिक अनुकूल होते हैं।
4. चींटी और दीमक (Ant vs Termite)
चींटी और दीमक दोनों छोटे जीव हैं और कई बार इनके झुंड को देखकर पहचानना मुश्किल हो जाता है। लेकिन ध्यान से देखने पर इनके बीच कई अंतर नजर आते हैं।
चींटी के शरीर में कमर का हिस्सा पतला दिखाई देता है, जबकि दीमक का शरीर आमतौर पर बिना स्पष्ट पतली कमर के होता है। चींटियों के एंटीना मुड़े हुए होते हैं, जबकि दीमक के एंटीना सीधे और मोतियों की माला जैसे दिखाई दे सकते हैं।
पंख वाली चींटियों के आगे के पंख पीछे के पंखों से बड़े होते हैं। इसके विपरीत प्रजनन करने वाली पंखदार दीमकों के दोनों जोड़े पंख लगभग समान आकार के होते हैं।
इनके खानपान में भी बड़ा अंतर है। चींटियां कई तरह के भोजन पर निर्भर रहती हैं, जबकि दीमक की कई प्रजातियां लकड़ी और पौधों में मौजूद सेल्यूलोज को खाती हैं। इसी वजह से कुछ दीमक घरों और लकड़ी के सामान को नुकसान पहुंचा सकती हैं।
5. पतंगा और तितली (Moth vs Butterfly)
पतंगा और तितली दोनों लेपिडोप्टेरा (Lepidoptera) गण के सदस्य हैं। इनके पंखों पर छोटे-छोटे शल्क होते हैं, जिनकी वजह से इनके पंख रंगीन दिखाई देते हैं। हालांकि, दोनों की पहचान करने के कुछ आसान तरीके हैं।
तितलियां अक्सर दिन के समय सक्रिय रहती हैं और आराम करते समय अपने पंखों को ऊपर की ओर समेटकर रखती हैं। वहीं पतंगों की कई प्रजातियां रात में सक्रिय होती हैं और आराम के समय अपने पंख शरीर के ऊपर फैला सकती हैं या छत जैसी आकृति में रखती हैं।
तितलियों के एंटीना के सिरों पर अक्सर छोटी गांठ जैसी बनावट होती है, जबकि पतंगों के एंटीना कई बार पंख जैसे या कंघी की तरह दिखाई देते हैं। हालांकि, सभी प्रजातियों में यह अंतर एक जैसा नहीं होता।
6. तेंदुआ और चीता (Leopard vs Cheetah)
तेंदुआ और चीता दोनों बड़ी बिल्लियों की श्रेणी में आते हैं और इनके शरीर पर काले धब्बे होते हैं। इसी वजह से कई लोग इन्हें पहचानने में गलती कर बैठते हैं। लेकिन इनके शरीर की बनावट और धब्बों का पैटर्न अलग होता है।
चीते के शरीर पर छोटे-छोटे गोल काले धब्बे होते हैं और उसकी आंखों के कोनों से मुंह की ओर काली धारियां जाती हैं। इन धारियों को देखकर चीते की पहचान आसानी से की जा सकती है। उसका शरीर पतला, पैर लंबे और छाती गहरी होती है। यह जमीन पर दौड़ने वाले सबसे तेज जीवों में से एक है।
दूसरी ओर, तेंदुए के शरीर पर गुलाब जैसी आकृति वाले धब्बे होते हैं, जिन्हें रोसेट कहा जाता है। उसका शरीर चीते से ज्यादा मजबूत होता है और वह पेड़ों पर चढ़ने में भी माहिर होता है। तेंदुआ अपने शिकार को पेड़ पर ले जाकर भी रख सकता है।
7. खच्चर और गधा (Mule vs Donkey)
खच्चर और गधे को भी कई लोग एक जैसा समझ लेते हैं, लेकिन दोनों में बड़ा अंतर है। गधा एक अलग जानवर है, जबकि खच्चर घोड़े और गधे के संकरण से पैदा होता है।
आमतौर पर खच्चर नर गधे और मादा घोड़ी की संतान होता है। इसमें गधे और घोड़े दोनों के गुण दिखाई देते हैं। खच्चर मजबूत, मेहनती और कठिन रास्तों पर सामान ढोने में सक्षम होता है।
अधिकांश नर और मादा खच्चर संतान पैदा करने में सक्षम नहीं होते, क्योंकि उनके गुणसूत्रों की संख्या घोड़े और गधे से अलग होती है। गधा अपनी अलग प्रजाति का जानवर है और सामान्य रूप से प्रजनन कर सकता है।
8. मगरमच्छ और एलिगेटर (Crocodile vs Alligator)
मगरमच्छ और एलिगेटर दोनों पानी में रहने वाले बड़े शिकारी जीव हैं। इनके शरीर और व्यवहार में समानता होने के कारण लोग अक्सर इन्हें एक ही समझ लेते हैं।
इन दोनों को पहचानने का एक आसान तरीका इनके मुंह की बनावट है। मगरमच्छ का थूथन आमतौर पर V आकार का और नुकीला होता है, जबकि एलिगेटर का थूथन चौड़ा और U आकार का दिखाई देता है।
मगरमच्छ का मुंह बंद होने पर भी नीचे के जबड़े का चौथा दांत अक्सर बाहर दिखाई देता है। एलिगेटर में यह दांत आमतौर पर ऊपरी जबड़े के भीतर छिपा रहता है।
मगरमच्छ खारे और मीठे दोनों तरह के पानी में रहने की क्षमता रखते हैं, जबकि एलिगेटर मुख्य रूप से मीठे पानी के क्षेत्रों में पाए जाते हैं।
9. घरेलू कुत्ता और डिंगो (Dog vs Dingo)
घरेलू कुत्ते और डिंगो दोनों कैनिडे (Canidae) परिवार के सदस्य हैं। डिंगो को ऑस्ट्रेलिया का जंगली कुत्ता कहा जाता है। इसकी बनावट कई घरेलू कुत्तों जैसी होती है, लेकिन इसका व्यवहार और जीवनशैली अलग है।
डिंगो आमतौर पर ऑस्ट्रेलिया के जंगलों, घास के मैदानों और रेगिस्तानी इलाकों में पाए जाते हैं। ये खरगोश, छोटे स्तनधारी जीव और दूसरे उपलब्ध शिकार पर निर्भर रहते हैं। कुछ जगहों पर ये झुंड में भी रहते हैं, जबकि कई बार अकेले शिकार करते हैं।
घरेलू कुत्ते इंसानों के साथ रहने और उनकी देखभाल में ढल चुके हैं। इन्हें दुनिया के लगभग हर हिस्से में पालतू जानवर के रूप में देखा जा सकता है। इनके आकार, रंग और व्यवहार में भी नस्ल के अनुसार काफी अंतर होता है।
10. लोमड़ी और भेड़िया (Fox vs Wolf)
लोमड़ी और भेड़िया दोनों एक ही कैनिडे परिवार से संबंध रखते हैं। इनके परिवार में घरेलू कुत्ते और सियार जैसे जीव भी शामिल हैं। हालांकि, लोमड़ी और भेड़िये के आकार और व्यवहार में काफी अंतर होता है।
भेड़िया आमतौर पर लोमड़ी से काफी बड़ा और ताकतवर होता है। वह कई बार झुंड में रहकर शिकार करता है और उसके झुंड में परिवार के सदस्य शामिल हो सकते हैं। लोमड़ी का शरीर छोटा, थूथन नुकीला और पूंछ घनी होती है। वह अक्सर अकेले या छोटे पारिवारिक समूह में रहना पसंद करती है।
लोमड़ियों की कई प्रजातियां दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में पाई जाती हैं। वहीं भेड़ियों की प्रजातियां मुख्य रूप से उत्तरी गोलार्ध के कई क्षेत्रों में रहती हैं। दोनों ही अपने वातावरण के अनुसार अलग-अलग तरह के भोजन पर निर्भर रहते हैं।
इन जानवरों में अंतर जानना क्यों है दिलचस्प?
प्रकृति में कई जीव ऐसे हैं जो पहली नजर में एक जैसे दिखाई देते हैं, लेकिन उनकी छोटी-छोटी विशेषताएं उन्हें एक-दूसरे से अलग बनाती हैं। कभी उनके पैरों की बनावट, कभी शरीर पर बने निशान और कभी उनके रहने का तरीका उनकी पहचान बता देता है।
अगली बार जब आपको चीता और तेंदुआ, खरगोश और खरहा या मगरमच्छ और एलिगेटर दिखाई दें, तो केवल उनकी बाहरी समानता देखकर उन्हें एक जैसा न समझें। प्रकृति की असली दिलचस्पी तो इन्हीं छोटे-छोटे अंतरों में छिपी है।
— Satya Report



