IndiaUttar Pradesh

​एयरपोर्ट की तर्ज पर डवलप होंगे UP के ये 5 बस अड्डे, घुसते ही होगा अनूठा एहसास; मिलेंगी ये सुविधाएं

वह दिन दूर नहीं, जब उत्तर प्रदेश के बस अड्डे भी एयरपोर्ट जैसा फील कराएंगे. इन बस अड्डों में घुसकर लोग एक बार कंफ्यूज भी हो सकते हैं कि वह कहीं वह सही में एयरपोर्ट तो नहीं आ गए. जी हां, अपने यात्रियों को कुछ इस तरह का फील कराने के लिए उत्तर प्रदेश परिवहन निगम ने व्यापक प्लान तैयार किया है. इस प्लान को पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर सबसे पहले लखनऊ में दो और एनसीआर के तीन बस अड्डों को डवलप किया जाएगा.

​एयरपोर्ट की तर्ज पर डवलप होंगे UP के ये 5 बस अड्डे, घुसते ही होगा अनूठा एहसास; मिलेंगी ये सुविधाएं

परिवहन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक पायलट प्रोजेक्ट के लिए लखनऊ के दो बस अड्डों जानकीपुरम और कैसरबाग को चुना गया है. वहीं एनसीआर में नोएडा, खुर्जा और बुलंदशहर के बस स्टेशन को PPP मॉडल पर विकसित किया जाएगा. इन पांचों बस स्टेशनों को आधुनिक सुविधाओं से लैस प्रीमियम बस स्टेशन के रूप में तैयार किया जाएगा. परिवहन निगम ने पांचों बस स्टेशनों के कायाकल्प का प्रस्ताव मंजूरी के लिए शासन को प्रस्ताव भेज दिया है.

कैबिनेट की मंजूरी के बाद होगा काम

अधिकारियों के मुताबिक मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में होने वाली अगली कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव पर मुहर लगने की संभावना है. इसके बाद प्रोजेक्ट पर काम शुरू कर दिया जाएगा. बताया जा रहा है कि इस प्रोजेक्ट के दूसरे चरण में प्रदेश के 49 बस स्टेशनों के कायाकल्प के लिए टेंडर मांगे गए थे. इसके 13 आवेदन आए, लेकिन जांच के बाद केवल पांच का ही चयन हुआ है. इस प्रोजेक्ट के तहत इस डवलपमेंट का पूरा खर्च निजी कंपनियां उठाएंगी. इसके लिए उन्हें बस स्टेशन 90 वर्ष की लीज पर दिए जाएंगे.

ये होंगी सुविधाएं

योजना के मुताबिक चयनित बस स्टेशनों पर यात्रियों के लिए AC वेटिंग हॉल, आधुनिक टिकट काउंटर, डिजिटल डिस्प्ले, साफ शौचालय और लगेज काउंटर की सुविधा होगी. इसके अलावा रेस्टोरेंट, कॉफी शॉप, फास्ट फूड आउटलेट, शॉपिंग, होटल, मेडिकल स्टोर, बैंक और ATM जैसी सुविधाएं भी होंगी. यहां इलेक्ट्रिक बस चार्जिंग, बस पार्किंग, टैक्सीऑटो स्टैंड, सार्वजनिक पार्किंग, पुलिस बूथ, सुरक्षा और अग्निशमन की व्यवस्था होगी.

पहले चरण में जारी है काम

अधिकारियों के मुताबिक इस योजना से परिवहन निगम को काम शुरू होने से पहले ₹207.67 करोड़ की आया होगी. वहीं बाद में हर साल विभाग को वार्षिक शुल्क मिलता रहेगा. बता दें कि इस योजना के पहले चरण में लखनऊ के विभूतिखंड, चारबाग और अमौसी समेत प्रदेश के 23 बस स्टेशनों पर डवलपमेंट का काम चल रहा है. उम्मीद है कि इन स्टेशनों का काम इसी साल पूरा कर लिया जाएगा.

contact.satyareport@gmail.com

Leave a Reply