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​‘चलाए लाठी-डंडे, पत्थर फेंके…’ कातिल ऋषभ शुक्ला की 3 बहनें भी अरेस्ट; लखनऊ ट्रिपल मर्डर केस में बड़ा खुलासा

Lucknow Triple Murder Case: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के सआदतगंज इलाके में एक ही परिवार के तीन लोगों को गोली मार दी गई. ये घटना इलाके के ब्राह्मणी टोला मोहल्ले में हुई. कार पार्किंग और चबूतरा बनाने को लेकर हुए मामूली विवाद में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के नेता शिवाजी तिवारी , उनके बेटे सुयश और भाई शिवेंद्र की सोमवार दोपहर को गोली मारकर हत्या कर दी गई.

​‘चलाए लाठी-डंडे, पत्थर फेंके…’ कातिल ऋषभ शुक्ला की 3 बहनें भी अरेस्ट; लखनऊ ट्रिपल मर्डर केस में बड़ा खुलासा

इस ट्रिपल मर्डर केस में पुलिस ने तीन युवतियों समेत चार लोगों की गिरफ्तारी की है. हत्या का मुख्य आरोपी मर्चेंट नेवी का कर्माचारी ऋषभ शुक्ला बताया जा रहा है. गिरफ्तार आरोपियों में ऋषभ भी शामिल है. पुलिस के अनुसार, दोनों पक्षों में कार पार्किंग और बरगद के पेड़ के नीचे चबूतरे के निर्माण को लेकर लगभग एक माह से विवाद चल रहा था. इस वारदात ने पूरे इलाके में सनसनी मचा दी.

आरोपी उसके पिता और चाचा पर गुंडा एक्ट लगा

पुलिस ने ट्रिपल मर्डर मामले में शिवेंद्र की पत्नी रुचि तिवारी की शिकायत के आधार पर आठ लोगों को नामजद किया है. इनमें राजेश शुक्ला, ऋषभ शुक्ला, गिरीश शुक्ला, दिनेश शुक्ला, मुन्ना शुक्ला, दिव्या शुक्ला, प्रिया और अदिति के नाम शामिल हैं. दिनेश शुक्ला आरोपी ऋषभ का पिता है और राजेश शुक्ला आरोपी का चाचा है. तीनों के खिलाफ गुंडा एक्ट में केस दर्ज किया गया है.

गिरीश शुक्ला और बहन दिव्या शुक्ला, प्रिया और अदिति के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है. आरोपी ऋषभ और उसकी तीनों बहनों से पूछताछ की जा रही है. पुलिस कमिश्नर तरुण गाबा समेत कई बड़े पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया. फॉरेंसिक टीम से सबूत जुटाए हैं. पुलिस के अनुसार, शिवाजी तिवारी बीते जून माह में स्टेनो के पद से रिटायर हुए थे.

आरोपी ने शिवाजी को बुलाया

बेटे सुयश की बाजारखाला में इलेक्ट्रॉनिक्स की दुकान थी. भाई शिवेंद्र उर्फ शंभू लखनऊ विश्वद्यालय के न्यू कैंपस में बाबू थे. सोमवार सुबह सुयश की कार घर के पास स्थित शिवाला के सामने खड़े थी. सुबह साढ़े दस बजे शिवाजी घर के सामने शिवाला पर जल चढ़ाने गए थे. उनको मंदिर से उतरते देख पड़ोसी ऋषभ ने उनको आवाज दी और बुलाया. आरोपी के बुलाने पर शिवाजी पहुंचे.

इसके बाद ऋषभ ने मंदिर के सामने कार खड़ी करने का विरोध करते हुए गालीगलौज करने लगा. शिवाजी ने जब ऋषभ का विरोध किया तो वो बोला कि देखा बरगद के नीचे चबूतरा नहीं बनाने दिया. इसके बाद उसने शिवाजी को धक्का दिया और फोन से वीडियो बनाने लगा. शिवाजी के शोर मचाने पर उनके भाई शिवेद्र पहुंच गए. फिर ऋषभ ने तीनों बहनों को इशारा किया और असलहा मंगवाया.

आरोपित पक्ष की ओऱ चलाए गए लाठीडंडे

ऋषभ की बहनें, पिता और चाचा लाठीडंडे चलाने लगे. दिव्या और प्रिया ने पथराव किया. आरोपी ने पहले शिवाजी को गोली मारी. फिर उनके भाई शिवेंद्र को गोली मारी. शोर सुनकर बेटा सुयश पहुंचा तो उसको भी गोली मार दी. तीनों खून से लथपथ होकर गिर पड़े. तीनों को ट्रॉमा सेंटर में मृतक घोषित कर दिया गया. सुश की पांच दिसंबर को शादी होने वाली थी.

घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस पहुंची और आरोपियों को मौके से ही गिरफ्तार कर लिया गया. मोहल्ले में तनाव को देखते हुए बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है.

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