
डायबिटीज या लंबे समय तक बढ़ा हुआ ब्लड शुगर शरीर के अलग-अलग हिस्सों को प्रभावित कर सकता है। कुछ लोगों में इसके संकेत त्वचा, हाथों और उंगलियों पर भी दिखाई दे सकते हैं। हालांकि, हाथों में किसी एक बदलाव का नजर आना डायबिटीज की पुष्टि नहीं करता। इसके लिए ब्लड शुगर की जांच जरूरी होती है।
एक्सपर्ट्स के मुताबिक, कुछ त्वचा संबंधी बदलाव इंसुलिन रेजिस्टेंस या लंबे समय से बढ़े हुए ब्लड शुगर के साथ देखे जा सकते हैं। ऐसे संकेत लगातार नजर आएं तो उन्हें नजरअंदाज करने के बजाय डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है।
1. उंगलियों के जोड़ों का काला पड़ना
अगर उंगलियों के जोड़ों की त्वचा सामान्य से ज्यादा गहरी, मोटी या मखमली दिखाई देने लगे तो यह इंसुलिन रेजिस्टेंस से जुड़ा हो सकता है। इस स्थिति को एकैंथोसिस नाइग्रिकन्स कहा जाता है।
यह केवल हाथों पर ही नहीं, बल्कि गर्दन, बगल और शरीर की दूसरी जगहों पर भी दिखाई दे सकती है। हालांकि, भारतीय त्वचा में नकल्स का थोड़ा गहरा होना सामान्य भी हो सकता है। चिंता तब ज्यादा होती है जब रंग के साथ त्वचा मोटी या मखमली भी महसूस हो।
2. हाथ या शरीर पर स्किन टैग्स
स्किन टैग्स त्वचा पर दिखाई देने वाली छोटी और नरम लटकन जैसी संरचनाएं होती हैं। ये अक्सर गर्दन, बगल, पलकों और त्वचा की सिलवटों में दिखाई देती हैं।
कुछ अध्ययनों में स्किन टैग्स और इंसुलिन रेजिस्टेंस के बीच संबंध देखा गया है। हालांकि, स्किन टैग्स सिर्फ डायबिटीज के कारण नहीं होते। इसलिए इन्हें देखकर खुद से डायबिटीज की पुष्टि नहीं करनी चाहिए।
3. उंगलियों का अटकना या लॉक होना
अगर उंगली मोड़ने के बाद अटकती है और सीधी करते समय झटके से खुलती है, तो इसे ट्रिगर फिंगर कहा जा सकता है। डायबिटीज वाले लोगों में इस समस्या का जोखिम कुछ अधिक हो सकता है।
इसमें उंगली में दर्द, जकड़न या उसे मोड़ने-सीधा करने में परेशानी हो सकती है। हालांकि, ट्रिगर फिंगर के कई दूसरे कारण भी हो सकते हैं।
4. हाथ-पैरों में झुनझुनी या सुन्नपन
लंबे समय तक ब्लड शुगर बढ़ा रहने पर नसों को नुकसान पहुंच सकता है, जिसे डायबिटिक न्यूरोपैथी कहा जाता है।
इसमें हाथ-पैरों में झुनझुनी, जलन, सुन्नपन या चुभन जैसा महसूस हो सकता है। इसके लक्षण अक्सर पैरों से शुरू होते हैं और बाद में हाथों तक भी पहुंच सकते हैं।
5. बिना चोट के फफोले
डायबिटीज से जुड़ी एक दुर्लभ त्वचा समस्या बुलोसिस डायबिटिकरम है। इसमें बिना किसी स्पष्ट चोट या जलने के हाथों या पैरों पर फफोले दिखाई दे सकते हैं। ये फफोले कई बार दर्द रहित भी होते हैं।
ऐसा फफोला दिखाई देने पर उसे खुद से फोड़ने से बचें और डॉक्टर से सलाह लें। डायबिटीज में त्वचा की चोट और संक्रमण का जोखिम बढ़ सकता है।
6. हाथों पर छोटे पीले दाने
हाथों, कोहनी या शरीर के दूसरे हिस्सों पर अचानक छोटे-छोटे पीले या मोती जैसे दाने गुच्छों में दिखाई दें तो यह इरेक्टिव जैंथोमास हो सकता है।
इनका संबंध खून में बहुत ज्यादा ट्राइग्लिसराइड्स से हो सकता है। ऐसे बदलाव दिखाई देने पर डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है, क्योंकि बहुत ज्यादा ट्राइग्लिसराइड्स स्वास्थ्य के लिए जोखिम पैदा कर सकते हैं।
हाथों के इन बदलावों पर कौन सी जांच कराएं?
अगर हाथों की त्वचा में असामान्य बदलाव के साथ ज्यादा प्यास लगना, बार-बार पेशाब आना, थकान, नजर धुंधली होना या वजन में बिना वजह बदलाव जैसे लक्षण भी दिखाई दे रहे हैं, तो डॉक्टर से ब्लड शुगर की जांच के बारे में बात करें।
डायबिटीज और प्रीडायबिटीज की जांच के लिए आमतौर पर फास्टिंग ब्लड ग्लूकोज और HbA1c जैसे टेस्ट इस्तेमाल किए जाते हैं। डॉक्टर आपकी स्थिति के अनुसार दूसरे टेस्ट भी बता सकते हैं।
सिर्फ हाथ देखकर डायबिटीज की पुष्टि नहीं होती
हाथों पर काले निशान, स्किन टैग्स, उंगलियों का अटकना या झुनझुनी कई अन्य कारणों से भी हो सकती है। इसलिए किसी एक लक्षण को देखकर यह मान लेना सही नहीं है कि व्यक्ति को डायबिटीज है।
अगर ऐसे बदलाव लगातार बने हुए हैं या उनके साथ दूसरे लक्षण भी दिखाई दे रहे हैं, तो समय पर डॉक्टर से जांच कराना बेहतर है।
डिस्क्लेमर: यह लेख सामान्य स्वास्थ्य जानकारी के लिए है। हाथों या त्वचा में दिखने वाले किसी भी बदलाव को डायबिटीज की पक्की पहचान न मानें। सही स्थिति जानने के लिए ब्लड शुगर की जांच और डॉक्टर की सलाह जरूरी है।



