
कई बार कड़ी मेहनत के बावजूद मनचाही सफलता नहीं मिलती या घर में तनाव और आर्थिक समस्याएं बनी रहती हैं। वास्तु शास्त्र के अनुसार इसके पीछे घर में मौजूद नकारात्मक ऊर्जा और वास्तु दोष भी एक कारण हो सकते हैं। मान्यता है कि कुछ सरल उपाय अपनाकर इन दोषों के प्रभाव को कम किया जा सकता है और सुख-समृद्धि के रास्ते खोले जा सकते हैं। यहां जानिए कुछ ऐसे ही आसान और असरदार उपायों के बारे में।
मुख्य द्वार पर गणेश जी
वास्तु शास्त्र में मुख्य द्वार को ऊर्जा का प्रवेश द्वार माना गया है। मान्यता है कि मुख्य दरवाजे पर भगवान गणेश की प्रतिमा लगाने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और बाधाएं दूर होती हैं। इससे परिवार में सुख-शांति और समृद्धि बनी रहती है।
बीम के नीचे न बैठें
वास्तु शास्त्र के अनुसार बीम के ठीक नीचे बेड, सोफा या कार्यस्थल रखना उचित नहीं माना जाता। ऐसा करने से मानसिक तनाव और असहजता महसूस हो सकती है। यदि स्थान बदलना संभव न हो तो वास्तु उपायों की मदद ली जा सकती है।
घर के कोने रखें साफ
घर के कोनों में धूल, गंदगी या मकड़ी के जाले जमा होना शुभ नहीं माना जाता। इसलिए मुख्य द्वार, ब्रह्म स्थान और अन्य कोनों की नियमित सफाई करते रहें। घर की छत और सीढ़ियों को भी साफ-सुथरा रखें। टूटे-फूटे सामान, कबाड़ या सूखे पौधे नकारात्मक ऊर्जा को बढ़ा सकते हैं। वहीं, साफ और व्यवस्थित स्थान सकारात्मक वातावरण बनाने में सहायक होता है।
लीकेज और सीलन करें दूर
वास्तु शास्त्र में पानी को समृद्धि का प्रतीक माना गया है। घर में पानी का रिसाव या दीवारों में सीलन होना वास्तु की दृष्टि से शुभ नहीं माना जाता। मान्यता है कि इससे आर्थिक परेशानियां बढ़ सकती हैं। इसलिए घर में कहीं भी लीकेज दिखाई दे तो उसे जल्द ठीक कराना बेहतर माना जाता है।



